Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    Iran के लिए चंदा एकत्रित करते करते Kashmiri Women ने Indian Army का किया अपमान, जवानों को शराबी बताया

    3 hours from now

    2

    0

    सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें एक कश्मीरी महिला ईरान की मदद के लिए चंदा इकट्ठा करती नजर आ रही है। लेकिन जब उससे यह सवाल पूछा गया कि क्या इसी तरह का अभियान भारतीय सेना के लिए भी चलाया जा सकता है, तो उसने भारतीय जवानों को शराबी बताकर न केवल सेना का अपमान किया बल्कि देशभक्ति की भावना पर भी चोट पहुंचाई। भारतीय जवानों को शराबी बता रही इस महिला या ऐसी सोच रखने वाले लोगों को समझना होगा कि भारतीय सेना केवल सीमा पर खड़ी रहने वाली ताकत नहीं है, बल्कि वह देश के हर नागरिक की जीवन रेखा है, खासकर कश्मीर जैसे संवेदनशील और कठिन भौगोलिक क्षेत्र में।देखा जाये तो कश्मीर भले अपनी खूबसूरती के लिए जाना जाता है, लेकिन यह क्षेत्र आतंकवाद के साथ-साथ प्राकृतिक आपदाओं का भी लगातार सामना करता है। भारी बर्फबारी, भूकंप, बाढ़ और कठोर सर्दी यहां की सच्चाई है। ऐसे समय में जब आम जीवन पूरी तरह ठहर जाता है, तब एक ही संस्था है जो बिना थके बिना रुके लोगों के साथ खड़ी रहती है और वह है भारतीय सेना। यह सेना नशे में नहीं बल्कि देश सेवा के जुनून में डूबी रहती है तभी कठिन से कठिन मौसमी परिस्थितियां या दुश्मन की ओर से पैदा की जाने वाली बड़ी से बड़ी चुनौतियां भी जवानों के हौसले को हिला नहीं पातीं।।इस महिला को पता होना चाहिए कि सर्दियों के मौसम में जब कश्मीर के दूर दराज इलाके बर्फ की मोटी परतों में दब जाते हैं, तब गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट जाता है। ऐसे में बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और बीमार लोगों के लिए हर पल जिंदगी और मौत का सवाल बन जाता है। लेकिन इन्हीं हालात में भारतीय सेना के जवान कई कई किलोमीटर तक बर्फ को चीरते हुए पैदल चलते हैं और जरूरतमंदों तक पहुंचते हैं। कई बार वे बीमार लोगों को अपने कंधों पर उठाकर अस्पताल तक पहुंचाते हैं। क्या यह काम कोई शराबी कर सकता है या यह केवल वही कर सकता है जो देश सेवा के जज्बे से भरा हो?इसे भी पढ़ें: Jammu and Kashmir Ganderbal Encounter | गांदरबल में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता, अरहामा इलाके की मुठभेड़ में एक आतंकवादी ढेरहाल ही में भारी बर्फबारी के दौरान आम परिवारों को बचाना हो या कुपवाड़ा के विलगाम में एक गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाना हो, हर जगह सेना ही सबसे पहले नजर आई। यहां तक कि जवानों ने खुद बर्फ हटाकर सड़कों को चालू किया और बिजली व्यवस्था बहाल करने में भी मदद की। यह केवल कुछ उदाहरण हैं, असल में ऐसे हजारों किस्से हैं जो कभी सुर्खियों में नहीं आते।बाढ़ के समय भी कश्मीर ने भारतीय सेना का एक और रूप देखा है। वर्ष 2014 की भीषण बाढ़ को कौन भूल सकता है जब पूरा कश्मीर पानी में डूब गया था। उस समय सेना ने दिन रात एक करके हजारों लोगों की जान बचाई। जवान खुद भूखे रहे लेकिन उन्होंने हर घर तक खाना पहुंचाया। नावों के जरिए बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। उस समय हर कश्मीरी की जुबान पर एक ही नाम था भारतीय सेना।हाल ही के बाढ़ जैसे हालात में भी सेना ने फिर वही भूमिका निभाई। हर मुश्किल घड़ी में वह दीवार बनकर खड़ी रही। कटरा में बादल फटने और भगदड़ जैसी घटनाओं के दौरान भी सेना ने अपनी जान जोखिम में डालकर राहत और बचाव कार्य किया। जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन हो या सड़क बंद होने की समस्या, सेना हर बार सबसे पहले मोर्चा संभालती है। फंसे हुए लोगों को निकालना, रास्ता साफ करना, चिकित्सा सुविधा देना यहां तक कि हेलीकाप्टर सेवा उपलब्ध कराना भी सेना की जिम्मेदारी बन जाती है। यह केवल ड्यूटी नहीं बल्कि सेवा का सबसे ऊंचा उदाहरण है।कश्मीर के दूरस्थ इलाकों में तो सेना ही जीवन का आधार है। जब कोई और व्यवस्था काम नहीं करती तब सेना ही अस्पताल बनती है, एम्बुलेंस बनती है और सहारा बनती है। वहां के लोग भली भांति जानते हैं कि मुश्किल समय में सबसे पहले कौन आता है। ऐसे में सोशल मीडिया पर वायरल हो रही कश्मीरी महिला का गैर जिम्मेदार बयान न केवल निंदनीय है बल्कि उन हजारों जवानों के त्याग का अपमान भी है जो हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर देश और कश्मीर के लोगों की रक्षा करते हैं। यह समझना जरूरी है कि भारतीय सेना केवल एक संस्था नहीं बल्कि देश की आत्मा है।जो लोग सेना को शराबी कहने की हिमाकत करते हैं, उन्हें उन सच्चाइयों को देखना चाहिए जो हर दिन बर्फ, बाढ़ और संकट के बीच लिखी जाती हैं। भारतीय सेना का हर जवान देशभक्ति के नशे में डूबा है, और यही नशा उसे हर कठिनाई से लड़ने की ताकत देता है। यह समय है सच को पहचानने का और उन लोगों को जवाब देने का जो देश के असली नायकों का अपमान करते हैं।
    Click here to Read more
    Prev Article
    तुम सुंदर हो, तुम्हारी...Akola Police के ASI ने महिला से की बेटी की मांग, अब हुआ Suspend
    Next Article
    अमेरिका ही छोड़ सकता है NATO, दगाबाजी से भड़के ट्रंप ने कहा- कागज के शेरों के साथ क्या रहना?

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment