Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    नोएडा के आठ नालों पर बनेंगे एसटीपी:5 के लिए किया जा रहा कंपनी का चयन, 18 महीने में काम होगा पूरा; 2 करोड़ प्रति प्लांट खर्च

    5 hours ago

    2

    0

    नोएडा में नालों और नदियों को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने बड़ा कदम उठाते हुए आठ नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनाने का निर्णय लिया है। जिसमें से पांच नालों पर एसटीपी प्लांट लगाने के लिए कंपनियों को आमंत्रित किया गया है। कंपनी का चयन होने के साथ एसटीपी प्लांट लगाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। यह फैसला नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के फरवरी 2020 के उस आदेश के बाद लिया गया है, जिसमें नालों में गिरने वाले सीवेज के उपचार को अनिवार्य बताया गया था। प्राधिकरण के अनुसार, इन एसटीपी के जरिए नालों में जाने वाले गंदे पानी को ट्रीट कर पुनः उपयोग में लाया जाएगा, जिससे यमुना नदी और हिंडन नदी में प्रदूषण कम होगा और भूजल संरक्षण में भी मदद मिलेगी। ये एसटीपी नालों में जहां से गंदगी गिरती है वहां लगाए जाएंगे। पहले फेज में इन नालों को चुना गया पहले चरण में मोरना, सेक्टर-34, 25, 91, 105, 108, एमिटी यूनिवर्सिटी के पास, हरौला और सेक्टर-62 के नालों पर एसटीपी स्थापित किए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर आगे अन्य नालों को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा। इन प्लांट्स की क्षमता करीब 8 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) होगी और प्रति प्लांट लगभग 2 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए नेशनल एनवायरनमेंटल रिसर्च इंस्टीट्यूट (नेरी) को नियुक्त किया गया था। इसकी रिपोर्ट के अनुसार की आगे की काम किया जा रहा है। रिपोर्ट के आधार पर टेंडर जारी कर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। 18 महीने में काम हो जाएगा पूरा इसके साथ ही, पांच नालों पर एसटीपी प्लांट लगाने के लिए प्राधिकरण ने एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट भी जारी कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक, कंपनी का चयन होते ही इन परियोजनाओं पर काम शुरू कर दिया जाएगा। निर्माण कार्य शुरू होने के 18 महीने के भीतर इन्हें पूरा कर लिया जाएगा। फिलहाल नोएडा में सेक्टर-51, 54, 123 और 168 में आठ बड़े एसटीपी संचालित हैं, जिनकी कुल क्षमता 210 एमएलडी है। नए छोटे एसटीपी लगने के बाद नालों में सीधे गिरने वाले सीवेज को स्रोत पर ही ट्रीट किया जाएगा, जिससे शहर को “जीरो डिस्चार्ज” बनाने का लक्ष्य पूरा करने में मदद मिलेगी।
    Click here to Read more
    Prev Article
    गोरखपुर नगर सीट पर कौन है प्रबल दावेदार:सपा से सुभावती शुक्ला, राहुल या सुनील हैं पहली पसंद; बसपा से किसे उम्मीदवार बनाएंगे
    Next Article
    सदर सीट पर कौन मजबूत, विधायक अनिल या कोई और:भाजपा से आरके पटेल या पूर्व सांसद की बहु ज्योति? किसे दिग्गज मानते हैं आप

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment