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    AMU के 113 संदिग्ध युवक रडार पर:अलीगढ़ में फायरिंग के बाद हॉस्टल में जाली नोट और कारतूस मिलने पर एजेंसियां एलर्ट

    2 hours ago

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    अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) एक बार फिर कैंपस की सुरक्षा और अपराधियों के संरक्षण को लेकर चर्चाओं में है। क्वार्सी थाना क्षेत्र के एफएम टॉवर के पास रिहायसी इलाके में घर पर फायरिंग करने वाले नकाबपोश छात्र की पहचान के बाद हॉस्टल में पुलिस की दबिश ने एजेंसियों को एलर्ट कर दिया है। नकली नोट और कारतूस मिलने पर छात्रों में भय का माहौल है। कई छात्रों ने पुलिस को अपनी सुरक्षा का भी खतरा बताया है। उधर, एएमयू का वायरलेस सिस्टम ध्वस्त होना भी सुरक्षा पर सवालिया निशान खड़े कर रहा है। यह हालत जब हैं जब तीन महीने पहले 24 दिसंबर 2025 को कैंपस परिसर में ही मौलाना आजाद लाइब्रेरी के पास शिक्षक राव दानिश की शूटर भाइयों ने हत्या कर दी थी। उस समय भी एएमयू के करीब 70 फीसदी कैमरे खराब थे। उधर, एएमयू प्रशासन ने भी करीब 113 संदिग्ध छात्र और बाहरी युवकों की सूची तैयार की है। दूसरे छात्र के कमरे में रह रहा था शहबाज फायरिंग करने वाले युवक की पहचान जमालपुर के शहंशाहाबाद निवासी शहबाज पुत्र छोटे खां के रूप में हुई। जांच में सामने आया कि आरोपी एएमयू के सर जियाउद्दीन हॉस्टल में रहता है। जब पुलिस बुधवार को प्रॉक्टर टीम के साथ सर जियाउद्दीन हॉल के जफर अहमद सिद्दीकी हॉस्टल के कमरा नंबर Z34 पहुंची तो आरोपी वहां से फरार था। यहां पर पुलिस को जानकारी मिली कि कमरा सालिम, माइज, यूसुफ और फवाद के नाम पर आवंटित है, लेकिन इसमें शहबाज खान, आकिल और मुदस्सिर भी रहते हैं। नकली करेंसी ने एजेंसियों को किया अलर्ट ​पुलिस को कमरे से कारतूस और पिस्टल की 2 खाली मैगजीन के अलावा 500 और 100 रुपए के जाली नोट बरामद हुए हैं। पुलिस को शक है कि नकली नोट अवैध तरीके से खरीदकर खपाए जा रहे थे। अब एजेंसियां इसे बड़े सिंडीकेट से जोड़कर जांच में जुटी हैं। दो मार्कशीट, जन्मतिथि में 11 साल का अंतर शहबाज के नाम पर हाईस्कूल की दो अलग-अलग जन्मतिथि वाली फर्जी मार्कशीट बरामद हुई हैं। एक मार्कशीट में जन्मतिथि 1988 और दूसरी में 1997 है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी ने फर्जी तरीके से ही एएमयू में एमसीए में प्रवेश ले लिया है। पुलिस ने बरामद लैपटॉप का डेटा रिकवर करने के लिए एजेंसी के सुपुर्द किया है। इसके अलावा अरुणाचल यूनिवर्सिटी के कई जाली सर्टिफिकेट मिले हैं। बरेली और मुरादाबाद के लोगों के मिले पासपोर्ट ​8 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और एक डिजिटल नोटपैड के अलावा बरेली के रहने वाले मो. आकिल के पासपोर्ट, आधार और पैन कार्ड भी बरामद हुए हैं। इसी तरह मुरादाबाद के एक युवक के भी दस्तावेज कमरे से बरामद हुए हैं। ये दोनों भी शहबाज के साथ एमसीए के छात्र हैं। पुलिस अब इनके सत्यापन में भी लगी हुई है। ​राव दानिश हत्याकांड के बाद भी नहीं जागे जिम्मेदार ​कैंपस के छात्रों और शिक्षकों में रोष और भय है। 24 दिसंबर 2025 की रात करीब 9 बजे शिक्षक राव दानिश की हत्या ने पूरे महकमे को हिला दिया था। उस समय भी कैंपस के 70 फीसदी सीसीटीवी कैमरे खराब मिले थे। वायरलेस सिस्टम ध्वस्त वर्ष 2007 में करोड़ों की लागत से एएमयू की सुरक्षा के लिए वायरलेस सिस्टम तैयार हुआ था। एएमयू के सुरक्षाकर्मियों के हाथों में वॉकी–टॉकी नजर आता था। यह साल 2025 में पूरी तरह ध्वस्त हो गया। इस संबंध में एएमयू प्रॉक्टर प्रो. नवेद खान का कहना है कि वॉकी–टॉकी उनकी तैनाती के पहले से खराब हैं। इस समय बहुत ही कम दूरी वाले वॉकी–टॉकी हैं। ​113 खुरापातियों की सूची तैयार ​एएमयू प्रॉक्टर ने बताया एएमयू प्रशासन ने जांच एजेंसियों के जरिए 113 ऐसे तत्वों की लिस्ट तैयार की है जो कैंपस का माहौल बिगाड़ रहे हैं। अब बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों के प्रवेश पर सख्ती बरती जा रही है। उनका कहना है कि बाहरी आपराधिक लोगों के प्रवेश से छात्रों में भी भय का माहौल रहता है। आरोपी के खिलाफ कई आपराधिक मुकदमे एसएसपी नीरज कुमार जादौन का कहना है कि आरोपी शहबाज के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। एएमयू हॉस्टल में आरोपी के कमरे से जाली नोट, मार्कशीट और कारतूस बरामद हुए हैं। पुलिस इनकी गहनता से जांच कर रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दो टीमें लगा दी गई हैं। पहले भी एएमयू में हो चुकी हैं घटनाएं 24-25 दिसंबर 2025 (शिक्षक की हत्या): एएमयू कैंपस के भीतर कनेडी हॉल के सामने रात करीब 9 बजे बदमाशों ने एक शिक्षक (राव दानिश) पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। हमलावरों ने लगभग 10 राउंड गोलियां चलाईं, जिसमें से 4 गोलियां शिक्षक को लगीं और उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे कैंपस में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। 2 मार्च 2025 (छात्र की मौत): एएमयू के एबीके यूनियन स्कूल के गेट पर फायरिंग हुई, जिसमें 11वीं कक्षा के छात्र मोहम्मद कैफ की गोली लगने से मौत हो गई। 15 दिसंबर 2019 : यह एएमयू के इतिहास की सबसे चर्चित पुलिस दबिश मानी जाती है। नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध के दौरान पुलिस कैंपस के अंदर दाखिल हुई थी। लाइब्रेरी और हॉस्टलों में आंसू गैस के गोले छोड़े गए थे, जिसमें दर्जनों छात्र घायल हुए थे।
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