Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    इधर हुई CIA एजेंट की गिरफ्तारी, उधर NSA डोभाल से मिलने पहुंचे अमेरिकी राजदूत!

    14 minutes from now

    2

    0

    भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गौर ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात की है और यह मुलाकात ऐसे वक्त में आई है जब भारत ने अमेरिकी नागरिक को आतंकी साजिश के आरोप में गिरफ्तार किया है। हालांकि इस मुलाकात की जानकारी खुद अमेरिकी राजदूत सर्जियो गौर ने दी। इस बैठक में दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग, इंटेलिजेंस शेयरिंग और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। इस मुलाकात को लेकर भारत सरकार की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि या विस्तृत बयान सामने नहीं आया। बैठक के बाद अमेरिकी राजदूत सर्जियो गौर ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है। बातचीत में डिफेंस कोऑपरेशन, इंडोपेसिफिक सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी प्रयास और तकनीकी सहयोग जैसे विषय शामिल रहे और यह मुलाकात ऐसे वक्त में हुई जब अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष भीषण रूप से देखने को मिल रहा है।  इसे भी पढ़ें: जब Pakistan में एक कान के छेद ने फंसाया था Ajit Doval को, पढ़ें RAW Agent की अनसुनी Spy Storyइस बैठक के समय को लेकर राजनीतिक और सुरक्षा हल्कों में भी चर्चाएं तेज क्योंकि हाल ही में भारत की एनआईए ने एक बड़े ऑपरेशन में सात विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया था। जिनमें से एक अमेरिकी नागरिक भी शामिल है। इस अमेरिकी नागरिक की पहचान मैथ्यू ओरान बेंडाइक के रूप में हुई। उस पर आरोप है कि वह एक नेटवर्क का हिस्सा था जो म्यांमार में सक्रिय विद्रोही गुटों को ड्रोन वॉरफेयर और आधुनिक सैन्य तकनीक की ट्रेनिंग दे रहा था। हालांकि इस मामले में सबसे बड़ा विवाद उसका सीआईए कनेक्शन का कयास बना हुआ है। वेंडाइक को लेकर लंबे समय से यह चर्चा रही है कि वो अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के लिए प्रॉक्सी या एसेट की तरह काम करता है। हालांकि उसने खुद इन आरोपों से इंकार किया है और किसी भी आधिकारिक एजेंसी ने इसकी पुष्टि नहीं की और यही वजह है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद यह मामला सिर्फ कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं रहा बल्कि इसे खुफिया और कूटनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है। एनआईए की जांच के मुताबिक यह पूरा नेटवर्क टूरिस्ट वीजा पर भारत आया और बाद में मिजोरम के सीमावर्ती इलाकों के जरिए अवैध रूप से म्यांमार में दाखिल हुआ और वहां कथित तौर पर उन्होंने विद्रोही गुटों को ड्रोन और हथियारों की ट्रेनिंग दी। एजेंसी का दावा है कि इस नेटवर्क के यूरोप से जुड़े संपर्क भी सामने आए और इसका मकसद म्यांमार के विद्रोही गुटों को आधुनिक युद्ध तकनीक उपलब्ध कराना था। इसे भी पढ़ें: वो रात जब अजीत डोभाल पाकिस्तान में लगभग पकड़े गए थे, क्या है ऑपरेशन अभय जिससे लाहौर आज भी कांपता हैसभी आरोपियों को फिलहाल यूएपीए के तहत हिरासत में ले लिया गया है। भारत की तरफ से इस पूरे मामले में संदेश साफ माना जा रहा है। किसी भी विदेशी नेटवर्क को सीमा पार गतिविधियों या प्रोक्सी संघर्ष के लिए भारतीय क्षेत्र का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। और जब यह गिरफ्तारी हुई दो दिन बाद अमेरिकी राजदूत ने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोबाल से मुलाकात की। क्यों हुई इस पर ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई। लेकिन ऐसा अंदाजा लगाया जा रहा है कि इस गिरफ्तारी पर भी बातचीत जरूर हुई होगी।
    Click here to Read more
    Prev Article
    भक्ति और शक्ति का मिलन: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पहुंचीं राधा केली कुंज, संत प्रेमानंद महाराज से लीं आध्यात्मिक सीख
    Next Article
    Eid के जश्न के बीच Kuwait पर Drone Attack, ईरानी हमले से दहला पूरा खाड़ी देश

    Related विदेश Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment