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    जौनपुर में पेंशनरों का प्रदर्शन:8वें वेतन आयोग में शामिल करने, पुरानी पेंशन बहाली की मांग

    1 hour ago

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    जौनपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में मंगलवार को उत्तर प्रदेश के सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन ने धरना प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन आठवें वेतन आयोग में पेंशनरों को शामिल न करने और अन्य लंबित मांगों को लेकर किया गया। एसोसिएशन ने इस संबंध में जिला प्रशासन को एक ज्ञापन भी सौंपा। एसोसिएशन ने बताया कि देश के पेंशनरों में इस बात को लेकर गहरा असंतोष है कि उन्हें आठवें वेतन आयोग के दायरे में नहीं रखा गया है। यह राज्यव्यापी कार्यक्रम अखिल भारतीय राज्य सरकार पेंशनर फेडरेशन के आह्वान पर आयोजित किया गया था। प्रदर्शन के दौरान पारित प्रस्ताव में कई प्रमुख मांगें शामिल थीं। इनमें वित्त विधेयक 2025 से पेंशनरों में तिथि के आधार पर भेदभाव करने वाले प्रावधान को हटाकर पुराने पेंशनरों को आठवें वेतन आयोग के दायरे में लाने की मांग की गई। इसके अतिरिक्त, भारत सरकार के राजपत्र दिनांक 29 अगस्त 2008 में प्रकाशित निर्णयों के अनुसार कर्मचारियों, पेंशनरों और शिक्षकों के लिए अलग उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) बनाने की भी मांग की गई। एसोसिएशन ने उच्चतम न्यायालय की पूर्ण पीठ के निर्णय के अनुसार पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल करने की भी मांग की। अन्य मांगों में पेंशनरों के राशिकरण की कटौती 10 वर्ष पर बंद करना, 65 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद प्रत्येक पांच वर्ष पर पांच प्रतिशत पेंशन वृद्धि और पेंशन को आयकर से मुक्त रखना शामिल था। एसोसिएशन की मांगों में कोरोना काल के 18 महीने के महंगाई भत्ता (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) के एरियर का भुगतान भी शामिल था। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों को रेल किराये में 50 प्रतिशत की छूट देने और आयुष्मान भारत योजना के तहत कैशलेस उपचार की सीमा को 10 लाख रुपये तक बढ़ाने की भी मांग की। एसोसिएशन ने यह भी मांग की कि महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत से अधिक होने पर उसे मूल वेतन या पेंशन में मर्ज किया जाए।
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