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    औद्योगिक इकाइयों में अनुदानित यूरिया के दुरुपयोग की जांच:उन्नाव में संयुक्त टीम ने की छापेमारी, नमूना लेकर लैब भेजा

    2 hours ago

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    उन्नाव में औद्योगिक इकाइयों में अनुदानित यूरिया के संभावित दुरुपयोग की जांच के लिए प्रशासन ने संयुक्त छापेमारी अभियान चलाया। कृषि विभाग के प्रमुख सचिव, उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ के निर्देश पर उर्वरक निरीक्षक और उद्योग विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में गहन निरीक्षण किया। जिला कृषि अधिकारी शशांक और सहायक आयुक्त उद्योग विभाग रियाजुद्दीन के नेतृत्व में दही चौकी औद्योगिक क्षेत्र की इकाइयों की जांच की गई। वहीं, उप कृषि निदेशक उन्नाव रविचंद्र प्रकाश और सहायक प्रबंधक उद्योग विभाग चंद्र किशोर वर्मा की टीम ने मगरवारा, अकरमपुर, सहजनी और बत्तर क्षेत्रों में संचालित औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण किया। संयुक्त टीम द्वारा कुल सात औद्योगिक इकाइयों की सघन जांच की गई। निरीक्षण के दौरान टीम ने विशेष रूप से यह जांचा कि कहीं कैटल फीड, साबुन, पेंट, प्लाईवुड या अन्य औद्योगिक उत्पादों के निर्माण में किसानों के लिए अनुदानित दर पर उपलब्ध कराए जाने वाले यूरिया का प्रयोग तो नहीं हो रहा है। जांच में किसी भी इकाई में अनुदानित यूरिया का उपयोग होता नहीं पाया गया। हालांकि, एक इकाई से टेक्निकल ग्रेड यूरिया का नमूना लेकर परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। जिला कृषि अधिकारी शशांक ने सभी औद्योगिक इकाइयों के संचालकों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अनुदानित यूरिया केवल कृषि कार्यों के लिए निर्धारित है और इसका औद्योगिक उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी औद्योगिक इकाई में अनुदानित यूरिया का प्रयोग पाया गया तो संबंधित के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के अंतर्गत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि किसानों के हितों की सुरक्षा और उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार के निरीक्षण अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे। प्रशासन का उद्देश्य अनुदानित उर्वरकों के दुरुपयोग पर रोक लगाना और कृषि क्षेत्र के लिए निर्धारित संसाधनों का सही उपयोग सुनिश्चित करना है।
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