Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    प्रयागराज में टिकट माफिया सक्रिय, दो गिरफ्तार:ATVM फैसिलिटेटर असली टिकट रिफंड कर नकली बेचते थे, GRP-RPF ने पकड़ा

    1 hour ago

    2

    0

    उत्तर मध्य रेलवे (NCR) के प्रयागराज मंडल में फर्जी रेल टिकटों के काले कारोबार का बड़ा खुलासा हुआ है। रेलवे प्रशासन, विजिलेंस, जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई में दो एटीवीएम (ATVM) फैसिलिटेटरों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है, जबकि इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश तेज कर दी गई है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विनय शुक्ला (23) निवासी करेली और गौरव पांडेय (37) निवासी हंडिया, वर्तमान पता जीटीबी नगर, खुल्दाबाद के रूप में हुई है। दोनों को प्रयागराज जंक्शन के आरक्षण हाल के पास सुलभ कॉम्प्लेक्स के नजदीक से दबोचा गया। आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और रेलवे राजस्व को नुकसान पहुंचाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। मामले का खुलासा 21 मार्च को मिली खुफिया सूचना के बाद हुआ। सूचना के आधार पर 21 और 22 मार्च को तकनीकी व फील्ड स्तर पर जांच की गई, जिसमें फर्जी टिकट नेटवर्क के सक्रिय होने की पुष्टि हुई। इसके बाद 23 मार्च को वाणिज्य विभाग और विजिलेंस टीम ने संयुक्त छापेमारी कर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। जांच में सामने आया कि आरोपी एटीवीएम फैसिलिटेटर के रूप में कार्यरत थे, लेकिन उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग किया। ये लोग लंबी दूरी की ट्रेनों के टिकट पहले ही निकाल लेते थे और फिर अपने फरार साथियों के माध्यम से उनकी कई नकली प्रतियां छपवाते थे। असली टिकट को रिफंड कराकर पैसा वापस ले लेते थे, जबकि नकली टिकट यात्रियों को असली बताकर बेच देते थे। इस तरह ये गिरोह यात्रियों के साथ ठगी करने के साथ-साथ रेलवे को भी चपत लगा रहा था। प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया है कि फर्जी टिकट बाहर से प्रिंट कराए जाते थे। इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर ली गई है, लेकिन वे फिलहाल फरार हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों के पास से 2480 रुपये नगद, स्मार्ट कार्ड, आईडी कार्ड और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अभी तक किसी रेलकर्मी की संलिप्तता सामने नहीं आई है, लेकिन पूरे नेटवर्क की गहन जांच जारी है। साथ ही यात्रियों से अपील की गई है कि वे केवल अधिकृत काउंटर या आधिकारिक माध्यमों से ही टिकट खरीदें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें।
    Click here to Read more
    Prev Article
    बलिया में मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026 लागू:ग्रामीण क्षेत्रों को मिलेगी सीधी परिवहन सुविधा
    Next Article
    झांसी में शादी 13 महीने बाद विवाहिता की संदिग्ध मौत:फोन पर पिता से रोते हुए बोली-"पापा ससुराल वालों ने बहुत मारा है", तीन घंटे बाद मिली मौत की खबर

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment