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    निजी स्कूलों में अभिभावकों का शोषण नहीं होगा:BSA बोले- स्कूलों को शिक्षा का मंदिर मानें, व्यावसायिक शोषण का केंद्र नहीं

    2 hours ago

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    फिरोजाबाद में निजी विद्यालयों द्वारा अभिभावकों के आर्थिक और मानसिक शोषण को रोकने तथा शिक्षा अधिनियम के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) धीरेंद्र कुमार और बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार पांडेय ने संयुक्त रूप से की। इस बैठक में प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के पदाधिकारी, विभिन्न निजी विद्यालयों के संचालक और अभिभावक संघ के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान निजी विद्यालयों में फीस, किताबें, यूनिफॉर्म, परिवहन शुल्क और अन्य व्यवस्थाओं से संबंधित अभिभावकों की शिकायतों पर गंभीर चर्चा की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शिक्षा विभाग किसी भी स्थिति में अभिभावकों का शोषण बर्दाश्त नहीं करेगा। निजी विद्यालयों को शासन द्वारा निर्धारित शिक्षा अधिनियम, शुल्क नियंत्रण, मान्यता संबंधी प्रावधानों और पारदर्शी व्यवस्था का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होगा। बीएसए आशीष कुमार पांडेय ने स्कूल संचालकों को निर्देश दिए कि विद्यालयों को शिक्षा का मंदिर माना जाए, न कि व्यावसायिक शोषण का केंद्र। उन्होंने अभिभावकों पर अनावश्यक किताबें, ड्रेस, कॉपी या अन्य सामग्री खरीदने का दबाव न बनाने और फीस संरचना में पूर्ण पारदर्शिता रखने पर जोर दिया। बैठक में मौजूद अभिभावक संघ के प्रतिनिधियों ने विभिन्न निजी स्कूलों की मनमानी को लेकर अपनी शिकायतें रखीं। इस पर दोनों अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि यदि किसी भी स्कूल द्वारा नियम विरुद्ध शुल्क वसूली, उत्पीड़न या दबाव बनाया गया तो शिक्षा विभाग तत्काल जांच कर कठोर कार्रवाई करेगा। अधिकारियों ने दोहराया कि अभिभावकों के हित सर्वोपरि हैं और बच्चों की शिक्षा के नाम पर किसी भी प्रकार का आर्थिक बोझ या अनुचित दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। बैठक के अंत में यह निर्णय लिया गया कि निजी विद्यालयों की कार्यप्रणाली की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी। साथ ही, अभिभावकों से मिलने वाली शिकायतों के निस्तारण के लिए एक प्रभावी निगरानी तंत्र सक्रिय किया जाएगा।
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