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    झांसी के ICU में जूते उतारकर जाने लगे स्वास्थ्य सचिव:अपर मुख्य सचिव बोले-दूर से आ रहे मरीजों को इंफेक्शन हो सकता है, डायलिसिस यूनिट में पकड़ी गड़बड़ी

    3 hours ago

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    झांसी में उत्तर प्रदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. अमित घोष ने देर रात जिला अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं, संसाधनों और मरीजों को दी जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। पुरुष जिला अस्पताल की पुरानी इमारत का निरीक्षण करते हुए उन्होंने कहा कि भवन की मरम्मत और साज-सज्जा की आवश्यकता है। साथ ही उन्होंने स्वीकार किया कि अस्पताल में मानव संसाधन की कमी है, जिसे जल्द दूर किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान डॉ. घोष आईसीयू पहुंचे और वहां मरीजों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। संक्रमण के खतरे को देखते हुए उन्होंने वार्ड में जूते उतारकर प्रवेश करने की बात कही, हालांकि बाद में शू-कवर पहनकर अंदर गए। उन्होंने आईसीयू इंचार्ज और वेंटिलेटर विशेषज्ञ डॉ. केपी सिंह परमार से उपचार व्यवस्थाओं की जानकारी ली और निर्देश दिए कि जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता में कोई कमी न हो। इसके बाद उन्होंने मेल और फीमेल सर्जिकल वार्ड का निरीक्षण किया, जहां अधिकांश बेड खाली मिले। भर्ती मरीजों से बातचीत कर उन्होंने इलाज की स्थिति जानी और सर्जन डॉ. अभिषेक साहू से प्रतिदिन होने वाले ऑपरेशनों की जानकारी ली। डॉक्टर ने बताया कि रोजाना 6 से 10 ऑपरेशन किए जा रहे हैं। डायलिसिस यूनिट पर जताई नाराजगी डायलिसिस यूनिट के निरीक्षण के दौरान रजिस्टर में गड़बड़ी देख अपर मुख्य सचिव नाराज हो गए। दस मशीनों के बावजूद रजिस्टर में 25 कॉलम बनाए जाने पर उन्होंने जवाब तलब किया, लेकिन संतोषजनक उत्तर न मिलने पर मामले की विस्तृत जांच कराने की बात कही। अल्ट्रासाउंड और एनेस्थेटिस्ट की समस्या उठी मीडिया ने निरीक्षण के दौरान अल्ट्रासाउंड सेवाओं को लेकर हो रहे विवाद का मुद्दा उठाया। बताया गया कि रेडियोलॉजिस्ट और मरीजों के बीच आए दिन विवाद होता है और कई बार डॉक्टर काम छोड़कर चले जाते हैं, जिससे जांच प्रभावित होती है। इसके अलावा पुरुष और महिला जिला अस्पताल के लिए केवल एक ही एनेस्थेटिस्ट होने के कारण महिलाओं की सिजेरियन डिलीवरी कई बार टालनी पड़ती है या मरीजों को मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ता है। इस पर अपर मुख्य सचिव ने समस्या के समाधान का आश्वासन दिया, लेकिन नियुक्ति की समयसीमा स्पष्ट नहीं कर सके। अर्बन क्लिनिक की लापरवाही पर सख्ती के निर्देश अर्बन क्लिनिक में डॉक्टरों के समय से पहले चले जाने की शिकायत पर उन्होंने नाराजगी जताई और मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुधाकर पांडे को निर्देश दिए कि इस व्यवस्था को सख्ती से लागू कराया जाए। ये रहे मौजूद निरीक्षण के दौरान अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनके जैन, जिला अस्पताल (पुरुष) के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. के. सक्सेना, जिला महिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राज नारायण, नोडल ऑफिसर डॉ. गोकुल प्रसाद, सीनियर फिजिशियन डॉ. प्रताप सिंह, डॉ. मुकेश राजपूत, डॉ. कुलदीप यादव, आईसीयू इंचार्ज व वेंटिलेटर विशेषज्ञ डॉ. केपी सिंह परमार और सर्जन डॉ. अभिषेक साहू सहित नर्सिंग व फार्मेसी स्टाफ मौजूद रहा।
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