Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    जलकल जीएम के वित्तीय अधिकार सीज करने की संस्तुति:घोटालों के आरोप की जांच में सहयोग न करने पर नगर आयुक्त ने शासन को लिखा लेटर

    10 hours ago

    2

    0

    आगराआगरा का जलकल विभाग मरम्मत के काम और नई पाइप लाइन बिछाने में करोड़ों रुपये के घोटाले के आरोप में घिर गया है। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने शासन को लेटर लिखकर जलकल जीएम के वित्तीय अधिकार सीज करने की संस्तुति की है। इसको लेकर जलकल विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। क्या है मामला जलकल विभाग के पास शहर में करीब 1600 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन की मरम्मत और नई लाइन बिछाने का जिम्मा था। आरोप है कि विभाग ने स्वयं निर्धारित दरों पर खरीद-फरोख्त कर भुगतान किया। इसी आड़ में 4 करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला किया गया। इस मामले में लगातार शिकायतें की जा रही थीं। मगर, जलकल जीएम अरुणेंद्र कुमार राजपूत ने इन्हें फर्जी बताकर इनका निस्तारण करा दिया। अपर नगर आयुक्त कर रहे जांच इन मामलों की शिकायतें बढ़ीं तो नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार की अध्यक्षता में 4 सदस्यीय जांच समिति गठित की। समिति ने संबंधित फाइलें मांगीं, लेकिन जीएम द्वारा कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। यहां तक कि जांच टीम के सामने उपस्थित होने से भी इनकार कर दिया गया। इसके बाद समिति ने संकलित साक्ष्यों के आधार पर रिपोर्ट नगर आयुक्त को सौंपी, जिसके बाद नगर आयुक्त ने वित्तीय अधिकार सीज करने के लिए शासन को लेटर लिखा है। जांच में ये मिलीं अनियमितताएं जांच में कई और गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। रेन वाटर हार्वेस्टिंग में करीब 2.5 करोड़ रुपये का गोलमाल हुआ। लखनऊ की तीन कंपनियों से 80 लाख रुपये के स्लूज वाल्व की खरीद दिखाई गई। एक ही तारीख में 40 रुपये के वाल्व दिखाकर 5-5 लाख रुपये की फाइलों से भुगतान किया गया। पाइपलाइन मरम्मत और नई लाइन बिछाने में करीब 1 करोड़ रुपये के भुगतान का हुआ पर इनका सत्यापन नहीं किया गया। सत्यापन के बिना भुगतान, जनता के पैसे पर खेल हन्ना गली छीपीटोला निवासी कैलाश चंद्र ने चमरौली क्षेत्र में पाइपलाइन कार्य के लिए 20 लाख रुपये के भुगतान का सत्यापन न होने की शिकायत की। ऐसे कई मामलों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
    Click here to Read more
    Prev Article
    एमएलसी देवेंद्र सिंह ने आजमगढ़ एसपी पर लगाए गंभीर आरोप:कहा- उनकी जगह जेल में होनी चाहिए, फर्जी मुठभेड़ का आरोप
    Next Article
    बाराबंकी में भाई-बहन गंभीर रूप से झुलसे:रसोई में सिलेंडर फटा, दो घरों की गृहस्थी जलकर हुई राख

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment