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    India-China Bilateral Relations: NSA Ajit Doval ने चीनी विदेश मंत्री Wang Yi से कहा- 'एक-दूसरे की मुख्य चिंताओं का सम्मान करें दोनों देश'

    2 hours from now

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    भारत और चीन के बीच सीमा गतिरोध और कूटनीतिक तनाव के बीच, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से द्विपक्षीय संबंधों को लेकर बेहद महत्वपूर्ण बात कही है। ब्रिक्स (BRICS) देशों के एनएसए सम्मेलन के इतर आयोजित एक द्विपक्षीय बैठक में, डोभाल ने स्पष्ट किया कि भारत और चीन को एक-दूसरे के “मुख्य चिंता वाले मुद्दों” के प्रति निरंतर संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। यह बैठक दोनों देशों के बीच सीमा पर चल रहे तनाव को कम करने और आपसी समझ विकसित करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।इसे भी पढ़ें: Infosys की AI से अरबों की कमाई, Nandan Nilekani का बड़ा दावा- Technology नौकरियां नहीं छीनेगी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि एनएसए डोभाल ने इस बात पर जोर दिया कि स्थिरऔर रचनात्मक द्विपक्षीय संबंध दोनों पक्षों के बीच भरोसा बढ़ाने और आपसी समझ को मजबूत बनाने में योगदान देंगे। उन्होंने कहा, “डोभाल ने एक-दूसरे के मुख्य चिंता वाले अहम मुद्दों के प्रति लगातार संवेदनशीलता दिखाने की अहमियत पर भी जोर दिया।” हालांकि, जायसवाल ने यह नहीं बताया कि ये मुद्दे कौन से हैं। उन्होंने कहा कि एक-दूसरे के मुख्य चिंता वाले मुद्दों के प्रति लगातार संवेदनशीलता दिखाना आपसी संवेदनशीलता, आपसी हितों और आपसी सम्मान के हमारे समग्र दृष्टिकोण के अनुरूप होगा। बैठक में, दोनों पक्षों ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर समग्र स्थिति की समीक्षा भी की।इसे भी पढ़ें: Hockey Thriller: India ने Pakistan को 4-3 से हराया, London में अंतिम पलों तक चला रोमांच। विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रिक्स के मंच पर डोभाल और वांग यी की यह मुलाकात इस बात का संकेत है कि दोनों देश बातचीत के रास्ते खुले रखना चाहते हैं। लेकिन दीर्घकालिक शांति तभी संभव होगी, जब चीन भारत की रणनीतिक और क्षेत्रीय चिंताओं को समझे और एलएसी पर अप्रैल 2020 से पहले की स्थिति बहाल करने में सहयोग करे। 
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