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    इटावा में बिजली विभाग का वित्तीय वर्ष समापन:उपभोक्ताओं को मिली राहत, बिजली चोरी पर सख्ती

    3 hours ago

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    इटावा में वित्तीय वर्ष के समापन पर बिजली विभाग ने बड़ी राहत और सख्ती दोनों की तस्वीर एक साथ पेश की है। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के अधिशासी अभियंता हनुमान प्रसाद मिश्र ने बताया कि एकमुश्त समाधान योजना में हजारों उपभोक्ताओं ने भाग लेकर बकाया बिल जमा किया, वहीं बिजली चोरी पर कार्रवाई तेज हुई है। साथ ही स्मार्ट मीटर को लेकर फैल रही गलतफहमियों को भी साफ किया गया है, जिससे उपभोक्ताओं को सही जानकारी मिल सके। योजना से मिली राहत, उपभोक्ताओं ने दिखाया भरोसा एकमुश्त समाधान योजना के तहत 2359 उपभोक्ताओं को पंजीकरण के लिए पत्र भेजे गए थे। इनमें से 1749 उपभोक्ताओं ने योजना में पंजीकरण कराया और अंतिम तिथि तक 170 को छोड़कर लगभग सभी ने अपना पूरा बकाया बिल जमा कर दिया। इससे साफ है कि उपभोक्ताओं ने इस योजना पर भरोसा दिखाया और विभाग को भी बड़ी राहत मिली। बिजली चोरी पर कड़ा शिकंजा, आधे से ज्यादा ने भरा बिल जिले में बिजली चोरी के खिलाफ सख्त अभियान चलाया गया, जिसमें 2189 मुकदमे दर्ज किए गए। इनमें से 1110 उपभोक्ताओं ने राजस्व सहित अपना बकाया जमा कर दिया। विभाग का कहना है कि लगातार कार्रवाई से चोरी के मामलों में कमी आई है और इससे बिजली की बचत भी हुई है। स्मार्ट मीटर को लेकर भ्रम दूर, नई व्यवस्था आसान स्मार्ट मीटर को लेकर फैली भ्रांतियों पर अधिशासी अभियंता ने साफ कहा कि यह मीटर तेज नहीं चलते हैं। इनमें लगी सिम के जरिए डेटा सीधे सर्वर तक पहुंचता है। विभाग द्वारा पुराने और स्मार्ट मीटर की तुलना भी की जा रही है, जिसमें कई बार स्मार्ट मीटर धीमा भी पाया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि अब मीटर से ही कनेक्शन जोड़ा या काटा जा सकता है, जिससे लाइनमैन को खंभे पर चढ़ने की जरूरत नहीं होगी। शहर में कुल 65 हजार मीटर लगाए जाने हैं, जिनमें से 17 हजार मीटर लग चुके हैं और करीब 1100 से 1200 मीटर प्रीपेड मोड में बदले जा चुके हैं। उपभोक्ताओं को एक महीने का ग्रेस पीरियड दिया जा रहा है और उन्हें समय-समय पर मोबाइल पर संदेश भी भेजे जा रहे हैं, ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो। विभाग के अनुसार इस वर्ष ऊर्जा खपत में करीब 7 प्रतिशत की कमी आई है, जबकि राजस्व वसूली में 5 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बिजली चोरी पर नियंत्रण और सोलर पैनल के बढ़ते इस्तेमाल को इसका मुख्य कारण बताया गया है, जिससे ऊर्जा प्रबंधन बेहतर हुआ है।
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