Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    Raghav Chadha ने उठाया Mobile Data का मुद्दा, बोले- बचा हुआ डेटा खत्म करना Consumer Rights का हनन है

    3 hours from now

    2

    0

     मोबाइल फोन के प्लान के अनुसार रोजाना मिलने वाले डेटा का पूरा इस्तेमाल नहीं हो पाने की स्थिति में उसका बाद में उपयोग करने की व्यवस्था होने की मांग करते हुए सोमवार को राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के राघव चड्ढा ने कहा कि यह केवल डेटा की ही नहीं बल्कि उपभोक्ता के अधिकार की भी बात है। शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए चड्ढा ने कहा कि जब भी कोई व्यक्ति मोबाइल फोन रीचार्ज कराता है तो उसे उसके प्लान के अनुसार डेटा मिलता है। ‘‘यह डेटा रात बारह बजे समाप्त हो जाता है।’’ उन्होंने कहा ‘‘उपभोक्ता से पैसा पूरा लिया जाता है लेकिन रात बारह बजे तक अनुपयुक्त डेटा दिन समाप्त होने के साथ ही समाप्त हो जाता है। यह अनुपयुक्त डेटा हमें अगले दिन नहीं मिलता जबकि यह हमारी मेहनत के पैसों से खरीदा जाता है।’’ उन्होंने कहा ‘‘विडंबना यह है कि रोज के डेटा की सीमा तय होती है, लेकिन मासिक डेटा सीमा नहीं होती। मासिक डेटा सीमा होने पर पूरा डेटा इस्तेमाल होने की संभावना अधिक होती है क्योंकि लोग छुट्टी के दिन डेटा का अधिक उपयोग करते हैं। लेकिन ऐसा नहीं होता और बचा हुआ डेटा वैलिडिटी समाप्त होने पर एक्सपायर हो जाता है।’’ चड्ढा ने कहा कि आज इंटरनेट हर चीज के लिए जरूरी हो गया है और यह हमारे जीवन का हिस्सा बन गया है। आप सांसद ने मांग की कि अनुपयुक्त डेटा का बाद में इस्तेमाल करने की सुविधा दी जानी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि डेटा वैलिडिटी समाप्त होने के साथ समाप्त न हो। ‘‘यह डेटा की ही बात नहीं है बल्कि उपभोक्ता के अधिकार की भी बात है।’’ उन्होंने कहा कि माह के अंत में अगर अधिक डेटा बचा हो तो उपयोगकर्ता को इस डेटा का समायोजन अपने रीचार्ज प्लान में करने की छूट मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अनुपयुक्त डेटा को ‘डिजिटल संपत्ति’ माना जाए और उसे स्थानांतरित करने की सुविधा उपयोगकर्ता को दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जितनी बिजली की खपत की जाती है उतना ही पैसा हम देते हैं। उन्होंने कहा कि इसी तरह जितना डेटा इस्तेमाल हो, उपयोगकर्ता से उतने का ही पैसा लिया जाना चाहिए।
    Click here to Read more
    Prev Article
    Three-Language Formula पर जयंत चौधरी ने दूर किया भ्रम, कहा- NEP में राज्यों को पूरी छूट
    Next Article
    Tamil Nadu Election सर्वे: स्टालिन की सुनामी में उड़ेगा विपक्ष? DMK को 180 सीटें मिलने का अनुमान

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment