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    पूर्वांचल विश्वविद्यालय में ड्रग-फ्री कैंपस पर राष्ट्रीय कार्यशाला:‘नई सुबह’ संस्था से MoU, नशा मुक्ति और मानसिक स्वास्थ्य पर मंथन

    3 hours ago

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    जौनपुर स्थित वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में “मिशन ड्रग फ्री कैंपस एवं सोसाइटी” अभियान के तहत सोमवार को एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की गई। अनुप्रयुक्त मनोविज्ञान विभाग और डीन छात्र कल्याण कार्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला में नशा मुक्ति, मानसिक स्वास्थ्य और पुनर्वास के विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा हुई। कार्यशाला का मुख्य विषय “ड्रग-फ्री सोसाइटी एवं कैंपस का निर्माण: मनो-सामाजिक, चिकित्सकीय एवं आध्यात्मिक मार्ग” रहा। विशेषज्ञों ने युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने पर जोर देते हुए कहा कि इसके लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर काम करना होगा। ‘नई सुबह’ संस्था के साथ हुआ MoU उद्घाटन सत्र के दौरान विश्वविद्यालय और वाराणसी स्थित नई सुबह संस्था के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इसका उद्देश्य शैक्षणिक, शोध और सामुदायिक गतिविधियों में संयुक्त सहयोग को बढ़ावा देना है। प्रशिक्षण, रिसर्च और काउंसलिंग पर रहेगा फोकस समझौते के तहत दोनों संस्थान अतिथि व्याख्यान, फैकल्टी एक्सचेंज, छात्र प्रशिक्षण, इंटर्नशिप, फील्डवर्क, सेमिनार, सम्मेलन और संयुक्त शोध कार्य संचालित करेंगे। इसके अलावा मनोवैज्ञानिक आकलन, परामर्श, थेरेपी अनुभव, सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रम, “नशा मुक्त भारत@2047” अभियान, आत्महत्या रोकथाम पहल और छात्रों के लिए मुफ्त टेली-काउंसलिंग व मासिक ऑफलाइन परामर्श शिविर भी आयोजित किए जाएंगे। मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त पहल समझौते के अनुसार, प्रशिक्षण और वार्षिक भ्रमण के लिए बैच आकार आपसी सहमति से तय किया जाएगा और प्रत्येक सत्र का वार्षिक कैलेंडर तैयार होगा। ‘नई सुबह’ और विश्वविद्यालय का “आनंदम: सेंटर फॉर एक्सीलेंस” मिलकर मानसिक स्वास्थ्य, हैप्पीनेस अध्ययन और सामुदायिक कार्यक्रमों को बढ़ावा देंगे। विशेषज्ञों ने बताई नशा उन्मूलन की राह मुख्य अतिथि प्रो. आर.बी. कमल ने कहा कि नशा युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती है, जिससे निपटने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। विशिष्ट अतिथि कर्नल आलोक डी. सिंह ने अनुशासन और जागरूकता को प्रभावी माध्यम बताया। क्षेत्राधिकारी सदर जौनपुर देवेश सिंह ने प्रशासनिक स्तर पर चल रहे अभियानों की जानकारी दी। कुलपति ने जागरूकता बढ़ाने पर दिया जोर कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने की। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर को नशा मुक्त बनाने के लिए निरंतर जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर बल दिया। तकनीकी सत्र और पैनल चर्चा आयोजित सह-संरक्षक एवं मुख्य वक्ता डॉ. अजय तिवारी ने मानसिक स्वास्थ्य और पुनर्वास में समन्वित प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया। तकनीकी सत्रों में डॉ. विनोद वर्मा ने चिकित्सा दृष्टिकोण से नशा मुक्ति पर प्रकाश डाला, जबकि डॉ. क्षितिज शर्मा ने आध्यात्मिक उपायों की भूमिका बताई। राउंड टेबल पैनल चर्चा में विभिन्न विशेषज्ञों ने “ड्रग फ्री कैंपस एवं सोसाइटी: विभिन्न हितधारकों की भूमिका” विषय पर विचार साझा किए। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं रहे मौजूद समापन सत्र में देवेश सिंह, आत्म प्रकाश धर द्विवेदी और प्रो. अजय द्विवेदी मौजूद रहे। कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. मनोज पाण्डेय ने सभी अतिथियों का आभार जताया। संचालन ईश्विका सिंह ने किया। इस दौरान विश्वविद्यालय के शिक्षक, शोधार्थी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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