Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    आयुष्मान योजना में बागपत यूपी में नंबर 1:94% परिवारों के पास है सुरक्षा कवच; अब तक 123 करोड़ रुपए के इलाज का हुआ भुगतान

    1 hour ago

    1

    0

    उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सुरक्षा के मामले में बागपत जिले ने इतिहास रच दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रही 'आयुष्मान भारत योजना' को लागू करने में बागपत प्रदेश का नंबर वन जिला बन गया है। जिले ने अपने लक्ष्य के मुकाबले 94 प्रतिशत से भी अधिक परिवारों को इस योजना से जोड़कर एक मिसाल पेश की है। अब तक यहाँ के लोगों को 123 करोड़ रुपये से अधिक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिल चुकी है। यह आंकड़ा गवाह है कि योजना केवल कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर लोगों की जान बचा रही है। इलाज के लिए कर्ज लेने की मजबूरी हुई खत्म डबल इंजन सरकार की इस पहल ने उन गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की चिंता दूर कर दी है, जो पहले बीमारी के नाम से ही कांप जाते थे। जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बताया कि जिले में साढ़े तीन लाख से ज्यादा लोग इस योजना के दायरे में आ चुके हैं। अब पात्र परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज सरकारी और निजी अस्पतालों में मिल रहा है। इससे न केवल लोगों को समय पर उपचार मिल रहा है, बल्कि उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है। श्वेता और सहाना की बदली जिंदगी आयुष्मान कार्ड कई लोगों के लिए 'जीवन रक्षक कवच' साबित हुआ है। बड़ौत की श्वेता कूल्हे की गंभीर समस्या से लाचार थीं, लेकिन 2 लाख रुपये का ऑपरेशन उनके लिए नामुमकिन था। आयुष्मान कार्ड के जरिए उनका ऑपरेशन मुफ्त हुआ और आज वे चल-फिर सकती हैं। इसी तरह ग्राम बड़ावद की सहाना को अचानक एपेंडिक्स का दर्द उठा, तो योजना ने 40 हजार रुपये के खर्च से उन्हें बचा लिया। गुर्दे की पथरी से जूझ रहे समदीन हों या महरोजा और मनोज, हजारों लोगों के लिए यह कार्ड उम्मीद की किरण बना है। ऐसे बना बागपत प्रदेश का मॉडल बागपत प्रशासन ने योजना को हर घर तक पहुंचाने के लिए खास रणनीति अपनाई। जिलाधिकारी के अनुसार, जिले के सभी वृद्धावस्था पेंशनधारकों का शत-प्रतिशत रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित किया गया। इसके साथ ही शिक्षकों, शिक्षा मित्रों और कर्मचारियों के माता-पिता को भी इस सुरक्षा दायरे में लाया गया है। जनप्रतिनिधियों के परिजनों को भी योजना से जोड़ा गया है। इस सक्रियता का नतीजा है कि बागपत आज पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक रोल मॉडल बन चुका है। अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा योजनाओं का लाभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रतिबद्धता का ही परिणाम है कि आयुष्मान योजना आज स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत आधार है। पारदर्शी व्यवस्था और सक्रिय मॉनिटरिंग के कारण अब बिचौलियों का खेल खत्म हो गया है और पैसा सीधे अस्पताल के खाते में पहुंच रहा है। बागपत की यह सफलता दर्शाती है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से पहुंचाया जा सकता है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    रवि किशन बोले- मैं पंडित आदमी, मछली नहीं खाता:गोरखपुर में योगी ने बंगाल में मछली खाने वाले बयान पर ली चुटकी
    Next Article
    यूपी में मौसम का अलर्ट, प्रशासन मुस्तैद:बिजली से हुई मौतों पर सीएम ने जताया शोक, बोले- घायलों को मिले बेहतर से बेहतर इलाज

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment