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    गोरखपुर बना निवेश का पसंदीदा स्थान:9 साल में हुए हजारों करोड़ के निवेश; नामी कंपनियां भी आईं

    7 hours ago

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    जिस गोरखपुर के नाम से कभी स्थानीय उद्यमी भी डरते थे, वह आज निवेश का पसंदीदा स्थान बन चुका है। बाहर से हजारों करोड़ के निवेश यहां आ चुके हैं और कई पाइप लाइन में हैं। बड़ी कंपनियों की ओर से भी यहां निवेश किया गया है। इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर किए गए विकास कार्य और सुरक्षा के माहौल से यह बदलाव आया है। 9 साल में यहां हजारों करोड़ का निवेश हुआ है। 9 साल पहले जहां इस इलाके में गिनती के उद्योग थे, वहीं अब उद्योगों की कतार खड़ी होने लगी है और इसका केंद्र बिंदु बना है गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GIDA) क्षेत्र। 35 साल पहले स्थापित GIDA बीते 9 सालों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन और सरकार की इन्वेस्टर्स फ्रेंडली पॉलिसी से पूर्वांचल के औद्योगिक विकास का इंजन बनकर उभरा है। इस बात को सभी स्वीकारते हैं कि गोरखपुर में निवेशकों का रुझान 2017 में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद बढ़ा है। इन कंपनियों ने किया बड़ा निवेश सरकार की औद्योगिक नीति के साथ ही सीएम योगी की गीडा के प्रति व्यक्तिगत दिलचस्पी ने भी औद्योगिक विकास का ईकोसिस्टम तैयार करने में अहम भूमिका निभाई। इसी का नतीजा है कि पिछले कुछ वर्षों में गीडा क्षेत्र में केयान इंडस्ट्रीज ने 1200 करोड़ रुपये, पेप्सिको की फ्रेंचाइजी वरुण ब्रेवरेज ने 1100 करोड़, अंकुर उद्योग ने 500 करोड़, इंडिया ऑटोव्हील्स ने 400 करोड़, एसडी इंटरनेशनल ने 300 करोड़, सीपी मिल्क एंड फूड्स (ज्ञान डेयरी) ने 118 करोड़, तत्वा प्लास्टिक्स ने 105 करोड़ और कपिला कृषि उद्योग ने 100 करोड़ रुपये का निवेश किया है। सरकार के नजरिये में आए बदलाव के 8 सालों में गोरखपुर को करीब 500 औद्योगिक इकाइयों के सापेक्ष करीब 12 हजार करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश प्राप्त हुए जिससे 40 हजार से अधिक लोगों के रोजगार का मार्ग प्रशस्त हुआ है। सीएम योगी के कार्यकाल के 9वें साल के दौरान GIDA ने वर्तमान वर्ष में करीब 9 लाख वर्गमीटर क्षेत्रफल में 125 औद्योगिक भूखंडों का आवंटन निवेशकों को किया है। इस भूमि आवंटन के सापेक्ष करीब करीब 7 हजार करोड़ रुपये का निवेश और 12 हजार से अधिक रोजगार सृजन प्रस्तावित है। सभी प्रमुख एमएनसी की कोल्ड ड्रिंक्स यूनिट होगी गोरखपुर में गोरखपुर में बना औद्योगिक विकास का माहौल कोल्ड ड्रिंक्स की प्रमुख मल्टीनेशनल कम्पनियों पेप्सिको, कोका कोला और कैम्पा को भी भाया है। गीडा की मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अनुज मलिक बताती हैं कि मल्टीनेशनल पेप्सिको की फ्रेंचाइजी वरुण बेवरेजेज का 1100 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित बॉटलिंग प्लांट यहां पहले से उत्पादनरत है। कोका कोला के प्लांट का भूमि पूजन हो चुका है। इसके लिए गीडा सेक्टर 27 में 40 एकड़ भूमि का आवंटन किया है। पहले चरण में यहां 800 करोड़ रुपये के निवेश से प्लांट लगाया जा रहा है। नए दौर में रिलायंस समूह के स्वामित्व वाले कैम्पा ब्रांड के कोल्ड ड्रिंक की यूनिट लगाने के लिए भी समूह द्वारा गीडा के धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप में जमीन पसंद कर ली गई है। सीएम का ड्रीम प्रोजेक्ट भी लेने लगा आकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में दक्षिणांचल का औद्योगिक कायाकल्प करने वाली परियोजना धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप ने भी धरातलीय आकार लेना शुरू कर दिया है। इस टाउनशिप का सुनियोजित विकास 6876 एकड़ क्षेत्रफल में होना है। यह औद्योगिक क्षेत्र दक्षिणांचल के 17 अधिसूचित ग्रामों में बस रहा है। गीडा द्वारा परियोजना का प्रथम चरण 800 एकड़ भूमि में विकसित किया जा रहा है। प्रथम चरण में अडानी समूह को अंबुजा सीमेंट की यूनिट लगाने के लिए 46.63 एकड़ और श्रेयस डिस्टलरीज एंड एनर्जी लिमिटेड को 60.48 एकड़ भूमि का आवंटन भी कर दिया गया है। इन दोनों आवंटन से 4200 करोड़ रुपये का निवेश और 6500 लोगों के लिए रोजगार प्रस्तावित है। इसके अलावा टाटा पॉवर ने सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट के लिए तथा वीडियोकान ने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की यूनिट लगाने के लिए धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप में जमीन लेने की रुचि दिखाई है। 9 वर्ष की अन्य प्रमुख औद्योगिक उपलब्धियां -गीडा में 88 एकड़ क्षेत्रफल में प्रदेश के पहले प्लास्टिक पार्क की स्थापना। -प्लग एंड प्ले उद्योगों हेतु जी+3 बहुमंजिला संरचना में फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स का विकास। -स्थानीय उद्योगों में तकनीकी कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने को गीडा में नाइलिट (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी) सेंटर।
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