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    सर्किट हाउस में लगता था जमीनों का 'बाजार':बसपा के पूर्व दर्जा मंत्री पन्नालाल ने सरकारी रसूख के दम पर किसानों से ठगे करोड़ों

    3 hours ago

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    बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सरकार में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री रहे 25 हजार के इनामी पन्नालाल कश्यप की मंगलवार को हुई गिरफ्तारी के साथ ही उसके करोड़ों रुपये के भू-माफिया सिंडिकेट की परतें खुलने लगी हैं। मेरठ से कार में भागते वक्त दबोचे गए पन्नालाल का पूरा साम्राज्य 'राजनीतिक रुतबे, सरकारी संसाधनों और फर्जीवाड़े' के कॉकटेल पर टिका था। पुलिस तफ्तीश में सामने आया है कि पन्नालाल और उसके गुर्गे सरकारी सर्किट हाउस और पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस को अपने कॉरपोरेट ऑफिस की तरह इस्तेमाल करते थे, जहां जमीनों के फर्जी सौदे तय किए जाते थे। सरकारी रुतबे का जाल: ऐसे होता था ‘शिकार’ पन्नालाल का काम करने का तरीका बेहद शातिराना था। वह केवल कागजों पर जमीन दिखाता था और क्लाइंट्स को फांसने का जिम्मा उसके नेटवर्क के पास था। VIP भौकाल से अंधा भरोसा: पन्नालाल के गुर्गे (जैसे भोजीपुरा का पूर्व प्रधान महिपाल यादव) भोले-भाले किसानों और निवेशकों को फर्जी या दूसरों की जमीनों में भारी मुनाफे का लालच देकर लाते थे। सर्किट हाउस में डील: मीटिंग के लिए कोई आम जगह नहीं, बल्कि सर्किट हाउस या PWD गेस्ट हाउस को चुना जाता था। वहां पन्नालाल का सरकारी सिक्योरिटी, गाड़ियों का काफिला और VIP भौकाल देखकर शिकार बिना किसी झिझक के करोड़ों की डील कर लेता था। फर्जी ID और आधार का खेल: डील पक्की होते ही फर्जी नाम और फर्जी आधार कार्डों के जरिए अनुबंध करा लिए जाते थे। एडवांस रकम ऐंठने के बाद जब पीड़ित अपनी रकम या जमीन मांगते, तो उन्हें जान से मारने की धमकियां दी जाती थीं। बरामदगी: लक्जरी लाइफस्टाइल: 1 राडो घड़ी, 2 वीवो मोबाइल और बलेनो कार। दस्तावेज व हथियार लाइसेंस: 1 पासपोर्ट, रिवॉल्वर व राइफल के 2 लाइसेंस प्रपत्र। सरकारी रुतबे का दिखाया जाता था 'भौकाल', ऐसे फंसते थे शिकार पन्नालाल के काम करने का तरीका बेहद शातिराना था। वह कागजों पर दूसरों की जमीन दिखाकर उसकी सौदेबाजी कर देता था। उसके गिरोह में शामिल स्थानीय गुर्गे और सफेदपोश (जैसे भोजीपुरा का एक पूर्व प्रधान) देहात और आसपास के इलाकों से भोले-भाले किसानों व निवेशकों को ढूंढकर लाते थे। उन्हें होटल या फैक्टरी लगाने पर भारी मुनाफे का झांसा दिया जाता था। पन्नालाल अपनी छवि और कद दिखाने के लिए शिकार को किसी आम जगह नहीं, बल्कि सर्किट हाउस या पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में बुलाता था। वहां उसका सरकारी सुरक्षा, गाड़ियों का काफिला और वीआईपी भौकाल देखकर लोग आसानी से झांसे में आ जाते थे और करोड़ों की डील पक्की कर लेते थे। फर्जी आधार कार्ड का खेल और एडवांस ऐंठकर जान से मारने की धमकी डील पक्की होते ही पन्नालाल और उसका गैंग फर्जी पहचान पत्रों और फर्जी आधार कार्डों के सहारे अनुबंध पत्र तैयार करवा लेता था। निवेशकों से एडवांस के नाम पर लाखों-करोड़ों रुपये ऐंठ लिए जाते थे। जब पीड़ितों को ठगी का अहसास होता या वे अपनी रकम व जमीन की रजिस्ट्री मांगते, तो पन्नालाल उन्हें अपने रसूख का डर दिखाता था। विरोध करने पर पीड़ितों को जान से मारने की धमकियां दी जाती थीं। इस नेटवर्क का शिकार हुए दर्जनों किसान और व्यापारी अपनी गाढ़ी कमाई गंवाने के बाद थानों के चक्कर काटने को मजबूर हो गए। 38 मुकदमों का नेटवर्क: गाजियाबाद से बरेली तक फैला था ठगी का सिंडिकेट पन्नालाल कश्यप पर सिर्फ बरेली ही नहीं, बल्कि गाजियाबाद समेत प्रदेश के कई जिलों में ठगी, अमानत में खयानत, धोखाधड़ी और बिजली चोरी के करीब 38 मामले दर्ज हैं। सरकार बदलते ही जब पन्नालाल का राजनीतिक रसूख कमजोर पड़ा, तो पीड़ितों ने हिम्मत जुटानी शुरू की और एक के बाद एक शिकायतें सामने आने लगीं। गाजियाबाद के नंदग्राम का रहने वाला बीटेक और एलएलबी पास यह आरोपी पुलिस से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। गाजियाबाद में पुलिस की दबिश से ठीक पहले वह भाग निकला था, लेकिन क्राइम ब्रांच की टीम ने लोकेशन ट्रैक कर उसे मेरठ-गाजियाबाद मार्ग से दबोच लिया। पन्नालाल कश्यप मामला: जानिए कब क्या हुआ (टाइमलाइन) वर्ष 2007: बसपा सरकार के दौरान पन्नालाल कश्यप को दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री का पद मिला, यहीं से उसने अपना राजनीतिक रसूख बनाना शुरू किया। अगस्त 2023: ठगी के शिकार पीड़ितों (सईम खान और अनिल कुमार सिंह) की तहरीर पर बरेली के भोजीपुरा थाने में पन्नालाल और उसके गैंग के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज और रंगदारी की बड़ी शिकायतें दर्ज हुईं। वर्ष 2024-2026 (शुरुआती माह): पन्नालाल लगातार फरार रहा। बरेली और गाजियाबाद में उसके खिलाफ मुकदमों की संख्या बढ़कर 38 तक पहुंची। एसएसपी बरेली ने उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। 15 सितंबर 2026 : गाजियाबाद से चकमा देकर भागे पन्नालाल कश्यप को बरेली क्राइम ब्रांच ने मेरठ के परतापुर मेट्रो स्टेशन के पास बलेनो कार से गिरफ्तार कर लिया। 16 सितंबर 2026: पुलिस पूछताछ के बाद आरोपी पन्नालाल को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया; अब उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य सफेदपोशों की तलाश जारी है।
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