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    गौशालाओं की हकीकत जांचने पहुंचे गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष:आजमगढ़ में 4 आश्रय स्थलों का निरीक्षण, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

    7 hours ago

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    आजमगढ़ पहुंचे उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश कुमार शुक्ल और सदस्य दीपक गोयल ने अपने दो दिवसीय जनपद भ्रमण के दौरान विभिन्न गौ आश्रय स्थलों का निरीक्षण किया। भ्रमण के दूसरे दिन कलेक्ट्रेट सभागार में गोवंश संरक्षण अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें गोशालाओं की व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की गई। गौ आश्रय स्थलों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए उपाध्यक्ष महेश कुमार शुक्ल और सदस्य दीपक गोयल ने जनपद के चार वृहद और अस्थायी गौ आश्रय स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विकास खंड अतरौलिया के वृहद गोसंरक्षण केंद्र मकरहा, विकास खंड अहरौला के अस्थायी गौ आश्रय स्थल बस्ती भुजवल, विकास खंड कोयलसा के कोटवा जलाल अस्थायी गौ आश्रय स्थल और विकास खंड बिलरियागंज के वृहद गोसंरक्षण केंद्र गदनुपुर हिछनपट्टी का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान पशुओं के लिए टीन शेड, स्वच्छ पेयजल, हरा चारा, वृक्षारोपण, छायादार स्थान, चूनी-चोकर और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। केयरटेकरों, संबंधित खंड विकास अधिकारियों और पशु चिकित्सकों को जरूरी सुधार के निर्देश दिए गए। स्थायी और अस्थायी गोशालाओं की समीक्षा कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक के दौरान स्थायी एवं अस्थायी गो-आश्रय स्थलों से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में सड़कों और खेतों में घूम रहे निराश्रित एवं बेसहारा गोवंशों को संरक्षित करने, मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत विकास खंडवार जीवित गोवंश, फंड रिक्वेस्ट और सहभागियों को गोवंश सुपुर्द करने की प्रक्रिया पर चर्चा हुई। हरा चारा उत्पादन और स्थानांतरण पर जोर चारागाह से संबंधित भूमि पर हरा चारा उत्पादन के लिए दी गई धनराशि के सापेक्ष नैपियर घास और अन्य हरे चारे की प्रगति की जानकारी ली गई। भूमि गाटा संख्या, ग्राम का नाम और तैयारियों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। 100 से कम गोवंश संख्या वाले गौ आश्रय स्थलों में पशुओं की संख्या बढ़ाने या उन्हें वृहद गौ संरक्षण केंद्रों में स्थानांतरित करने पर बल दिया गया। ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए संरक्षित गोवंशों के बचाव के लिए एडवाइजरी भी जारी की गई। समय से मानदेय और नियमित निरीक्षण के निर्देश वृहद गौ संरक्षण केंद्र की स्थापना के लिए भूमि चिन्हांकन, दान, भूसा संग्रहण और एसएफसी पूलिंग सहित कई अन्य बिंदुओं पर भी समिति ने समीक्षा की। उपाध्यक्ष महेश कुमार शुक्ल ने निर्देश दिए कि गोवंश की देखभाल में लगे कर्मियों का भुगतान समय से सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उनका मानदेय मनरेगा द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी के अनुरूप दिया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि गोशालाओं का नियमित निरीक्षण किया जाए और व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। गर्मी को देखते हुए विशेष व्यवस्था के निर्देश सभी गो-आश्रय स्थलों पर पौधारोपण सुनिश्चित कराने के लिए प्रभागीय वनाधिकारी को निर्देश दिए गए। साथ ही हाईवे पर दुर्घटनाग्रस्त पशुओं को तत्काल निकटतम गो-आश्रय स्थल में सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए गए। गर्मी को देखते हुए गोशालाओं में टिन शेड के ऊपर पुआल डालने, स्वच्छ पेयजल और पर्याप्त छाया की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश संबंधित संचालकों को दिए गए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अधिकारी और संबंधित विभागों के कर्मचारी उपस्थित रहे।
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