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    नोएडा ने 50 साल में लिखी विकास की गाथा:इंडस्ट्री, अंडरपास, एलिवेटेड , फ्लाईओवर और मेट्रो कनेक्टिविटी लोगों की राह करती आसान

    3 hours ago

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    नोएडा की नींव 1976 में दिल्ली में बढ़ औद्योगिक विकास के दबाव को कम करने के लिए विकल्प के तौर पर रखी गई थी। नाम दिल्ली के ओखला से जोड़कर न्यू ओखला इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (नोएडा) दिया गया। बुनियाद से उड़ान तक विकास का यह सफर 50 वर्षों में शहर ने धीरे-धीरे तय किया। शहर की रफ्तार में चौड़ी सड़कों के साथ अंडरपास भी सहायक बने। शहर के मुख्य 12 अंडरपास ने व्यस्ततम चौराहों को एक तरह से सिग्नल फ्री बनाया है। सेक्टर-16, 18, 25, 37, 61, 62, 71, 98, 96, 94, कोंडली, एडवंट अंडरपास का निर्माण ट्रैफिक की जरूरत को देखते हुए पिछले 20-25 साल में हुआ है। नोएडा प्राधिकरण ने इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) को 2022 में विकसित किया था। इसमें 82 जगहों पर 1065 कैमरें लगवाए गए हैं। इसके साथ ही सेक्टर-94 में कंट्रोल रूम बनाया गया है। परियोजना की लागत 68.42 करोड़ रुपये है। इस ऑटोमेटिक व्यवस्था से ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले वाहनों के कैमरों के जरिए हो रहे हैं। 2009 में दिल्ली से आई मेट्रो दिल्ली की ब्लू लाइन पर मेट्रो का संचालन 2009 में नोएडा में सिटी सेंटर तक शुरू हुआ। इसके आगे इलेक्ट्रॉनिक सिटी और नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन की एक्वा मेट्रो का संचालन 2019 में शुरू हुआ। मेट्रो की कनेक्टिविटी ने नोएडा का आकर्षण और भी बढ़ाया। दिल्ली, ग्रेटर नोएडा में नौकरी करने वाली बड़ी आबादी ने नोएडा में आशियाना बनाना शुरू कर दिया। मौजूदा समय में नोएडा में मेट्रो का नेटवर्क 47.4 किलोमीटर का है। सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा में डिपो मेट्रो स्टेशन तक 21 स्टेशन वाले रूट की लंबाई 29.7 किलोमीटर है। इस पर एक्वा मेट्रो का संचालन हो रहा है।सेक्टर-15 से इलेक्ट्रानिक सिटी सेक्टर-63 तक 17.761 किलोमीटर दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन का कॉरीडोर है। सड़कों का नेटवर्क 344 किलोमीटर, 45 मीटर से ज्यादा चौड़ी। 20 मीटर व इससे कम चौड़ी सड़कें- 700 किलोमीटर। नोएडा का रियल स्टेट सेक्टर के डेवलपर गौड़ ग्रुप के सीएमडी मनोज गौड़ का कहना है कि 50 साल में नोएडा एक औद्योगिक टाउनशिप से देश के प्रमुख शहरी केंद्र के रूप में उभरा है। आज यहां मैन्युफैक्चरिंग, आईटी, डेटा सेंटर और लॉजिस्टिक्स जैसे सेक्टर्स का संतुलित विकास इसकी बड़ी ताकत है। काउंटी ग्रुप के डायरेक्टर अमित मोदी का कहना है कि आईटी और कॉरपोरेट सेक्टर के विस्तार ने नोएडा को नई पहचान दी है। इससे हाउसिंग डिमांड लगातार बढ़ रही है, खासकर युवा प्रोफेशनल्स और छोटे परिवारों में। आज खरीदार बेहतर लाइफस्टाइल और लग्ज़री सुविधाओं वाले घर चाहते हैं। प्रीमियम हाउसिंग, गेटेड कम्युनिटी और बेहतर कनेक्टिविटी इसे आकर्षक बना रहे हैं। ग्रुप 108 के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. अमीश भूटानी का कहना है कि जैसे ही नोएडा अपने 50 साल पूरे कर रहा है, इसका सफर एक ऐसे शहर की कहानी बताता है जो हमेशा सोच-समझकर आगे बढ़ता रहा है। पिछले कुछ वर्षों में यह रफ्तार और साफ नजर आई है, जहां जीसीसी का विस्तार हुआ है, बड़ी कंपनियां यहां आई हैं और डेटा सेंटर में निवेश तेजी से बढ़ा है। इससे कमर्शियल सेक्टर को सीधा मजबूती मिली है।
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