Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    मेरठ में गांव वालों ने कमिश्नर ऑफिस घेरा:अपर नगर आयुक्त से बोले- नगर निगम अब 'नरक निगम' है, हर तरफ जलभराव और गंदगी

    1 day ago

    2

    0

    जलभराव और बदहाल सफाई व्यवस्था से परेशान ग्रामीणों ने कमिश्नर कार्यालय का घेराव किया। उन्होंने नगर निगम पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों से कहा कि उनका विभाग 'नगर निगम' नहीं, बल्कि 'नरक निगम' बन गया है। कमिश्नर कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में ग्रामीण नारेबाजी करते हुए एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि उनके इलाके में कई दिनों से जलभराव की गंभीर समस्या बनी हुई है, लेकिन सफाई के नाम पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। गुस्साए ग्रामीणों ने अपर नगर आयुक्त से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि बरसात के बाद स्थिति और भी खराब हो गई है। गली-मोहल्लों में गंदगी और पानी भरा हुआ है, जिससे विभिन्न बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। एक प्रदर्शनकारी ग्रामीण ने कहा, "नगर निगम सिर्फ कागजों में काम कर रहा है। धरातल पर कुछ भी नहीं हो रहा है। हम टैक्स देते हैं, लेकिन बदले में हमें 'नरक' मिल रहा है।" यह प्रदर्शन नगर निगम के वार्ड-06 के पार्षद प्रशांत कसाना के नेतृत्व में किया गया। पार्षद कसाना ने बताया कि वार्ड में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो चुकी है, जिससे बीमारी और महामारी फैलने का डर है। वार्ड का क्षेत्रफल 20-25 वर्ग किमी है, लेकिन आधे से अधिक सफाई कर्मचारी आदीपल और दिल्ली रोड पर तैनात हैं। गलियों में कूड़े के ढेर लगे हैं और नालियां पूरी तरह बंद हैं। कचरा कलेक्शन की समस्या भी गंभीर है; नगर निगम द्वारा संचालित BVN कंपनी के केवल 2 डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन वाहन पूरे वार्ड के लिए हैं, जिसके कारण हफ्तों तक मोहल्लों में गाड़ी नहीं आती। उन्होंने आवारा कुत्तों और बंदरों के आतंक का मुद्दा भी उठाया। सुन्दरा, उर्फी फूल और इंद्रावती मोहल्लों में बंदरों ने लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। पार्षद ने यह भी बताया कि वार्ड का क्षेत्रफल मेरठ नगर निगम के सभी वार्डों में सबसे बड़ा है और अधिकतर रास्ते कच्चे हैं। पार्षद प्रशांत कसाना ने जिलाधिकारी से उपरोक्त सभी समस्याओं का तत्काल निस्तारण करवाने की गुहार लगाई। उन्होंने विशेष रूप से नालियों और सड़क निर्माण करवाने, कूड़े की गाड़ियों की संख्या बढ़ाने और बंदरों को पकड़वाने की मांग की।
    Click here to Read more
    Prev Article
    गौतमबुद्धनगर में एसीपी स्तर पर अफसरों के ट्रांसफर:शकील मोहम्मद को एसीपी यातायात बनाया गया, जितेन्द्र कुमार सिंह को सेंट्रल नोएडा की जिम्मेदारी
    Next Article
    मेरठ में ऑनलाइन मंगाया दही, खराब निकलने पर मुकदमा:डिलीवरी ब्वॉय पर हमला, मैस संचालक उसके भाई को पीटा

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment