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    हत्यारा पिता फफकते हुए बोला, बेटियां जान थी मेरी...:चापड़ से गला नहीं काट सकता था, इसलिए खरीदा था हथौड़ा... आंख बंद कर किए वार

    3 hours ago

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    किदवई नगर के ब्लॉक स्थित त्रिमूर्ति अपार्टमेंट निवासी शशिरंजन ने अपनी बेटियों के कत्ल के लिए शॉपिंग की थी, चापड़ खरीदने के बाद उसने मूलगंज से ही हथौड़ा भी खरीदा था। पुलिस की पूछताछ में उसने कबूल किया कि मैं अपनी जुड़वा बेटियों का चापड़ से गला रेतना चाहता था, लेकिन मैं उनकों अपनी बच्चियों को जान से ज्यादा प्यार करता था… उन्हें इस तरह से गला रेतने की हिम्मत नहीं बना सका, अगर उनका गला काटता तो वह बहुत तड़पती, जिस पर मैने उन्हें एक झटके में मारने की ठानी और उसी दुकान से हथौड़ा भी खरीद लिया, फिर एक झटके में मार नहीं सकता था, बच्चियों को बेहोश करने के बाद मैने उनके गर्दन में चापड़ रखी और एक झटके में हथौड़े से एक के बाद एक ताबड़तोड़ वार शुरू कर दिए। नशेबाजी करने पर पड़ोसियों ने पीटा था पुलिस की पूछताछ में उसने फफकते हुए कहा कि मेरी बच्चियां मेरी जान थी… मैं उन्हें इस हालत में नहीं देख सकता था, इसलिए हथौड़ा चलाने से पहले मैंने अपनी आंखे बंद कर ली थी। आसपास रहने वाले लोगों से शशिरंजन मिश्रा उर्फ मनोज उर्फ रिंकू के बारे में पूछताछ करने पर भी यह बात साफ नजर आती है कि शशिरंजन अपनी बेटियों से बहुत प्यार करता था। शराब पीकर पत्नी से झगड़ा और आसपड़ोस के लोगों को गाली देने की वजह से फ्लैट मालिक विवेक गुप्ता भी उसे निकालना चाहते थे। पड़ोसियों ने बताया कि कुछ महीने पहले शशिरंजन नशे में धुत होकर अपनी स्पोर्ट्स बाइक से अपार्टमेंट पहुंचा और अंदर खड़ी कार से टकरा गया, जिससे कार डैमेज हो गई थी। गार्ड से रेशमा बोली थी- ट्रेन में बैठ जाऊं तब इसे बताना इसपर कार स्वामी व दूसरे अपार्टमेंट वासियों ने डंडा और बेल्ट लेकर जमकर पीटा। इस दौरान शशिरंजन ने कपड़े भी निकाल दिए, इसके बाद लोगों ने उसे अपार्टमेंट से बाहर निकलवा दिया। इस घटनाक्रम के बाद रेशमा बेटियों को नौकरानी के पास छोड़कर खुद बेटे को लेकर सिलीगुड़ी निकल गई थी। जाते समय गार्ड प्रमोद नारायण दीक्षित को एक हजार रुपए दिए और कहा कि जब मैं ट्रेन में बैठ जाऊं तब शशिरंजन को कॉल कर बता देना कि वह हमेशा के लिए चली गई, हालांकि नौ महीने बाद वापस आ गई। अकेली बेटियों की देखभाल के लिए घर जल्दी आ जाता था अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों ने बताया कि वह नशेबाज जरूर था, लेकिन अपनी बेटियों को बहुत प्यार करता था। पड़ोसियों के मुताबिक जब रेशमा अपनी दोनों बेटियों को छोड़ कर 9 माह के लिए अपने मायके चली गई थी, तब शशिरंजन बेटियों की हर छोटी-बड़ी ख्वाहिश का ख्याल रखता। उन्हें समय से तैयार कर स्कूल छोड़ने जाता। बेटियां अकेली रहेंगी, इस लिए जल्दी घर भी आ जाता। पिता के साथ मां का भी फर्ज निभाता रहा। हत्या की रात सीसीटीवी कैमरों में भी उसका एक फर्ज कैद हुआ। नींद में सो रही बेटी को टॉयलेट जाना था तो उसे अपने साथ बाथरूम तक छोड़ने गया, हालांकि इसके बाद उसने जो किया वह एक बाप कभी भी नहीं कर सकता। एक कैमरे में गला दबाते हुए कैद हुआ शशिरंजन इसके साथ ही शशिरंजन के टू बीएचके फ्लैट के चप्पे-चप्पे को सीसीटीवी कैमरे से कैद करना, अब उसी के लिए भारी पड़ेगा। आरोपी ने जिस बेडरूम में अपनी 11 वर्षीय जुड़वां बेटियों की हत्या की, उसमें 3 कैमरे लगे हैं। एक कैमरे में शशिरंजन सिद्धि का गला दबाते कैद भी हो गया है। पुलिस के बारीकी से फुटेज जांचने पर यह जानकारी सामने आई। यही फुटेज अब उसके लिए काल साबित होगी। नौबस्ता इंस्पेक्टर बहादुर सिंह के मुताबिक इस फुटेज को विवेचना में शामिल किया जाएगा। जो उसे कड़ी सजा दिलाने में मजबूत साक्ष्य के रूप में साबित होगी। इंस्पेक्टर बहादुर सिंह ने बताया कि घर में लगे सीसीटीवी कैमरे की शुरुआत में डीवीआर जांची गई तो कमरे की फुटेज में कुछ भी स्पष्ट नहीं दिखा था, हालांकि एक अन्य कैमरे की फुटेज खंगाली गई तो आरोपी शशिरंजन जुड़वां बेटियों में से एक सिद्धि का मुंह दबाता हुआ कैद हुआ, इसके बाद उसे जमीन पर लिटा दिया। इसी दौरान उसे बेडरूम में लगे कैमरे की याद आ गई तो उसने कमरे की लाइट बंद कर दी और कैमरे को ऊपर की ओर घुमा दिया। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि सीसीटीवी कैमरे में हत्यारोपी शशिरंजन बेटी सिद्धि का मुंह दबाते हुए कैद हुआ है, पुलिस इसे विवेचना का पार्ट बनाएगी, जो सजा दिलाने में निर्णायक कड़ी साबित होगा। 10:30 बजे बच्चियों को कमरे में भेजा, पौने एक पर खुद अंदर गया फुटेज में रात 10:30 बजे पर शशिरंजन रिद्धि-सिद्धि को कमरे में भेजता हुआ नजर आ रहा है, इसके बाद रेशमा ने भी अपना कमरा बंद कर लिया, हालांकि वह खुद कमरे में नहीं गया और फ्लैट के ड्राइंग एरिया में पड़े दीवान में बैठते और लेटते हुए नजर आया। इस दौरान दो बार रेशमा भी बाहर आई, जिस पर उसने बात करने का बहाना बनाते हुए कान में अपना मोबाइल लगा लिया, हालांकि जब पुलिस ने मोबाइल की कॉल डिटेल जांची तो उस दौरान वह किसी से बात नहीं कर रहा था। 12 बजकर 48 मिनट पर वह कमरे में चला गया। इसके बाद पहली बेटी की हत्या कर दी। तो फर्जी है नशीली गोलियां खिलाने की बात पुलिस को मिले सीसीटीवी कैमरों में 2 बजकर 15 मिनट पर शशिरंजन छोटी बेटी रिद्धि को टॉयलेट कराने के लिए बाहर निकालता नजर आया है। इस दौरान रिद्धि खुद चलकर जाती हुई नजर आ रही है। रिद्धि टॉयलेट के अंदर जाती है तो शशिरंजन बाहर खड़ा हो जाता है, इसके 3 मिनट बाद वापस कमरे में जाता हुआ नजर आता है। बेटी को देख कर ऐसा नहीं लग रहा कि उसे पहले नशीली गोलियां खिलाई गई हैं। इंस्पेक्टर बहादुर सिंह ने भी बताया कि सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से ऐसा प्रतीत नहीं हो रहा है। बिसरा रिपोर्ट आने पर ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। होमवर्क पूरा कर स्कूल आती थीं रिद्धि-सिद्धि त्रिमूर्ति अपार्टमेंट के सामने स्थित जिस स्कूल में जुड़वां बहने रिद्धि-सिद्धि पढ़ती थीं, वहां की क्लास टीचर ने बताया कि दोनों बहनें पढ़ने में तेज थीं। इसके साथ ही खेल की सभी प्रतियोगिताओं में भाग लेती थीं। कभी ऐसा नहीं हुआ कि दोनों अपना होमवर्क पूर कर स्कूल न आई हों। उस दौरान भी जब दोनों की मां छोड़ कर चली गई थी। बेट संग पश्चिम बंगाल लौटेंगी रेशमा दोहरे हत्याकांड के बाद पीड़ित मां रेशमा ने अब कानपुर छोड़ पश्चिम बंगाल लौटने का फैसला किया है। मंगलवार को पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी के कलिम्पोंग निवासी रेशमा के भाई बाल बहादुर और बहन हेमा छेत्री शहर पहुंचे। दोनों को देखकर रेशमा की आंखों से आंसूओं का सैलाब फूट पड़ा। बहन ने ढांढ़स बंधाया और इस मुश्किल घड़ी में सहारा बनने का भरोसा दिया। भाई ने बताया कि पश्चिम बंगाल में जल्द ही मतदान होना है, इसलिए वे एक दो दिन रुक कर वापस लौट जाएंगे। हालांकि 15 दिन बाद दोबारा कानपुर आएंगे और रेशमा को अपने साथ ले जाएंगे। परिजन के मुताबिक घटना के बाद से वह गहरे सदमे में है और लगातार बच्चियों को याद कर रही हैं। फ्लैट में हर कोना उसे भयावह रात की याद दिलाता है, इसलिए उसने वहां न रहने का फैसला लिया है। अब उनकी प्राथमिकता रेशमा को इस माहौल से दूर ले जाकर संभालना है। गांव का शांत वातावरण और अपनों का साथ ही उसे इस गहरे दुख से उबरने में सहारा दे सकता है।
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