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    शहर से देहात तक भाजपाइयों ने फूंके सपा-कांग्रेस के पुतले:महिला आरक्षण को लेकर विपक्ष को घेरा, महिला विरोधी होने के लगाए आरोप

    2 hours ago

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    महिला आरक्षण बिल पास न होने पर विपक्ष के खिलाफ भाजपा का आक्रोश थम नहीं रहा है। गुरुवार को शहर से लेकर देहात तक प्रदर्शन हुए। इस दौरान सपा और कांग्रेस के पुतले फूंके गए। दोनों पार्टियों पर महिला विरोधी होने के आरोप लगाए। राहुल गांधी और अखिलेश यादव के खिलाफ नारेबाजी की। भाजपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता के नेतृत्व में बोदला चौराहा पर प्रदर्शन किया गया। यहां राहुल गांधी और अखिलेश यादव के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। राहुल गांधी और अखिलेश यादव का पुतला भी फूंका। राजकुमार गुप्ता ने कहा-सपा और कांग्रेस ने महिलाओं का अपमान किया हैं। वे इसका बदला लेंगी। सपा और कांग्रेस ने संसद में महिला आरक्षण अधिनियम पास नहीं होने दिया। इसी के विरोध में जन आक्रोश सम्मेलन हो रहा है। महिलाओं में सपा और कांग्रेस के प्रति आक्रोश है। महिलाओं ने मन बना लिया है कि वे ऐसी पार्टियों का सपोर्ट नहीं करेंगी, जो महिलाओं के हक का विरोध करती हैं। जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया के नेतृत्व में किरावली में सपा और कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। यहां काफी संख्या में महिलाएं एकत्रित थीं। जिलाध्यक्ष ने कहा-विपक्ष ने इस बिल का ही विरोध नहीं किया है, उन्होंने देश की सभी महिलाओं का अपमान किया है। 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव और 2029 में होने वाले लोकसभा चुनाव में महिलाएं इसका बदला लेंगी। ये परिवारवादी पार्टियां हैं। ये नहीं चाहते हैं कि महिलाएं आगे बढ़ें। ये नहीं चाहते है कि महिलाएं देश की तरक्की में अपना योगदान दें। शाहदरा क्षेत्र में भाजयुमो द्वारा विपक्ष के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। यहां भी राहुल गांधी और अखिलेश यादव के पुतले फूंके गए। पास नहीं हो पाया था बिल महिलाओं को 33 फीसद आरक्षण देने के लिए संसद में बिल पास नहीं हो सका था। संसद में दो दिन तक चली बहस के बाद 17 अप्रैल को वोटिंग हुई थी। इसके पक्ष में 298, जबकि विपक्ष में 230 वोट पड़े थे। संविधान संशोधन विधेयक होने के कारण इसे पारित होने के लिए 352 सदस्यों का समर्थन चाहिए था, मगर सरकार यह संख्या नहीं हासिल कर पाई थी। भाजपा ने इस बिल के पास न होने पर सपा और कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया था। इसके लेकर भाजपा न सिर्फ पदयात्राएं निकाल रही है बल्कि सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। महिलाओं को जागरूक किया जा रहा है।
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