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    नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले 3 गिरफ्तार:कॉल सेंटर खोलकर चला रहे थे गैंग, जॉब पोर्टल से डेटा खरीदकर बनाते थे निशाना

    18 hours ago

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    लखनऊ की साइबर क्राइम सेल टीम ने ऑनलाइन नौकरी दिलाने के नाम पर देशभर के बेरोजगार युवक-युवतियों से ठगी करने वाले तीन जालसाज को गिरफ्तार किया है। जालसाज फर्जी कॉल सेंटर खोलकर गिरोह चला रहे थे। पुलिस ने छह मोबाइल फोन, 14 सिम कार्ड, 10 डेबिट कार्ड, दो पासबुक, दो चेक बुक, एक मारुति सुजुकी फ्रॉन्क्स कार, 213 फर्जी जॉब एग्रीमेंट, ज्वाइनिंग लेटर, कन्फर्मेशन लेटर, क्लाइंट डेटा शीट और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। अपर पुलिस उपायुक्त अपराध किरण यादव का कहना है पुलिस को लगातार आईजीआरएस व अन्य शिकायत मिल रही थी। जिसकी जांच के दौरान गिरोह की जानकारी मिली थी। इसके बाद टीम ने छापेमारी कर कॉल सेंटर से तीनों आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरदोई निवासी बलराम तिवारी (25), अमेठी निवासी शैलेश कुमार उर्फ एचआर शिखर त्रिपाठी (32) और देवरिया निवासी नीतेश शर्मा उर्फ अजीत सिंह (24) के रूप में हुई। बलराम तिवारी कॉल सेंटर का मैनेजर/डायरेक्टर है, वहीं शैलेश और नीतेश एचआर/कॉलर हैं। जॉब पोर्टल से खरीदते थे बेरोजगारों का डेटा पूछताछ में सामने आया कि आरोपी जॉब पोर्टल और अन्य माध्यमों से बेरोजगार अभ्यर्थियों का डेटा खरीदते थे। इसके बाद खुद को बैंक और नामी कंपनियों का एचआर अधिकारी बताकर फोन करते थे। विश्वास जीतने के लिए व्हाट्सएप और ई-मेल के जरिए फर्जी ऑफर लेटर, जॉइनिंग लेटर, कन्फर्मेशन लेटर और जॉब सीकर एग्रीमेंट भेजते थे। फिर रजिस्ट्रेशन, इंटरव्यू, वेरिफिकेशन और प्लेसमेंट फीस के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में रुपए जमा कराकर ठगी करते थे। एनसीआरपी पोर्टल पर मिलीं कई शिकायतें इंस्पेक्टर साइबर सेल सुनील सिंह ने बताया कॉल सेंटर से बरामद मोबाइल नंबरों और आईएमईआई की एनसीआरपी पोर्टल पर जांच करने पर देश के कई राज्यों से साइबर ठगी की शिकायतें मिली। शुरुआती जांच में सामने आया कि गिरोह लंबे समय से बेरोजगारों को निशाना बनाकर ठगी कर रहा था। आरोपी हर महीने हजारों अभ्यर्थियों का डेटा खरीदते थे और अलग-अलग नामों से फर्जी एचआर अधिकारी बनकर लोगों को कॉल करते थे। पहले भी पकड़ा गया था ऐसा गिरोह पुलिस ने बताया कि इससे पहले 12 जून को भी साइबर क्राइम सेल और साइबर थाना की संयुक्त टीम ने नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उस कार्रवाई में भी कॉल सेंटर से 13 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 102 डेटा शीट और 26 फर्जी जॉइनिंग व अप्रूवल लेटर बरामद किए गए थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभूतिखंड थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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