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    संभल में भीषण गर्मी, तापमान 41 डिग्री:अस्पतालों में बढ़े मरीज, प्रदूषित पानी-भोजन मुख्य कारण, फसलों को भी नुकसान

    2 hours ago

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    संभल में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। बुधवार को अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 152 रहा। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण पैदल चलने वालों और दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सुबह 9 बजे जनपद का तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे के बीच इसके 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। हालांकि, बीती रात ठंडी हवाएं चली थीं, लेकिन सुबह तेज धूप निकलने के साथ ही गर्मी का असर बढ़ गया। दोपहर में लू चलने से सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। इस मौसम का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। जिला संयुक्त चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और निजी अस्पतालों में खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है। जिला संयुक्त चिकित्सालय के डॉ. रामलाल यादव ने बताया कि इस समय बच्चों में एक्यूट रेस्पिरेट्री ट्रैक्ट इंफेक्शन (ARTI), एक्यूट गैस्ट्रोएन्टराइटिस (AGE), निमोनिया और ब्रोंकियल अस्थमा के मामले अधिक सामने आ रहे हैं। डॉ. यादव ने इन बीमारियों का मुख्य कारण प्रदूषित पानी और भोजन को बताया। उन्होंने लोगों को खाने से पहले अच्छी तरह हाथ धोने और बाहर के खाने से परहेज करने की सलाह दी। उन्होंने यह भी कहा कि अत्यधिक डिहाइड्रेशन की स्थिति में ओआरएस का घोल देना फायदेमंद होता है। एक ओर जहां गर्मी का प्रकोप जारी है, वहीं दूसरी ओर फसलों को भी भारी नुकसान हुआ है। ओलावृष्टि और बारिश से खराब हुई गेहूं की फसल के बाद बची हुई फसल में जगह-जगह आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं। गेहूं की बालियां टूट गई हैं, मक्का में कीड़ा लग गया है और सरसों की फसल भी खराब हो चुकी है। किसान सरकार से मुआवजे की उम्मीद लगाए बैठे हैं। अब किसानों ने मेंथा की बुवाई की है, लेकिन उस पर भी संकट मंडरा रहा है। गांव शहजादी सराय निवासी किसान कोमल सिंह ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि जनवरी में आलू की फसल खराब हुई थी, और अब गेहूं, मक्का व सरसों भी बर्बाद हो गई हैं। उन्होंने कहा कि इस साल कोई भी फसल सुरक्षित नहीं रही है। अब किसानों ने मेंथा की खेती शुरू की है, लेकिन वे इसे लेकर भी चिंतित हैं।
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