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    हरदोई पुलिस ने 6.27 करोड़ का अवैध डोडा नष्ट किया:ऑपरेशन दहन के तहत 4183 किलो मादक पदार्थ का विनिष्टीकरण

    3 hours ago

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    हरदोई पुलिस ने गुरुवार को 'ऑपरेशन दहन' के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 4183.104 किलोग्राम अवैध डोडा (अफीम के पौधे के सूखे फल के छिलके) नष्ट किया है। इसकी अनुमानित कीमत 6.27 करोड़ रुपये बताई गई है। यह कार्रवाई 30 अप्रैल 2026 को जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी (DDC) की देखरेख में की गई। नष्ट किए गए डोडा में कोतवाली बिलग्राम में वर्ष 2021 में दर्ज एक मामले से बरामद 1683.304 किलोग्राम और कोतवाली देहात में वर्ष 2019 में दर्ज एक मामले से बरामद 2499.8 किलोग्राम डोडा शामिल था। कुल 4183.104 किलोग्राम डोडा को न्यायालय के आदेश के अनुपालन में गठित जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी द्वारा नष्ट किया गया। यह कार्रवाई हरदोई के संडीला स्थित एवी बायो मेडिकल वेस्ट सर्विस, ग्राम मलैया के इन्सीनरेटर में संपन्न हुई। सामग्री जलकर राख और गैस में परिवर्तित इस मौके पर ड्रग डिस्पोजल कमेटी के अध्यक्ष व पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा, माल निस्तारण कमेटी के सदस्य अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी मार्तण्ड प्रकाश सिंह और क्षेत्राधिकारी हरपालपुर सत्येंद्र सिंह मौजूद रहे। डोडा के विनिष्टीकरण की प्रक्रिया में कई चरण शामिल होते हैं। सबसे पहले, डोडा या अन्य अपशिष्ट को इकट्ठा किया जाता है और उसमें से किसी भी गैर-दहनशील वस्तु को अलग कर दिया जाता है। प्रभावी दहन सुनिश्चित करने के लिए, डोडा को छोटे टुकड़ों में काटा जाता है। इसके बाद, कटे हुए डोडा को इन्सीनरेटर के मुख्य दहन कक्ष में डाला जाता है, जहां इसे 800°C से 1000°C या उससे अधिक तापमान पर जलाया जाता है। इस प्रक्रिया में सामग्री जलकर राख और गैस में परिवर्तित हो जाती है। प्राथमिक कक्ष से निकलने वाली गैसों को फिर दूसरे कक्ष में भेजा जाता है, जहाँ उन्हें 850°C से 1100°C से अधिक तापमान पर दोबारा जलाया जाता है। यह चरण सुनिश्चित करता है कि किसी भी विषाक्त उप-उत्पाद का पूरी तरह से विनाश हो जाए। वायुमंडल में छोड़ने से पहले उत्पन्न गैसों को साफ किया जाता है, जिससे कणिकीय प्रदूषकों का फैलाव रोका जा सके। दहन के बाद बची हुई रोगाणु रहित राख को ठंडा करके सुरक्षित तरीके से निपटाया जाता है।
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