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    Middle East Tension | दावों और खंडन का दौर! डोनाल्ड ट्रंप बोले- 'हमलों के बाद ईरान ने किया सीधा फोन', तेहरान ने कहा- 'सरासर झूठ'

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    मध्य पूर्व (Middle East) में तीन महीने से अधिक समय से जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के रिश्ते चरम सीमा पर पहुंच गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को एक सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि अमेरिकी सैन्य हमलों के बाद ईरानी नेताओं ने उन्हें 'सीधे' फोन किया था और इस्लामिक रिपब्लिक के खिलाफ हमलों को रोकने की अपील की थी। ट्रंप का यह दावा ऐसे समय में आया है जब वह लगातार कह रहे हैं कि दोनों देश संघर्ष को खत्म करने के लिए "समझौते के बेहद करीब" हैं। हालांकि, ईरान ने ट्रंप के इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। तेहरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान को "सरासर झूठ" करार देते हुए कहा है कि दोनों पक्षों के बीच ऐसा कोई संपर्क नहीं हुआ है।फॉक्स न्यूज़ को दिए एक इंटरव्यू में अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान पर 49 टॉमहॉक मिसाइलें दागी गईं। ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका की शर्तें नहीं मानता है, तो "हम कल रात उन पर ज़बरदस्त बमबारी करेंगे।"हालांकि, ईरान ने ट्रंप के इस दावे को तुरंत खारिज कर दिया कि तेहरान ने ट्रंप से बमबारी रोकने के लिए कहा था। इसे "सरासर झूठ" बताते हुए ईरानियों ने कहा कि ट्रंप और तेहरान के नेतृत्व के बीच "कोई संपर्क नहीं" हुआ था, और साथ ही कहा कि ईरान "अमेरिकी आक्रामकता का सैन्य जवाब देगा।"ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने एक बयान में कहा, "ट्रंप का यह दावा कि ईरानी अधिकारियों ने उनसे संपर्क किया है, पूरी तरह गलत है और यह युद्ध से बचने का एक बहाना है।"मध्य पूर्व में बिगड़ते हालातये हमले गुरुवार तड़के किए गए, जिसमें ईरान का दावा है कि बंदर अब्बास, मिनाब, सिरिक, करगन और केशम द्वीप सहित कई शहरों में धमाकों की आवाज़ सुनी गई। ईरान ने जवाबी कार्रवाई करने की कसम खाई है और कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है।ईरान ने दावा किया है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद कर दिया है और अमेरिकी पांचवें बेड़े (Fifth Fleet) को निशाना बनाया है, लेकिन अमेरिकी सेना ने इन दावों का खंडन किया है। एक बयान में, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने यह भी कहा कि उसने "ईरान में कई ठिकानों के ख़िलाफ़ अतिरिक्त आत्मरक्षा हमले" पूरे कर लिए हैं।इसे भी पढ़ें: Mukesh Ambani का एक फैसला और बाजार में हरियाली, Reliance की तेजी ने निवेशकों को किया खुश। बयान में कहा गया, "CENTCOM बलों ने पूरे ईरान में ईरानी सैन्य निगरानी क्षमताओं, संचार प्रणालियों और वायु रक्षा स्थलों पर हमले किए। अमेरिकी मरीन कॉर्प्स, वायु सेना और नौसेना ने उन ईरानी ठिकानों पर सटीक हथियार दागे जो अमेरिकी बलों और क्षेत्रीय जलक्षेत्र से गुज़रने वाले अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक जहाजों के लिए खतरा पैदा कर रहे थे।"इसे भी पढ़ें: Bihar में बैंकों की मनमानी पर Samrat सरकार का अल्टीमेटम, खराब Performance पर बंद होगा Govt Depositइन हमलों से बातचीत पटरी से उतरने की आशंका है; संयुक्त राष्ट्र में ईरान के दूत का कहना है कि अगर अमेरिका समझौता चाहता है तो उसे बल प्रयोग की धमकियों से बचना चाहिए। राजदूत अमीर सईद इरावानी ने कहा, "ईरान ने कभी भी धमकियों और दबाव में बातचीत नहीं की है और वह कभी भी दबाव या सवाल के आगे नहीं झुकेगा।" Stay updated with International News in Hindi on Prabhasakshi
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