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    लखनऊ हाई कोर्ट का फैसला:डिप्लोमा धारकों को ही मौका, जेई भर्ती में डिग्री होल्डर्स बाहर

    2 hours ago

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    जूनियर इंजीनियर (JE) भर्ती को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद पर उच्च न्यायालय खण्ड पीठ लखनऊ ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने साफ कर दिया है कि उत्तर प्रदेश के विभिन्न अभियंत्रण विभागों में JE पद पर केवल डिप्लोमा धारक अभ्यर्थी ही पात्र होंगे, जबकि डिग्री होल्डर्स को इस भर्ती प्रक्रिया से बाहर रखा जाएगा। डबल बेंच का स्पष्ट आदेश उच्च न्यायालय की डिविजन बेंच ने विस्तृत सुनवाई के बाद डिग्री धारकों द्वारा दाखिल याचिका को निरस्त कर दिया। कोर्ट ने माना कि संबंधित विभागों की सेवा नियमावली के अनुसार JE पद के लिए डिप्लोमा योग्यता ही निर्धारित है, इसलिए डिग्री होल्डर्स को शामिल करने का कोई आधार नहीं है। 4612 पदों पर हो रही भर्ती उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा विभिन्न अभियंत्रण विभागों में 4612 पदों पर जूनियर इंजीनियर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। आयोग ने पहले ही विज्ञापन में केवल डिप्लोमा धारकों को पात्र घोषित किया था। अब 3 मई 2026 को होने वाली लिखित परीक्षा में केवल वही अभ्यर्थी शामिल हो सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था मामला डिग्री होल्डर्स अभ्यर्थियों ने पहले उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। अंतरिम राहत न मिलने पर मामला सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंचा, जहां से उन्हें अस्थायी तौर पर आवेदन की अनुमति मिली। बाद में प्रकरण पुनः उच्च न्यायालय को भेजा गया, जहां अंतिम सुनवाई के बाद याचिका खारिज कर दी गई। 13 विभागों की नियमावली को दी गई थी चुनौती नई याचिका में डिग्री होल्डर्स ने 13 अभियंत्रण विभागों की सेवा नियमावली को भी चुनौती दी थी, लेकिन कोर्ट ने इसे भी खारिज करते हुए डिप्लोमा धारकों के पक्ष में फैसला बरकरार रखा। महासंघ ने किया था विरोध उ0प्र0 डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ ने शुरू से ही इस याचिका का विरोध किया। महासंघ की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता उपेन्द्र नाथ मिश्र ने प्रभावी पैरवी की, जबकि इंजीनियर एन0डी0 द्विवेदी को अधिकृत किया गया था। पहले भी आ चुके हैं ऐसे फैसले वर्ष 2016 और 2018 में भी इसी तरह के मामलों में उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय दोनों ने डिप्लोमा धारकों के पक्ष में फैसला दिया था। इस बार भी अदालत ने उसी परंपरा को बरकरार रखा। महासंघ ने जताई खुशी फैसले के बाद महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष इं0 एचएन मिश्र ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय बेरोजगार डिप्लोमा अभ्यर्थियों के हित में है। उन्होंने सभी सफल अभ्यर्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
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