Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    IPS कृष्ण-अंशिका की शादी में 7 फेरे नहीं होंगे:बरेली SP ने बिश्नोई पंथ अपनाया; 3 साल पहले गोरखपुर में हुआ था प्यार

    2 hours ago

    2

    0

    संभल SP कृष्ण बिश्नोई और बरेली SP अंशिका वर्मा की आज शादी है। दोनों की शादी की रस्में राजस्थान के बाड़मेर में होंगी। करीब 3 साल पहले गोरखपुर में दोनों की मुलाकात हुई थी। समय के साथ यह दोस्ती प्यार में बदल गई। बात जब शादी तक पहुंची, तो बिश्नोई के परिवारवालों ने इनकार कर दिया। दरअसल, बिश्नोई समाज में गैर-बिश्नोई लड़की से शादी स्वीकार नहीं की जाती। काफी बातचीत के बाद दोनों परिवार शादी के लिए माने। इसके लिए अंशिका को कुछ खास रस्मों के बाद बिश्नोई समाज में शामिल कराया गया। इतना ही नहीं, शादी में सात फेरे भी नहीं होंगे। आज संडे बिग स्टोरी में दोनों IPS अफसरों की खास शादी पर बात करेंगे। बिश्नोई परिवार ने अंशिका को कैसे स्वीकार किया? अंशिका को गोद लेने की जरूरत क्यों पड़ी? शादी में 7 फेरे क्यों नहीं होंगे? आइए सब कुछ शुरू से जानते हैं… गोरखपुर में मुलाकात, फिर प्यार कृष्ण बिश्नोई 2018 बैच के IPS हैं। वे राजस्थान के बाड़मेर जिले के धोरीमन्ना गांव के रहने वाले हैं। वहीं, अंशिका वर्मा 2021 बैच की IPS अफसर हैं और प्रयागराज की रहने वाली हैं। कृष्ण और अंशिका की पहली मुलाकात 2023 में गोरखपुर में हुई थी। उस वक्त कृष्ण वहां SP सिटी थे और अंशिका ASP थीं। दोनों के बीच दोस्ती हुई और जल्द ही प्यार हो गया। कुछ वक्त के बाद दोनों का गोरखपुर से ट्रांसफर हो गया। कृष्ण बिश्नोई एसपी बनकर संभल आ गए और अंशिका ने बरेली में SP साउथ का चार्ज संभाल लिया। दोनों अफसर अपनी सख्त पुलिसिंग के लिए जाने जाते हैं। सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव हैं। लेकिन, दोनों कभी भी अपनी लाइव लाइफ को लेकर कोई पोस्ट नहीं की। पिछले महीने जब शादी का कार्ड सामने आया, तब लोगों को इनकी लव स्टोरी के बारे में पता चला। अंशिका के पिता अनिल वर्मा उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) से रिटायर्ड हैं। जब अंशिका ने पिता को कृष्ण के बारे में बताया, तो वे इस रिश्ते के लिए राजी नहीं हुए। अंशिका ने उन्हें काफी समझाया। आखिर में पूरा परिवार अंशिका के फैसले से जारी हो गया। हालांकि, कृष्ण के परिवार में ऐसा कुछ नहीं था। उन्हें पसंद की लड़की से शादी करने की छूट थी। लेकिन, बिश्नोई समाज की कुछ बंदिशें यहां भी थीं। शादी के लिए अंशिका बनीं बिश्नोई बिश्नोई समाज में किसी अन्य समुदाय या जाति की लड़की से शादी की मंजूरी नहीं है। इसके लिए कुछ नियम बनाए गए हैं। इसके मुताबिक, लड़की को बिश्नोई समाज में शामिल होना पड़ता है। इस प्रक्रिया को ‘पाहाल ग्रहण’ कहते हैं। अंशिका के मामले में भी यही हुआ। अमावस्या के दिन (18 मार्च) मुरादाबाद के प्रसिद्ध बिश्नोई धाम में अनुष्ठान रखा गया। कृष्ण बिश्नोई और अंशिका वर्मा परिवार के साथ उसमें शामिल हुए। वहां बिश्नोई समाज के धर्मगुरु के सामने अंशिका ने पाहाल ग्रहण किया। बिश्नोई समाज के एक व्यक्ति बताते हैं- अनुष्ठान में पानी से भरा एक मटका रखा जाता है। जिसे समाज में शामिल करना होता है, उसे माला-फूल लेकर बैठाया जाता है। धर्मगुरु 120 शब्द पढ़ते हैं। इसमें करीब 2 घंटे का वक्त लगता है। फिर तीन बार मटके का पानी पिलाया जाता है। वो व्यक्ति बिश्नोई समाज के 29 नियमों का पालन करने का वादा करता है। इसके बाद वह व्यक्ति ‘बिश्नोई’ बन जाता है। अनुष्ठान के बाद अंशिका को बिश्नोई समाज के ही एक व्यक्ति ने गोद लिया। वजह, शादी के लिए लड़की का परिवार भी बिश्नोई होना चाहिए। अब लड़की पक्ष के लिए समाज में जो नियम है, अंशिका का दत्तक परिवार उसे पूरा कर रहा है। शादी से पहले कृष्ण बिश्नोई के घर जो नारियल (डोरा) गया, वह भी उनकी तरफ से ही भेजा गया है। हालांकि, शादी का खर्च और व्यवस्था अंशिका के पिता और घरवाले ही देख रहे हैं। शाही शादी होगी, लेकिन 7 फेरे नहीं कृष्ण और अंशिका की शादी बेहद धूमधाम से होगी। इसमें राजस्थानी संस्कृति झलक देखने को मिलेगी। 26 मार्च को दोनों की सगाई और 27 मार्च को हल्दी की रस्म हुई थी। इसके बाद ‘बंदौली’ कार्यक्रम हुआ। इसमें कृष्ण अपने पिता के साथ नाचते नजर आए थे। कृष्ण और अंशिका की शादी के फोटो-वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब शेयर हो रहे हैं। अंशिका का परिवार इस वक्त जोधपुर के ‘उम्मेद भवन पैलेस’ में ठहरा है। यहीं अंशिका की मेहंदी का प्रोग्राम हो रहा है। हालांकि, शादी बाड़मेर में होगी। ये शादी बिश्नोई नियमों के मुताबिक ही होगी। समाज में अग्नि के सामने 7 फेरों की रस्म नहीं होती। जोधपुर के लारिया रिसॉर्ट में 30 मार्च को रिसेप्शन होगा। इसमें यूपी-दिल्ली के तमाम बड़े अधिकारी और नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है। ये पहली शादी नहीं है, जिसकी यूपी में इतनी ज्यादा चर्चा है। कुछ वक्त पहले क्रिकेटर कुलदीप यादव और कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय की शादी भी खूब चर्चा में रही थी। आइए जानते हैं… कुलदीप ने दोस्त से शादी की, बधाई देने सीएम योगी पहुंचे भारतीय क्रिकेट टीम के स्पिनर कुलदीप यादव ने 14 मार्च को अपनी बचपन की दोस्त वंशिका चड्ढा से शादी की थी। कानपुर में वंशिका और कुलदीप के घरों के बीच करीब 3 किलोमीटर की ही दूरी है। शादी मसूरी के ‘वेलकम होटल द सेवॉय’ में रॉयल आइवरी थीम पर हुई। इसमें कुलदीप के क्रिकेटर साथी तो शामिल हुए, साथ ही बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री भी पहुंचे। शादी के बाद 17 मार्च को लखनऊ के सेंट्रम होटल में रिसेप्शन पार्टी रखी गई। इसमें सीएम योगी आदित्यनाथ, कुलदीप और वंशिका को आशीर्वाद देने पहुंचे थे। पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कुलदीप को गले लगाकर बधाई दी थी। इस शादी की सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हुई थी। कथावाचक की रॉयल वेडिंग, 500 VIP आए वृंदावन के कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय की शादी 3 महीने पहले 5 दिसंबर, 2025 को हुई थी। शादी समारोह जयपुर के ताज आमेर होटल में हुआ था। इंद्रेश ने हरियाणा के यमुनानगर की शिप्रा शर्मा के साथ 7 फेरे लिए थे। शिप्रा के पिता हरेंद्र शर्मा हरियाणा पुलिस में डीएसपी के पद पर रह चुके हैं। शादी वैदिक रीति-रिवाज से हुई थी। हरिद्वार, नासिक और वृंदावन से आए 101 पंडितों ने शादी की रस्में पूरी करवाई थीं। शादी का पंडाल तिरुपति बालाजी मंदिर की थीम पर सजाया गया था। बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री, कवि कुमार विश्वास, कथावाचक चित्रलेखा, साध्वी ऋतंभरा, आचार्य पुंडरीक जैसे करीब 500 वीआईपी मेहमान शादी में शामिल हुए थे। सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने इस भव्य शादी की आलोचना भी की थी। कहा था- मोह-माया का त्याग बताने वाले कथावाचक खुद राजसी शादी कर रहे हैं। -------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… श्रृंगवेरपुर में निषादराज का किला, फिर मजार कैसे, निषाद पार्टी आंदोलन कर रही प्रयागराज के श्रृंगवेरपुर में यूपी सरकार ने 40 बीघे में निषादराज पार्क बनवाया। इसमें करीब 37 करोड़ रुपए खर्च हुए। पीएम मोदी ने उद्धाटन किया, लोग पार्क में आने लगे। इसी पार्क की बाउंड्री से लगकर एक मजार और मस्जिद है। अब उसे लेकर विवाद हो रहा है। पूरी खबर पढ़ें…
    Click here to Read more
    Prev Article
    मोदी-योगी ने नोएडा एयरपोर्ट से 2027 चुनाव का दांव चला:सपा को लूट का ATM बताया; VIDEO में देखिए अखिलेश का पलटवार
    Next Article
    हरियाणा की हाईटेक जेल ब्रेक की कहानी:दोनों बंदियों ने सीढ़ियां जोड़ 20 फीट दीवार फांदी, हाईवे से ट्रांसपोर्ट पकड़ यूपी भागे; 1 गलती से फंसे

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment