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    निजी अस्पतालों की मनमानी पर स्वास्थ्य विभाग का शिकंजा:पंजीकरण-नवीनीकरण अनिवार्य, लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई

    2 hours ago

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    सोनभद्र में निजी अस्पतालों और क्लीनिकों की मनमानी रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। नए नियमों के तहत पंजीकरण और नवीनीकरण अनिवार्य कर दिया गया है।लापरवाही या अनियमितता बरतने वाले संस्थानों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ.पंकज कुमार राय की अध्यक्षता में सीएमओ सभागार में निजी अस्पतालों, क्लीनिकों और पैथोलॉजी केंद्रों के पंजीकरण एवं नवीनीकरण को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक हुई।बैठक में 70 संचालकों को बुलाया गया था, लेकिन केवल 35 की उपस्थिति पर सीएमओ ने नाराजगी व्यक्त करते हुए अनुपस्थित संचालकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सीएमओ ने बताया कि जिले में कुल 110 निजी अस्पताल और क्लीनिक संचालित हैं, जिनमें से अब तक केवल 48 ने ही नए मानकों के तहत पांच वर्ष के लिए पंजीकरण कराया है। शेष संस्थानों को 30 अप्रैल तक हर हाल में नवीनीकरण कराने का निर्देश दिया गया है।उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा के बाद बिना नवीनीकरण के संचालित होने वाले अस्पतालों का पंजीकरण रद्द कर दिया जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। नए नियमों के अनुसार,सभी पंजीकृत संस्थानों को पीले रंग का सूचना बोर्ड लगाना अनिवार्य होगा। इस बोर्ड पर डॉक्टर का नाम, मोबाइल नंबर,ओपीडी का समय और पैरामेडिकल स्टाफ का विवरण अंकित करना होगा।यदि जांच के दौरान डॉक्टर तीन बार अनुपस्थित पाए गए, तो पंजीकरण निरस्त कर दिया जाएगा। एसीएमओ और पंजीयन नोडल अधिकारी डॉ. गुलाब शंकर यादव ने स्पष्ट किया कि एमबीबीएस डॉक्टर के नाम पर केवल क्लीनिक का संचालन ही मान्य होगा,सर्जरी की अनुमति नहीं होगी।जिस डॉक्टर के नाम से अस्पताल पंजीकृत होगा,वही सर्जरी करेगा और सर्जरी के दौरान एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की उपस्थिति अनिवार्य होगी।नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित अस्पताल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ अस्पताल ऐसे मरीजों को भी भर्ती कर लेते हैं,जिनके इलाज के लिए जिले में विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध नहीं हैं।ऐसे मामलों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। इसके अतिरिक्त, सभी अस्पतालों और पैथोलॉजी केंद्रों के लिए अग्निशमन विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेना अनिवार्य कर दिया गया है।बिना एनओसी के संचालन करने वालों पर भी कार्रवाई होगी। सीएमओ डॉ० पंकज कुमार राय ने बताया कि इस संबंध में पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी जाने वाली तहरीर पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जिन अस्पतालों का पंजीकरण डॉक्टर की डिग्री के आधार पर हुआ है, वहां संबंधित डॉक्टर की पूर्णकालिक उपस्थिति अनिवार्य होगी।
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