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    संभल में सरकारी जमीन पर बनी मस्जिद तोड़ने का विरोध:ग्रामीणों ने अन्य अवैध निर्माण हटाने की मांग की, बोले- मस्जिद-मदरसा अल्लाह का घर

    4 hours ago

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    संभल में 700 वर्ग मीटर सरकारी भूमि पर अवैध रूप से निर्मित गौसुल मदरसा, मस्जिद और पांच दुकानों पर कार्रवाई की गई है। राजस्व प्रशासन की पैमाइश के बाद मदरसा और पांच दुकानों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। हालांकि, मुस्लिम समुदाय के लोग मस्जिद तोड़ने का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ग्राम समाज की भूमि पर बने अन्य अवैध मकानों को पहले तोड़ा जाए, उसके बाद ही मस्जिद पर कार्रवाई की जाए। यह पूरा मामला संभल जनपद के थाना असमोली क्षेत्र के मुबारकपुर बंद गांव का है। गुरुवार को खाद के गड्ढे और खेल के मैदान पर अवैध रूप से बनाई गई मस्जिद को मुस्लिम समुदाय के लोगों ने नहीं हटाया था। प्रशासन के अल्टीमेटम के बाद मदरसा और पांच दुकानें तोड़ दी गईं। अब ग्रामीण ग्राम समाज की भूमि पर बने अन्य मकानों को तोड़ने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि पहले उन निर्माणों को हटाया जाए, उसके बाद ही मस्जिद पर कार्रवाई की जाए। गांव निवासी मुस्तकीम ने कहा कि "मस्जिद-मदरसा अल्लाह का घर हैं और इन्हें नहीं तोड़ा जाना चाहिए।" उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पहले ग्राम समाज की भूमि पर बने मकानों को तोड़ा जाए, क्योंकि उनका दावा है कि पूरा गांव ही ग्राम समाज की जमीन पर बसा हुआ है। अली मोहम्मद ने भी कहा कि मस्जिद नहीं टूटेगी और पहले अन्य अवैध निर्माणों को हटाया जाना चाहिए। रविवार को बुलडोजर द्वारा निर्माण तोड़ा गया था। इस दौरान समाजवादी पार्टी की विधायक पिंकी यादव की निधि से लगाई गई ठंडे पानी की प्याऊ को भी हटा दिया गया। जेसीबी मशीन इसरार की बताई जा रही है, जिसे अरुण सैनी नामक युवक चलाता है। अरुण सैनी ने मीनार गिरने से चोट लगने की आशंका जताते हुए मस्जिद तोड़ने से मना कर दिया है। ग्राम प्रधानपति हाजी मुनव्वर ने बताया कि रविवार को 2 घंटे 18 मिनट तक बुलडोजर से निर्माण तोड़ा गया, जिसके लिए 2100 रुपये लिए गए। उन्होंने यह भी बताया कि गांव के आबिद को मदरसा और दुकानों को तोड़ने के लिए 80,000 रुपये का ठेका दिया गया था। हल्का लेखपाल सुरेंद्र कुमार के अनुसार गाटा संख्या 630 खेल का मैदान है, 0.126 एयर में 150 वर्गमीटर में मदरसा-मस्जिद है एवं खाद के गड्ढे की गाटा संख्या 623 में 540 वर्गमीटर में मदरसा, मस्जिद और पांच दुकानों का निर्माण है। गाटा संख्या 623 में एक मकान की बैठक व रास्ता है, इसके आलावा ढाई बीघा भूमि में प्राथमिक माध्यमिक स्कूल बने हुए हैं, वह भूमि खेल के मैदान के नाम पर दर्ज है। 27 मार्च को कानूनगो एवं लेखपालों ने फीता डालकर सरकारी भूमि की पैमाइश की थी। 28 मार्च को मुस्लिम समुदाय के लोगों ने राजस्व प्रशासन से मिले अल्टीमेट के बाद 31 मार्च से खुद ही मदरसा एवं पांच दुकानों के निर्माण को तोड़ना शुरू कर दिया। आपको बता दें कि रविवार को बुलडोजर से मदरसा एवं पांच दुकानों को तोड़ा गया था, कुछ निर्माण बचा है जिसे मुस्लिम समुदाय के लोग हाथों से तोड़ना शुरु किया।सोमवार को बुलडोजर गांव नहीं पहुंचा, जिसके बाद दोपहर से गांव के 18 लोगों ने निर्माण को तोड़ना शुरू किया, लेकिन बजू खाने को छोड़कर मस्जिद के किसी भी निर्माण को नहीं तोड़ा है। पंखे, नमाज की सफ और अन्य कीमती सामान सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। ध्वस्तीकरण से पहले मस्जिद से सारा सामान बाहर निकाल लिया गया है और वजू खाने को तोड़ दिया गया है। गांव निवासी हामिद पुत्र नूरुद्दीन की समोसा-पकोड़े की दुकान थी, अफजल पुत्र सुलेमान हरी सब्जी की दुकान चलाता था, शाने आलम पुत्र पीर बख्श समोसा पकोड़े की दुकान चलाता था, फरमान पुत्र कल्लू मेडिकल स्टोर चलाता था और अजगर पुत्र इलियास जन सेवा केंद्र चलाता था। 04 अप्रैल को डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया के निर्देश पर तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह, नायब तहसीलदार दीपक कुमार जुरैल गांव पहुंचे, जहाँ ग्राम प्रधानपति एवं मुतव्वली ने जेसीबी उपलब्ध कराने की मांग की थी, इसके बाद कल रविवार को गांव में जेसीबी पहुंची थी। डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया के आदेश पर तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने ग्राम समाज की भूमि का सीमांकन कर कब्जा मुक्त कराए जाने के संबंध में राजस्व निरीक्षक गुमसानी चंद्रपाल सिंह के नेतृत्व में हल्का लेखपाल सुरेंद्र सिंह, पीयूष शर्मा, अमित प्रथम, अनुराग शर्मा और सुभाष चंद्र की टीम गठित की गई। गाटा संख्या 623, रकवा 0.112 हेक्टेयर (खाद के गडढे) और गाटा संख्या 630, रकवा 0.126 हेक्टेयर खेल का मैदान की पैमाइश होनी है। 29 मार्च को राजस्व प्रशासन की पैमाइश के बाद आबिद को अवैध निर्माण तोड़ने का ठेका दिया गया है।
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