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    रूसी इलाके में इजरायल ने दागी मिसाइल? तगड़ा जवाब आया

    3 hours from now

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    मिडिल ईस्ट की जंग अब ऐसे मोड़ पर है जहां इसकी सीमाएं तेजी से टूटती नजर आ रही हैं। खबर आई कि कैप्सियन सी में इजराइल ने एक बड़ा हमला किया। बताया जाता है कि इजराइल ने पहली बार कैप्सन सागर में हमला करते हुए उस सप्लाई लाइन को निशाना बनाया जो रशिया और ईरान के बीच हथियारों की आवाजाही के लिए बेहद अहम मानी जाती है। यह सिर्फ एक हमला नहीं था बल्कि एक साफ संदेश कि अब जंग की कोई सीमा नहीं बची। इसकी तस्वीरें भी इज़राइल की तरफ से जारी की गई। माना गया कि इसी लिंक को निशाना बनाया गया है। इस सवाल के जवाब में जब रूस ये पूछा गया कि किस तरह से इन हमलों को देखते हैं तो क्रेमलिन के प्रवक्ता दमित्री पेशकोव ने क्या कहा है यह भी जानना बड़ा जरूरी हो जाता है। दिमित्री पेशको कहते हैं कि यह बहुत नकारात्मक खबर है। हालांकि उनको इस तरह की कोई रिपोर्ट अभी तक मिली नहीं है। इसे भी पढ़ें: Israel ने Iran पर किया सबसे बड़ा हमला, पनडुब्बी ठिकाना तबाह! Tehran ने अमेरिकी युद्धपोत पर दागी मिसाइल, जंग खतरनाक मोड़ परइजराइल ने इस तरह के हमले को अंजाम देते हुए यह दावा किया कि उसने ऐसे दर्जनों बोट्स को निशाना बनाया जो एक तरह से मिसाइल बोट्स थी। मिलिट्री के स्पोक पर्सन ने कहा है कि ईरान की नेवल कैपेसिटी को निशाना बनाते हुए इस क्षेत्र को निशाना बनाया गया जहां से हथियारों की सप्लाई हो रही थी। दरअसल कैप्सियन सागर दुनिया का सबसे बड़ा इनलैंड वाटर बॉडी लंबे समय से रूस और ईरान के लिए एक सुरक्षित रास्ता बना हुआ था। यहां अमेरिकी नौसेना की पहुंच नहीं मानी जाती है। इसलिए यह इलाका हथियारों की सप्लाई के लिए लगभग सेफ जोन बन गया था। इसी रूट के जरिए बताया जाता है कि ड्रोन, आर्टिलरी शेल्स, भारी मात्रा में गोला बारूद ट्रांसफर किए जा रहे थे। रिपोर्ट के मुताबिक लाखों राउंड और हजारों शेल्स इसी रास्ते से भेजे गए जिससे जंग में दोनों देशों की ताकत बढ़ती रही। इस सप्लाई चेन में सबसे अहम भूमिका निभा रहे थे।इसे भी पढ़ें: West Asia संकट पर Congress की बड़ी मांग, All-Party Meet में PM Modi हों शामिल, वरना सिर्फ औपचारिकता ईरान के शाहिद ड्रोन जिन्हें रशिया यूक्रेन में इस्तेमाल कर रहा था और ईरान खुद खाड़ी क्षेत्र में अपने ऑपरेशंस में यानी कि यह ड्रोंस इस पूरे नेटवर्क की रीड बन चुके थे। अब इसी नेटवर्क को तोड़ने के लिए इजराइल ने कैप्सन तट पर मौजूद बंदर अंजली पोर्ट को निशाना बनाया। इस हमले में वॉरशिप, नेवल कमांड सेंटर, शिपयार्ड, रिपेयर फैसिलिटीज तक को टारगेट किया गया।  पूरे घटनाक्रम ने एक बात साफ कर दिया है कि रूस और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य गठजोड़, जंग के दौरान रूस ने ईरान को एडवांस टेक्नोलॉजी और इंटेलिजेंस सपोर्ट जैसी चीजें मुहैया कराई होंगी। और यही वजह है कि इजराइल ने इस इलाके को निशाना बनाने का सोच लिया। हालांकि आपको यह भी बता दें कि बीते साल ही रशिया और ईरान के बीच में एक स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप ट्रीटी हस्ताक्षर हुई थी। जिसके जरिए कैप्सिन सागर में इन दोनों का गठजोड़ मजबूत होता दिखा है। हालांकि इस तरह के किसी भी हमले को लेकर रशिया का यह कहना है कि उसके किसी भी एसेट को निशाना नहीं बनाया गया है। 
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