Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    गोरखपुर के हिस्ट्रीशीटर ने बनाई थी फर्जी पुलिस टीम:किराए पर दुल्हन तैयार करते, फिर झूठी शादी कराकर दूल्हे को लूट लेते

    12 hours ago

    2

    0

    गोरखपुर के चिलुआताल इलाके के शातिर हिस्ट्रीशीटर अंकुर सिंह ने फर्जी शादी के जरिए पैसे हड़पने की योजना बनाई थी। इसके लिए वह खुद फर्जी इंस्पेक्टर बना और अपने चार साथियों को ट्रेनिंग देकर पुलिस का कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल बना दिया। इसके साथ ही नाचने गाने वाली लड़कियों को अधिक पैसा दिखाकर दुल्हन बनाने के लिए तैयार किया। साथ ही रिश्तेदार के रूप में एक महिला को मौसी का रोल दिया था। हिस्ट्रीशीटर ने अपनी योजना का अंजाम तक पहुंचाने के लिए हरियाणा के दलाल राजू शर्मा को भी अपनी टीम में शामिल किया। राजू हरियाणा, राजस्थान के अधिक उम्र के कुंवारे लड़कों को खोजता था। उन्हें बिहार और यूपी में अच्छी शादी कराने का विश्वास दिलाता था। शादी के लिए तैयार होने पर राजू दूल्हे और उसके परिवार को गोरखपुर के चिलुआताल इलाके में स्थित अंकुर सिंह के घर पर लाता था। यहां पर बकायदा एक लड़की से जयमाल भी कराया जाता है। इसके बाद हिस्ट्रीशीटर खुद इंस्पेक्टर और साथियों की फर्जी पुलिस टीम के साथ एंट्री करता है। इसके बाद दूसरे राज्यों से शादी करने आए दूल्हे और परिवार को डरा धमकाकर पैसे वसूलता है। राजस्थान के युवक की शिकायत के बाद चिलुआताल पुलिस ने इस गैंग का भंडाफोड़ कर दिया। हिस्ट्रीशीटर समेत पुलिस 7 आरोपियों को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। वहीं लूटेरी दुल्हन पुलिस के पहुंचने के पहले ही फरार हो गई है। जिसकी तलाश में पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है। इस गैंग के पकड़े जाने के बाद इनका खतरनाक प्लान पुलिस को पता चला। इस गिरोह ने और भी फर्जी शादियां कराकर वसूली की है। जिसके बारे में अब पुलिस जानकारी जुटा रही है। गहने और रुपये लेकर फरार हो गई दुल्हन शादी के नाम पर ठगी और लूट करने वाले गिरोह की जांच में पता चला है कि गहने व रुपये लेकर फरार हुई लुटेरी दुल्हन शहर के कूड़ाघाट इलाके में किराए पर कमरा लेकर रह रही थी। वहीं, उसका असली घर फतेहपुर जिले में बताया जा रहा है। पुलिस की एक टीम फतेहपुर भी रवाना हो गई है। राजस्थान के परिवार को गोरखपुर बुलाकर फर्जी शादी और लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद दुल्हन लगातार ठिकाना बदल रही थी। जांच के दौरान उसके मोबाइल लोकेशन और काल डिटेल के आधार पर पुलिस कूड़ाघाट स्थित किराए के मकान तक पहुंची। मकान मालिक और आसपास के लोगों से पूछताछ में पता चला कि युवती कुछ समय से यहां रह रही थी, लेकिन घटना के बाद अचानक कमरा छोड़कर फरार हो गई। पुलिस को संदेह है कि वह गिरोह के अन्य सदस्यों के संपर्क में रहकर अलग-अलग जगहों पर छिपती रही है। जांच में यह भी पता चला है कि पहले भी इसी तरह की वारदातों में शामिल रह चुकी है। पुलिस अब उसके पुराने रिकार्ड को खंगाल रही है। इस संबंध में एसपी उत्तरी ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि आरोपी युवती को गिरफ्तार कर पूरे गिरोह के नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है। 13 मार्च को एफआईआर के बाद पकड़े गए 7 आरोपी गोरखपुर के चिलुआताल थाने में 13 मार्च को मुकदमा दर्ज किया गया था। चिलुआताल थाने की पुलिस ने शनिवार को 7 आरोपियों की गिरफ्तार किया। वहीं दुल्हन फरार हो गई। गिरोह के सदस्यों ने राजस्थान के युवक को एक सुंदर लड़की फोटो दिखाकर जाल में फंसाया था। इसके बाद गोरखपुर बुलाकर उस लड़की से जयमाल भी कराया गया। इसके बाद पुलिस बनकर रोपियों ने 3.11 लाख रुपये वसूले लिए थे। आरोपियों की पहचान चिलुआताल क्षेत्र के उसका गांव निवासी हिस्ट्रीशीटर अंकुर सिंह, कुड़वा के धीरेंद्र यादव उर्फ टुनटुन, सोनबरसा के रवि चौधरी, मोहरीपुर के मुन्ना जायसवाल, कुड़वा के नवमी शर्मा, गोरखनाथ क्षेत्र के बिलंतपुर खंता की शैला देवी और हरियाणा के फरीदाबाद निवासी राजू शर्मा के रूप में हुई। इनके पास से पुलिस ने करीब 1 लाख 65 हजार रुपये भी बरामद किया है। इसके अलावा कूटरचित पुलिस परिचय पत्र व 2 आधार कार्ड भी मिले हैं। सभी आरोपियों को पुलिस पूछताछ के बाद जेल भिजवा दी। बेहद शातिर है हिस्ट्रीशीटर अंकुर एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र कुमार ने शनिवार को पुलिस लाइन व्हाइट हाउस में प्रेस वार्ता करते हुए बताया कि शादी का झांसा देकर अंतरराज्यीय लोगों को गोरखपुर बुलाया जाता था। इसके बाद पुलिस बनकर दूल्हे और उनके परिजनों को बंधक बनाकर वसूली की जाती है। इसमें चिलुआताल का हिस्ट्रीशीटर अंकुर सिंह बहुत ही शातिर है। वह खुद इंस्पेक्टर बनता था, जबकि उसके साथ धीरेंद्र यादव उर्फ टुनटुन, रवि चौधरी, मुन्ना जायसवाल, नवमी शर्मा कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल बनते थे। इसके लिए हिस्ट्रीशीटर ने उन्हें ट्रेनिंग दी थी। ये गैंग बाहर के लोगों को शादी का झांसा देकर बुलाते थे, फिर उन्हें बंधक बनाकर पैसे वसूलते थे। शादी करने की लालच में आया था राजस्थान का युवक एसपी नॉर्थ ने बताया कि राजस्थान के कोटा के मुकेश मीणा अपने भाई ब्रहमोहन मीणा की शादी खोज रहे थे। दलाल राजू शर्मा ने गोरखपुर की एक लड़की की फोटो दिखाकर शादी तय कराई थी। इसके बाद उन्हें दलाल राजू शर्मा 12 मार्च 2026 को गोरखपुर लेकर आया था। परिवार शादी के लिए गहने और पैसे भी साथ लाया था। चिलुआताल इलाके के हिस्ट्रीशीटर अंकुर सिंह के घर शैला देवी शादी के लिए एक लड़की को लेकर आई थीं। शैला देवी खुद को दुल्हन की मौसी बताई थीं। यहीं पर उस लड़की से ब्रजमोहन की शादी कराई गई। शादी होते ही अंकुर वहां पुलिस इंस्पेक्टर बनकर पहुंचा। उसके साथ उसके साथी सिपाही बनकर पहुंचे थे। उन्होंने ब्रजमोहन मीणा को पकड़ लिया। इसके बाद पूरे परिवार को धमकाते हुए बंधक बना लिया। अंकुर बोला कि फर्जी शादी करते हो, तुम्हें जेल भिजवाएंगे। डरा धमका कर उनसे पैसे की डिमांड की। इसी बीच ब्रजमोहन ने कोटा फोन मिलाकर अपनी पत्नी को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पैसे भेजो, हम लोगों को बंधक बनाया गया है। इस तरह आरोपियों ने मिलकर रुपये वसूल लिए। आरोपियों को पकड़ने वाली पुलिस टीम में चिलुआताल थाना प्रभारी सूरज सिंह, शैलेंद्र कुमार, चंदन नारायन, विनय कुमार सिंह, राक जायसवाल, विकास यादव, अमरजीत यादव, गुलफाम यादव, सत्येंद्र चौहान, सोनू कुमार, शिव शंकर, रेखा मौर्या, छाया पांडेय शामिल रहे।
    Click here to Read more
    Prev Article
    प्रेमिका की शादी तय होने से नाराज था युवक:होटल में गाजीपुर की युवती को गोली मारने वाला गिरफ्तार, संचालक को नोटिस
    Next Article
    मथुरा में ट्रैक्टर निकालने को लेकर दो पक्ष भिड़े:एक-दूसरे पर लाठी-डंडों से किया हमला, दो लोग घायल, 8 के खिलाफ FIR

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment