Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    हरियाणवी हॉकी प्लेयर सविता पूनिया को मिला पद्मश्री अवार्ड:बोलीं-यह सम्मान अपने आप में बड़ा, परिवार के लिए बड़ी बात; 'द ग्रेट वॉल' के नाम से फेमस

    18 hours ago

    2

    0

    हरियाणा के सिरसा की रहने वाली अंतरराष्ट्रीय हॉकी प्लेयर सविता पूनिया को पद्मश्री अवार्ड से नवाजा गया है। मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में उन्हें यह अवार्ड प्रदान किया। पूनिया भारतीय महिला राष्ट्रीय हॉकी टीम की पूर्व कप्तान, मौजूदा गोलकीपर हैं। उन्हें भारतीय महिला हॉकी की 'द ग्रेट वॉल' के नाम से जाना जाता है। टोक्यो ओलिंपिक में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 8 पेनल्टी कॉर्नर बचाए थे, जिसके बाद उन्हें द ग्रेट वाल के नाम से पहचान मिली। अवार्ड मिलने पर सविता ने कहा, यह सम्मान अपने आप में बहुत बड़ा है। मैंने जब हॉकी खेलना शुरू किया था, तो कभी नहीं सोचा था कि मेरा सफर इतना लंबा होगा। मुझे इतने बड़े व्यक्तिगत सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। यह मेरे, मेरे परिवार और मेरी टीम के लिए बहुत बड़ी बात है। कई बार ऐसे हालात रहे। जब मुझे लगा कि हॉकी खेलना छोड़ना पड़ेगा, लेकिन परिवार के समर्थन के बाद मैंने हॉकी का सफर जारी रखा। जब एक लड़की होने के बावजूद मध्यमवर्गीय परिवार में आपको इतना समर्थन मिलता है, तो ये बेहद खास होता है। यह सभी के लिए एक शानदार उदाहरण है। अगर सविता ऐसा कर सकती है, तो अन्य बेटियां भी ऐसा कर सकती हैं। सविता पूनिया की ये उपलब्धियां भी खास इससे पहले सविता पूनिया को साल 2018 में अर्जुन अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। सविता सिरसा जिले की बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान की ब्रांड एंबेसडर भी रही है। वे लगातार तीन बार FIH गोलकीपर ऑफ द ईयर का पुरस्कार जीतने वाली पहली भारतीय महिला हैं। टोक्यो ओलंपिक 2020 में भारतीय महिला हॉकी टीम ने चौथा स्थान हासिल किया था। सविता पूनिया उस टीम की उप-कप्तान थीं। पीआर श्रीजेश के बाद वह 300 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वालीं दूसरी भारतीय गोलकीपर हैं। उनकी कप्तानी में बर्मिंघम में 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में टीम कांस्य पदक जीती थी। एफआईएच नेशंस कप का भी खिताब जीता। पिता हेल्थ विभाग से रिटायर्ड, पति कनाडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर पिता महेंद्र सिंह के अनुसार, कुमारी सविता पूनिया का जन्म 11 जून 1990 को सिरसा के जोधकां गांव में हुआ था। उनके पिता महेंद्र सिंह हेल्थ विभाग से फार्मासिस्ट के पद से रिटायर्ड है और डिंग में लंबे समय तक सेवाएं दी। उनकी माता लीलावती गृहिणी है। सविता का बड़ा भाई भविष्य आईटीआई में नॉन टीचिंग जॉब पर और भाभी एग्रीकल्चर विभाग सिरसा में कार्यरत है। सविता की शादी साल 2021 में हरियाणा के सोनीपत के अंकित बल्हारा के साथ हुई है, उनके पति अंकित कनाडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और पूरी फैमिली कनाडा में ही रहती है। ससुराल जाने के लिए उनको कनाडा ही जाना पड़ता है और बाकी समय खेल, ट्रेनिंग कैंप या मायके में गुजरता है। दादा को मानती है रोल मॉडल सविता की पढ़ाई के साथ-साथ खेल में रूचि थी। वह अपने दादा रणजीत सिंह को रोल मॉडल मानती है। उनके दादा रणजीत सिंह ने सविता को हॉकी खेलने के लिए प्रेरित किया था। शुरू में साल 2003-2004 में सिरसा की अग्रसेन नर्सरी में बाद में भारतीय हॉकी प्राधिकरण के हिसार साईं सेंटर में खेलना शुरू किया। कोच आजाद सिंह मलिक के नेतृत्व में खेली। साल 2007 में भारतीय सीनियर नेशनल हाकी कैंप के लिए सविता का चयन हुआ। इसके बाद साल 2011 में सविता की अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत हुई। हाइट लंबी और फुर्ती होने के कारण कोच ने उनको गोलकीपर के चुना था। ग्रामीण आंचल से शहर पहुंची और जिले का नाम राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया।
    Click here to Read more
    Prev Article
    विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया की लगातार चौथी जीत:पाकिस्तान को 113 रन से हराया,पेरी-वोल की 100+ रन की पार्टनरशिप
    Next Article
    क्रिकेटर रोहित शर्मा पद्मश्री से सम्मानित:सिंगर अलका याग्निक ने पद्म भूषण लेने से पहले मोदी के पैर छुए; 65 हस्तियों को मिले पद्म अवॉर्ड

    Related स्पोर्ट्स Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment