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    सौरभ हत्याकांड में 12 मई को फाइनल बहस:अंतिम गवाहों की गवाही भी साहिल के खिलाफ, जल्द केस में आएगा फैसला

    13 hours ago

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    मेरठ के चर्चित नीले ड्रम केस सौरभ हत्याकांड में अब साहिल-मुस्कान का बचना पूरी तरह नामुमकिन हो चुका है। साहिल की वकील ने उसके बचाव के लिए अंतिम कोशिश करते हुए जिन गवाहों को मंगलवार को कोर्ट में बुलवाया था उनकी गवाही साहिल के अगेंस्ट आई है। बचाव पक्ष का ये पैंतरा भी अदालत में फेल हो गया। ये तय हो गया है कि साहिल और मुस्कान अब सजा से नहीं बच पाएंगे। बता दें कि मुकदमे में सुनवाई की अगली तारीख 12 मई लगी है। इस दिन फाइनल बहस होगी। संभावना है कि फाइनल बहस के बाद अगली तारीख पर साहिल, मुस्कान को सजा हो जाएगी। संभवत: मई में ही दोनों को सजा मिल जाए। आज की सुनवाई में जो हुआ वो पढ़िए दरअसल पिछली तारीख पर जब अदालत में 313 की कार्रवाई हुई थी तब साहिल ने अपने बचाव में अपना पक्ष रखने की मांग की थी। इसकी अनुमति के बाद साहिल की वकील रेखा जैन ने 4 गवाहों को कोर्ट में पूछताछ के लिए तलब करने की मांग की थी। इसमें से जिला जज ने कुल 3 गवाहों को तलब करने की इजाजत दी थी। ये तीन गवाह ब्रहमपुरी थाना प्रभारी, हेडमोहर्रिर और पुलिस कंट्रोल रूम वायरलेस के प्रभारी थे। तीनों को आज मंगलवार 5 मई को अदालत में तलब किया गया। जिसमें ब्रहमपुरी थाने की जीडी, 18 मार्च 2025 को घटना वाले दिन का थाने का सीसीटीवी फुटेज के साथ अदालत में बुलाया गया था। इसमें वायरलेस प्रभारी और हेडमोहर्रिर अमित कुमार मंगलवार को कोर्ट में पहुंचे। मुस्कान-साहिल की वकील ने मांगे थे 4 गवाह सौरभ की तरफ से केस लड़ रहे निजी वकील विजय बहादुर सिंह ने दैनिक भास्कर को बातचीत में बताया कि दो गवाह कोर्ट में पहुंचे थे। वायरलेस प्रभारी ने उक्त घटना वाले दिन मैसेज फ्लैश करने संबंधी सारी जानकारी दे दी। वहीं हेडमोहर्रिर अपने साथ जीडी की कॉपी लाए थे। जो अदालत में पेश किया गया है। जिसमें सौरभ हत्याकांड की घटना वाले दिन का पूरा उल्लेख मिला है। बचाव पक्ष की वकील ने थाने के सीसीटीवी दिखाने की बात कही थी, लेकिन थाने के सीसीटीवी में 13 महीनों का रिकार्ड रखना नामुमकिन है। इसलिए सीसीटीवी फुटेज अनुपलब्ध है। क्योंकि बचाव पक्ष की तरफ से पहले की तारीखों में इसकी मांग भी नहीं की गई। थाने का सीसीटीवी फुटेज नहीं होने की बात अदालत के सामने रखी गई है। जिसे स्वीकार किया गया है। आज 3 गवाहों को आना था थानाप्रभारी को सीसीटीवी फुटेज के साथ तलब किया था फुटेज न होने के कारण उनको तलब नही ंकिया गया। मुकदमे में अगली सुनवाई 12 मई को होगी। इस दिन फाइनल बहस होगी। इसके बाद केस में अदालत अपना फैसला सुनाएगी। 22 गवाहों की हो चुकी है गवाही सौरभ की तरफ से उसका केस लड़ रहे सीनियर एडवोकेट विजय बहादुर सिंह ने बताया कि इस केस में 22 एविडेंस हम करा चुके हैं। इसके बाद धारा 313 की कार्यवाही हुई है। इस सुनवाई में मुस्कान-साहिल जेल से ही ऑनलाइन वीसी के जरिए जुडेंगे। वहीं कोर्ट में साहिल की तरफ से उसकी वकील रेखा जैन कोई साक्ष्य प्रस्तुत करेंगी या फिर किसी गवाह को पेश कर सकती हैं। जिससे ये साबित हो सके कि सौरभ की हत्या वाली रात साहिल मेरठ में नहीं था। साहिल का बचना नामुमकिन हालांकि सीनियर एडवोकेट के अनुसार भले साहिल ने अपनी सफाई पेश करने की बात कही है, लेकिन उसका बचना नामुमकिन है। क्योंकि केस में सभी गवाहों के बयान हो चुके हैं। सभी हालात और गवाहों के बयान साहिल-मुस्कान के खिलाफ हैं। साहिल के बयानों में भी अब तक कहीं ये बात नहीं आई जिसमें उसने कहा हो कि वो हत्या की रात मेरठ में नहीं था।
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