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    ममता बनर्जी से मिलने अखिलेश कल जाएंगे कोलकाता:चुनाव प्रचार से दूर रहे थे; सपा प्रमुख बोले- बंगाल में जनमत की लूट हुई

    3 hours ago

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    सपा मुखिया अखिलेश यादव बुधवार को पश्चिम बंगाल की निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मिलने कोलकाता जाएंगे। पश्चिम बंगाल के चुनाव नतीजे आने के बाद विपक्षी दल के किसी भी नेता का ये पहला दौरा होगा। मंगलवार को कोलकाता में ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा, अखिलेश ने मुझसे अनुरोध किया कि क्या वह आज ही आ सकते हैं, लेकिन मैंने उनसे कहा कि कल आएं। तो, वह कल आएंगे। एक-एक करके सब आएंगे। मेरा लक्ष्य बहुत साफ़ है। मैं INDIA गठबंधन को मज़बूत करूंगी। बिल्कुल एक आम आदमी की तरह। ममता ने कहा, अब मेरे पास कोई कुर्सी नहीं है, इसलिए मैं एक आम आदमी हूं। इसलिए, आप मुझसे यह नहीं कह सकते कि मैं अपनी कुर्सी का इस्तेमाल कर रही हूं। मैं अब एक आज़ाद पंछी हूं। मैंने अपनी पूरी ज़िंदगी लोगों की सेवा में लगा दी, इन 15 सालों में मैंने पेंशन का एक पैसा भी नहीं निकाला। मैं तनख्वाह का एक पैसा भी नहीं ले रही हूं। लेकिन अब, मैं एक आज़ाद पंछी हूं। पश्चिम बंगाल सहित 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजे सोमवार को आ चुके हैं। बंगाल में भाजपा ने पहली बार 294 में से 207 सीटों पर जीत दर्ज की है। राज्य में पहली बार भाजपा की सरकार बनने वाली है। TMC सिर्फ 80 सीटें जीत सकी। 15 साल बाद ममता के हाथ सत्ता चली गई है। अखिलेश बंगाल चुनाव से रहे दूर, सोशल मीडिया पर एक्टिव दिखे अखिलेश यादव पश्चिम बंगाल चुनाव से दूर रहे थे। उन्होंने न तो पश्चिम बंगाल में कोई सभा की और न ही वहां गए। प्रेस कांफ्रेंस और सोशल मीडिया के जरिए वे ममता बनर्जी के पक्ष में बयान देते रहे और सोशल मीडिया साइट पर पोस्ट करते रहे। सोमवार को बंगाल चुनाव के नतीजे आने के बाद अखिलेश ने X पर तीन पोस्ट किए और केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधा। पहली पोस्ट- भाजपा की जीत को फरेब बताया अखिलेश ने अपनी पहली पोस्ट में बंगाल में भाजपा की जीत को फरेब बताया। उन्होंने शेर लिखा, '‘हर फ़रेबी फ़तह की एक मियाद होती है, ये बात ही ‘सच्चाई की बुनियाद’ होती है।’' दूसरी पोस्ट- 2022 में यूपी में भी घपला हुआ था अखिलेश ने ममता बनर्जी का वीडियो पोस्ट किया। जिसमें ममता ने दावा किया था कि चुनाव काउंटिंग में उनके साथ सीआरपीएफ ने धक्का-मुक्की की। लात मारी गई। सपा प्रमुख ने लिखा, अब क्या सत्ताधारी राजनीति को पाताल से भी नीचे ले जाएंगे। देश के राजनीतिक इतिहास का ये एक घनघोर ‘काला दिन’ है। आज पूरा देश आक्रोशित है और लोकतंत्र व्यथित। चुनावी व्यवस्था के नाम पर केंद्रीय बलों का जो दुरुपयोग मतगणना में आज बंगाल में हुआ है, ठीक वैसा ही घपला 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में अधिकांश जगह किया गया था, जिसकी साक्षात गवाह कन्नौज की विधानसभाएं थीं। फिर इसी निंदनीय मॉडल को फ़र्रुख़ाबाद के 2024 लोकसभा चुनाव में दोहराया गया था। सब जानते हैं क्या हुआ है और सच क्या है और जनमत की खुली लूट कैसे हुई है। तीसरी पोस्ट- मुख्यमंत्री भी मनमर्जी से ही बनेगा अखिलेश ने महिला आरक्षण को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, पश्चिम बंगाल में जब परिणाम मनमर्ज़ी से निकाला गया है तो भाजपाई परंपरा के अनुसार मुख्यमंत्री भी मनमर्ज़ी से ही बनेगा। इसीलिए ये विशेष मांग है कि इस बार ‘पर्ची’ उनके नाम की निकलनी चाहिए जो पौराणिक काल से नारी के प्रति पुरुषवादी नकारात्मक सोच और शोषण की प्रतीक-भूमिका निभा चुकी हैं। जिन्हें भारतीय नारी का आदर्श मानने की सलाह लोहिया जी तक ने दी थी। आशा है ‘महिला आरक्षण’ के संदर्भ में इस पर अमल होगा। जनवरी में ममता बनर्जी से मुलाकात की थी अखिलेश यादव इससे पहले 27 जनवरी को पत्नी व मैनपुरी से सांसद डिंपल यादव के साथ पश्चिम बंगाल गए थे। तब उन्होंने ममता बनर्जी से मुलाकात की थी। मुलाकात के बाद उन्होंने चुनाव में ममता बनर्जी का साथ देने का वादा किया था। उन्होंने ममता बनर्जी के पक्ष में पार्टी का समर्थन का ऐलान भी किया था और एक भी सीट पर प्रत्याशी न उतारने का फैसला किया था। 2 तस्वीरें देखिए… अखिलेश बंगाल चुनाव से रहे दूर अखिलेश यादव पश्चिम बंगाल चुनाव से दूर रहे थे। उन्होंने न तो पश्चिम बंगाल में कोई सभा की और न ही वहां गए। प्रेस कांफ्रेंस और सोशल मीडिया के जरिए वे ममता बनर्जी के पक्ष में बयान देते रहे और सोशल मीडिया साइट पर पोस्ट करते रहे। जानकारों का कहना है कि अखिलेश यादव और ममता बनर्जी के बीच INDI गठबंधन के नेतृत्व को लेकर चर्चा हो सकती है। इस बात के संकेत खुद ममता ने दिए हैं। नए नेतृत्व के साथ यूपी और पंजाब चुनाव में प्रयोग किया जा सकता है। अगर रिजल्ट पॉजिटिव रहा तो 2029 के चुनाव में इसका फायदा मिल सकता है। 2022 के चुनाव में अखिलेश यादव ने तृणमूल कांग्रेस को यूपी दो सीट दी थीं। अब राज्यों में भी INDI गठबंधन के एकजुट होने का संदेश लेकर ही अखिलेश पश्चिम बंगाल जा रहे हैं। दरअसल, INDI गठबंधन के अलग-अलग लड़ने से भाजपा क्षेत्रीय पार्टियों को एक-एक कर उनका सफाया कर रही है। भाजपा ने पहले दिल्ली में अरविंद केजरीवाल को हराया और अब ममता बनर्जी। भाजपा की जीत ने INDI गठबंधन में खलबली मचा दी है। खबर अपडेट हो रही है…
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