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    हनुमान के 16 अवतारों के दर्शन विदेही मंदिर में:अयोध्या के इस मंदिर में सवा लाख सालिग्राम भी मिलेंगे, प्राचीन धर्मग्रंथों में है वर्णन

    4 hours ago

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    अयोध्या में श्रीहनुमान के 16 अवतारों के एक साथ दर्शन करना हो तो आप विदेही मंदिर आएं। इस मंदिर में आपको अनेक प्रकार के आकृतियों वाले बेहद प्रचीन सवा लाख सालग्राम शिला के भी दर्शन बेहद सरलता से होंगे। स्कंद पुराण सहित अनेक धर्मग्रंथों से इस मंदिर का उल्लेख है। इस मंदिर में हाल में पूरी तरह जीर्णोंद्धार कराया गया है।मंदिर का गर्भृह जयपुर संगमरमर से खास तौर पर वहां कारीगरों ने छह माह में तैयार किया है। दो शताब्दियों का इतिहास समेटे यह मंदिर आस्था और परंपरा का जीवंत प्रतीक सरयू तट स्थित स्वर्ग द्वार मोहल्ले में विराजमान प्राचीन श्री वैदेही मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य पूर्ण कर लिया गया है। लगभग दो शताब्दियों का इतिहास समेटे यह मंदिर आस्था और परंपरा का जीवंत प्रतीक है। इसकी स्थापना संत हाथीराम जी महाराज ने की थी, जिनकी आध्यात्मिक परंपरा आज 13वीं पीढ़ी तक अविरल रूप से प्रवाहित हो रही है। महंत संजय कुमार शुक्ला के निर्देशन में मंदिर का संचालन वर्तमान में महंत संजय कुमार शुक्ला के निर्देशन में मंदिर का संचालन किया जा रहा है। जीर्णोद्धार के दौरान मंदिर की प्राचीनता को अक्षुण्ण रखते हुए उसका सौंदर्यीकरण किया गया। मंदिर परिसर में विराजमान शालिग्राम भगवान एवं अन्य विग्रहों को आकर्षक ढंग से सजाया गया, जिससे श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक वातावरण और भी रमणीय हो उठा। संत हाथीराम जी महाराज को ‘विदेह’ की उपाधि प्राप्त थी महंत संजय शुक्ला ने बताया कि सिद्ध संत हाथीराम जी महाराज को ‘विदेह’ की उपाधि प्राप्त थी, इसी कारण मंदिर का नाम ‘वैदेही मंदिर’ पड़ा। उन्होंने कहा कि उनके गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत राम चरित्र दास ने लगभग 70 वर्षों तक मंदिर की सेवा की। उन्हीं के आशीर्वाद से आज मंदिर का जीर्णोद्धार संभव हो सका और इस अवसर पर उनकी प्रतिमा का अनावरण भी किया गया। कार्यक्रम में पूर्व सासंद बृज भूषण शरण सिंह, विधायक रहे इंद्रपताप तिवारी खब्बू सहित पहुचे। कहा कि इस मंदिर से उनका पुराना जुड़ाव रहा है और यहां बिताया गया समय उनके लिए अविस्मरणीय है। संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत संजय दास ने कहा कि मंदिर की प्राचीन गरिमा को संजोते हुए उसे नया स्वरूप प्रदान किया गया है, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा। महंत बलराम दास,हनुमानगढ़ी ने कहा कि मंदिर के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसका इतिहास सन् 1800 के आसपास तक पहुंचता है, जो अयोध्या की समृद्ध धार्मिक विरासत का प्रतीक है। इस अवसर पर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता,सरयू इंटरनेशनल के एमडी डॉ संजय तिवारी,ब्लाक प्रमुख संध के अध्यक्ष शिवेंद्र सिंह,पुरोहित संघ के पदाधिकारी नंद कुमार मिश्रा उर्फ पेड़ा महाराज सहित बड़ी संख्या में संत-महंत एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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