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    मेरठ के मेडिकल अस्पताल में खराब पड़े 20 वेंटिलेटर:RTI में हुआ खुलासा, व्यवस्था देख छात्र नेता ने दी आंदोलन की चेतावनी

    3 hours ago

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    मेरठ का हायर सेंटर कहे जाने वाला एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। सूचना का अधिकार (RTI) के तहत मिली जानकारी में सामने आया है कि मेडिकल कॉलेज में मौजूद वेंटिलेटर मशीनों में से 20 वेंटिलेटर खराब पड़े हैं, जो आपात स्थिति में मरीजों के काम नहीं आ पा रहे। करीब 13% वेंटिलेटर सिस्टम फिलहाल काम नहीं कर रहा है। ऐसे में इन मशीनों का बंद होना स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। छात्र नेता ने दी आंदोलन की चेतावनी चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से जुड़े छात्र नेता विनीत चपराना ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि जब वेंटिलेटर जैसी आपातकालीन स्थिति में काम आने वाली मशीन भी मेडिकल अस्पताल में बंद पड़ी है तो यहां की व्यवस्था पर मरीज कैसे भरोसा कर सकता है। मेरठ ही नहीं आसपास के जिलों से भी मरीज यहां इलाज के लिए आते हैं जिनमें से ज्यादातर मरीजों की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं रहती है। ऐसे में यदि जल्द सभी वेंटिलेटर ठीक कर चालू नहीं किए गए तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। गंभीर मरीजों पर सीधा असर सूत्रों के अनुसार, कई बार वेंटिलेटर की कमी के चलते गंभीर मरीजों को निजी अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है। इसका सबसे ज्यादा असर आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों पर पड़ रहा है, जो सरकारी अस्पताल में सस्ते इलाज की उम्मीद लेकर आते हैं लेकिन मजबूरी में महंगा इलाज करवाने को बाध्य हो जाते हैं। छात्र नेता की मुख्य मांगें - सभी खराब वेंटिलेटर को तुरंत ठीक किया जाए - जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय हो - भविष्य में ऐसी लापरवाही रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था बने - मरीजों को निजी अस्पतालों में रेफर करने की स्थिति खत्म हो एम्स की सुविधाओं पर सवाल छात्र नेता का कहना है कि समय समय पर एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज को एम्स स्तर का बनाने की मांग उठती रही है, लेकिन मौजूदा हालात इस दिशा में गंभीर चुनौतियों की ओर इशारा करते हैं। RTI रिपोर्ट के अनुसार मेडिकल में कुल 154 वेंटिलेटर हैं जिनमें से 134 सुचारू रूप से चल रहे हैं लेकिन 20 वेंटिलेटर बंद पड़े हैं।
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