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    लखनऊ में ‘भूलेख पोर्टल’ लॉन्च:अब जमीन के रिकॉर्ड घर बैठे ऑनलाइन मिलेंगे; 898 ग्राम के 11,049 रिकॉर्ड हुआ डिजिटल

    11 hours ago

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    लखनऊ में भूमि अभिलेखों को पारदर्शी और सुलभ बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर के निर्देशन में “लखनऊ भूलेख” पोर्टल लॉन्च किया गया है, जिसके जरिए अब नागरिक घर बैठे खसरा-खतौनी समेत सभी राजस्व रिकॉर्ड ऑनलाइन देख और प्राप्त कर सकेंगे। 15 अप्रैल से लागू नई डिजिटल व्यवस्था जिलाधिकारी लखनऊ के निर्देशन में 15 अप्रैल 2026 से “लखनऊ भूलेख” पोर्टल की शुरुआत कर दी गई है। इस पहल का उद्देश्य भूमि अभिलेखों को डिजिटल माध्यम से आम जनता तक आसानी से पहुंचाना और व्यवस्था में पारदर्शिता लाना है। अब सबसे पहले समझिए कैसे यूज़ कर पाएंगे खसरा-खतौनी समेत सभी रिकॉर्ड अब ऑनलाइन उपलब्ध पोर्टल के माध्यम से नागरिक खसरा, खतौनी, चकबंदी सहित अन्य राजस्व अभिलेखों का ऑनलाइन अवलोकन कर सकेंगे। साथ ही डिजिटल हस्ताक्षर युक्त प्रमाणित प्रतियों के लिए घर बैठे आवेदन की सुविधा भी दी गई है, जो न्यायालय, बैंक और अन्य सरकारी कार्यों में मान्य होंगी। 898 ग्रामों के रिकॉर्ड डिजिटल, लाखों पन्ने अपलोड इस परियोजना के तहत जनपद के 898 ग्रामों के भूमि अभिलेख पोर्टल पर अपलोड किए गए हैं। अब तक 11,049 रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण किया जा चुका है, जिसमें करीब 22.51 लाख पृष्ठ शामिल हैं। इससे रिकॉर्ड सुरक्षित रहने के साथ तुरंत उपलब्ध भी हो सकेंगे। अब नहीं मिलेगी ऑफलाइन कॉपी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 15 अप्रैल 2026 के बाद डिजिटाइज किए गए अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियां केवल ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ही जारी की जाएंगी। भौतिक (ऑफलाइन) प्रतियां अब जारी नहीं होंगी। लेखपाल से लेकर ग्राम तक की पूरी जानकारी एक क्लिक पर पोर्टल में मास्टर डेटा मॉड्यूल भी जोड़ा गया है, जिसमें तहसील, परगना, ग्राम और राजस्व मानचित्रण की जानकारी उपलब्ध है। इसके साथ ही तहसीलवार लेखपालों की सूची और उनकी तैनाती का विवरण भी देखा जा सकता है। एनआईसी ने किया तकनीकी विकास इस पोर्टल का तकनीकी विकास National Informatics Centre की लखनऊ इकाई द्वारा किया गया है, जबकि इसका संचालन जिला प्रशासन की देखरेख में किया जा रहा है। प्रशासन की अपील: फर्जी वेबसाइट से रहें सावधान प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे भूमि अभिलेखों के लिए केवल आधिकारिक पोर्टल lucknowbhulekh.in का ही उपयोग करें और किसी भी भ्रामक या फर्जी वेबसाइट से सतर्क रहें।
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