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    खुद बुलडोजर मांगकर तोड़ने लगे मस्जिद-मदरसा और दुकानें:संभल में 4 बीघा सरकारी जमीन पर 30 साल से था अवैध कब्जा, 20 घंटे में पूरा टूटेगा

    6 hours ago

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    यूपी के संभल में एक बार फिर अवैध रूप से बनी मस्जिद, मदरसे और दुकानों पर बुलडोजर कार्रवाई शुरू हो गई है। हालांकि इस बार प्रशासन को कोई मशक्कत नहीं करनी पड़ रही। दरअसल प्रशासन के अल्टीमेटम के बाद मस्जिद कमेटी के लोगों ने खुद ही प्रशासन से बुलडोजर मांगकर मस्जिद-मदरसे को तोड़ना शुरू कर दिया है। 4 बीघा सरकारी जमीन पर करीब 30 साल पहले बने इस अवैध निर्माण को 20 घंटे के अंदर जमींदोज करने का लक्ष्य है। प्रशासन ने मस्जिद कमेटी को जल्द से जल्द अवैध निर्माण हटाने का अल्टीमेटम दिया है। प्रशासन का कहना है कि अगर इस मियाद में अवैध निर्माण नहीं हटाया गया तो प्रशासन अपने बुलडोजर लेकर पहुंचेगा। बता दें कि संभल के मुबारकबंद गांव में 30 साल पहले सरकारी जमीन पर अवैध मदरसे का निर्माण कराया गया था। 15 साल पहले मस्जिद बना ली गई। जिसमें 5 दुकानें और 8 मकान भी तैयार करा लिए गए। हैरानी की बात तो ये है कि इस सरकारी जमीन पर दो सरकारी प्राइमरी स्कूल भी बने हुए हैं। बुलडोजर कार्रवाई की 5 तस्वीरें देखिए… असमोली थाना क्षेत्र के मुबारकपुर बंद गांव में ग्राम समाज की जमीन पर बने मदरसा, मस्जिद और दुकानों पर रविवार को बुलडोजर चला। करीब चार बीघा सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा हटाने के लिए पहले आठ दिन का अल्टीमेटम दिया गया था। तय समय सीमा पूरी होने के बाद रविवार सुबह जेसीबी मौके पर पहुंची और ध्वस्तीकरण शुरू कर दिया गया। रविवार सुबह 11:18 बजे बुलडोजर पहुंचा और ग़ौसुल मदरसा, मस्जिद और पांच दुकानों को गिराने की कार्रवाई शुरू हुई। कार्रवाई के दौरान मस्जिद के बाहर लगी समाजवादी पार्टी की विधायक पिंकी यादव की निधि से स्थापित पानी की प्याऊ को भी हटा दिया गया, जो पिछले एक साल से खराब बताई जा रही थी। 8 दिन का नोटिस, फिर खुद शुरू हुई तोड़फोड़ मुबारकपुर बंद गांव में सरकारी जमीन पर अवैध अतिक्रमण के खिलाफ डीएम को शिकायत मिली थी। जिसके बाद तहसीलदार कोर्ट से 28 मार्च को अवैध कब्जाधारियों को निर्माण हटाने के लिए नोटिस जारी किया था। 30 मार्च से स्थानीय स्तर पर मजदूर लगाकर निर्माण हटाने का काम शुरू हुआ, लेकिन समय पर काम पूरा नहीं हो पाया। शनिवार को डीएम के निर्देश पर तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने मौके पर पहुंचकर तेजी से कार्रवाई के निर्देश दिए। मदरसा कमेटी ने खुद मांगा किराए पर मांगा बुलडोजर ग्राम प्रधानपति हाजी मुनव्वर के अनुसार मजदूर पर्याप्त नहीं मिल पा रहे थे, इसलिए प्रशासन से बुलडोजर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया। ग्रामीणों ने एक हजार रुपए प्रति घंटे के हिसाब से जेसीबी किराए पर लगाई है। मस्जिद कमेटी ने लगभग 20 घंटे में पूरा निर्माण हटाने का लक्ष्य तय किया है। 30 साल पुराना मदरसा, बाद में बनी मस्जिद और दुकानें प्रशासनिक जानकारी के मुताबिक इस सरकारी जमीन पर करीब 30 साल पहले मदरसा बनाया गया था। करीब 10–15 साल पहले उसी परिसर में मस्जिद का निर्माण कर लिया गया। इसके बाद पांच दुकानें, आठ मकान और दो सरकारी प्राइमरी स्कूल भी इसी जमीन पर बना दिए गए। खाद के गड्ढे और खेल मैदान पर था कब्जा राजस्व विभाग के अनुसार गाटा संख्या 623 और 630 की जमीन खाद के गड्ढे और खेल मैदान के लिए दर्ज थी। पैमाइश में करीब चार बीघा भूमि पर अवैध निर्माण की पुष्टि हुई, जिसके बाद कब्जा हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस और राजस्व टीम मौके पर तैनात कार्रवाई के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक दरोगा और करीब 10 पुलिसकर्मी तैनात किए गए। डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया के आदेश पर तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में राजस्व टीम ने सीमांकन कर कब्जा हटाने की कार्रवाई शुरू कराई। प्रशासन का कहना है कि पूरी जमीन को जल्द ही कब्जा मुक्त करा लिया जाएगा।
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