Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    पीलीभीत में गोमती पुनर्जीवन पदयात्रा शुरू:वन मंत्री अरुण सक्सेना ने माधोटांडा में किया शुभारंभ, राज्य नदी घोषित करने की मांग

    3 hours ago

    1

    0

    पीलीभीत के माधोटांडा में शनिवार को 'गोमती दर्शन पदयात्रा' का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश की गोमती नदी के अस्तित्व को बचाना और उसकी निर्मलता सुनिश्चित करना है। गोमती उद्गम स्थल पर आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश के वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण सक्सेना ने हवन-पूजन और पौधारोपण कर किया। इस पदयात्रा के माध्यम से पर्यावरण प्रेमियों ने नदी के संरक्षण और उसके ऐतिहासिक महत्व को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। शनिवार दोपहर 12 बजे माधोटांडा स्थित प्राचीन मां गोमती उद्गम स्थल पर कार्यक्रम शुरू हुआ। वन मंत्री अरुण सक्सेना ने मंत्रोच्चार के बीच हवन में आहुति दी और परिसर में वृक्षारोपण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि नदियां हमारी संस्कृति की पहचान हैं और गोमती जैसी पौराणिक नदी का संरक्षण करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। कार्यक्रम के संयोजक सोशलिस्ट एडवोकेट अनुराग पाण्डेय के नेतृत्व में पर्यावरण प्रेमियों ने शासन-प्रशासन के समक्ष कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। इनमें गोमती नदी को 'उत्तर प्रदेश की राज्य नदी' घोषित करना, नदी के फ्लड प्लेन को अतिक्रमण मुक्त रखना, नदी में अपशिष्ट और दूषित जल के प्रवाह को रोकना, तथा गोमती के आसपास के वेटलैंड्स का संरक्षण कर भूजल स्तर सुधारना शामिल है। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी श्वेता सिंह ने की। उन्होंने 'नारी शक्ति' का आह्वान करते हुए कहा कि नदियों के प्रति संवेदनशीलता हमारी परंपरा का हिस्सा है और महिलाओं को पर्यावरण संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभानी होगी। पदयात्रा के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पर्यावरण प्रेमी मौजूद रहे, जिन्होंने हाथों में तख्तियां लेकर गोमती को प्रदूषण मुक्त बनाने के नारे लगाए। गोमती नदी का उद्गम स्थल पीलीभीत का गौरव है। वक्ताओं ने जोर दिया कि यदि समय रहते नदी के संरक्षण पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संकट गहरा सकता है। वन मंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार नदियों के पुनरुद्धार के लिए प्रतिबद्ध है और इन मांगों पर सकारात्मक विचार किया जाएगा।
    Click here to Read more
    Prev Article
    बृजभूषण बोले- देश में 2 खलनायक, मुस्लिम और सवर्ण:मुसलमान का साथ देने के लिए सभी पार्टियां, सवर्ण के साथ कौन?
    Next Article
    मानव तस्करी को ले जाए जा रहे 6 नाबालिग बरामद:आगरा आरपीएफ ने 2 आरोपी किए गिरफ्तार, गुजराज भेजे जा रहे थे बच्चे

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment