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    परीक्षा देने आईं पूजा तो पता चला sdm बन गईं:7वीं रैंक पाने वाली पूजा तिवारी मेंस देने पहुंची प्रयागराज, बिना पेपर दिए लौटीं

    3 hours ago

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    उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) द्वारा घोषित पीसीएस भर्ती 2024 के अंतिम परिणाम ने कई अभ्यर्थियों के सपनों को साकार किया, लेकिन लखनऊ की पूजा तिवारी की सफलता की कहानी सबसे खास रही। पूजा को अपनी कामयाबी की जानकारी उस वक्त मिली, जब वह प्रयागराज में पीसीएस मेंस 2025 की परीक्षा देने पहुंची थीं। रविवार देर रात जैसे ही परिणाम घोषित हुआ, पूजा ने भी अपना रिजल्ट चेक किया। सातवीं रैंक के साथ चयनित होने की खबर देख वह कुछ पल के लिए स्तब्ध रह गईं। उन्हें अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हुआ और उन्होंने कई बार परिणाम को दोबारा देखा। जब पूरी तरह पुष्टि हो गई कि उनका चयन एसडीएम पद के लिए हो गया है, तब उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इस बड़ी सफलता के बाद पूजा ने तुरंत फैसला लिया कि अब वह पीसीएस मेंस 2025 की परीक्षा नहीं देंगी। उन्होंने परीक्षा बीच में ही छोड़कर अपने घर लखनऊ लौटने का निर्णय लिया। इस दौरान उनके साथ उनकी मां कनक लता तिवारी और भाई अभिषेक तिवारी भी मौजूद थे, जिन्होंने इस खुशी के पल को उनके साथ साझा किया। जैसे ही परिवार को इस उपलब्धि की जानकारी मिली, घर में जश्न का माहौल बन गया। पूजा तिवारी मूल रूप से अंबेडकर नगर के टांडा की रहने वाली हैं और वर्तमान में उनका परिवार लखनऊ के कृष्ण नगर क्षेत्र में निवास करता है। उनके पिता सत्य प्रकाश तिवारी उत्तर प्रदेश पुलिस में सब इंस्पेक्टर के पद पर कुशीनगर में तैनात हैं। शिक्षा के क्षेत्र में भी पूजा का रिकॉर्ड उत्कृष्ट रहा है। उन्होंने हाईस्कूल बहराइच से, इंटरमीडिएट लखनऊ से और स्नातक नेशनल पीजी कॉलेज से किया। इसके बाद उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से भूगोल में परास्नातक किया और वर्तमान में डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय से पीएचडी कर रही हैं। पूजा अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, भाई और परिवार के सहयोग को देती हैं। उनका कहना है कि कठिन मेहनत, परिवार का समर्थन और आत्मविश्वास ही उनकी सफलता की कुंजी रहा है।
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