Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    फर्जी IAS बनकर ठगी करने वाली 3 बहनें गिरफ्तार:बरेली में PHD और पीसीएस क्वालीफाई महिला बनी ठग, बोली- नीली बत्ती में घूमने का शौक

    11 hours ago

    2

    0

    बरेली में फर्जी आईएएस बनकर ठगी करने वाली 3 बहनों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनमें से दो सगी और एक मामा की लड़की है। तीनों बहनें नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करती थी। इसमें से एक आरोपी बहन PHD और पीसीएस प्री क्वालीफाई कर चुकी है। वहीं, दो अन्य आरोपी बहनों ने एमए और बीएससी कर रखी है। तीनों आरोपी बहनें शिखा शर्मा (40), विप्रा शर्मा (35) और दीक्षा पाठक (32) की शादी हो चुकी हैं। इसमें से शिखा शर्मा का तलाक भी हो चुका है। आरोपी बहनों का कहना है कि वे पढ़ी-लिखी थी। अभी तक कोई नौकरी नहीं मिली थी। नीली बत्ती और महंगे चीजें खरीदने का शौक है, इसलिए फर्जी अधिकारी बनकर रह रही थी। ठगी के रुपए से आरोपियों ने एक मकान खरीदा, जहां बैठकर वे फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार करती थी। इसके अलावा एक सफेद रंग की Mahindra XUV700 कार भी खरीदी। पूरा मामला बारादरी थाना क्षेत्र का है। अब जानिए पूरा मामला…. बारादारी थाने में नौकरी के नाम पर ठगी की कई शिकायतें आ रही थी। एक सामूहिक शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की। मुखबिर की सूचना पर 27 अप्रैल को डेंटल कॉलेज रोड स्थित सार्वजनिक शौचालय के पास से तीन आरोपी डॉ. विप्रा शर्मा, दीक्षा पाठक और शिखा शर्मा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों के पास से फर्जी दस्तावेज, 7 चेकबुक,आईफोन और एक सफेद रंग की Mahindra XUV700 कार बरामद की गई। कार पर ‘ADM FR उत्तर प्रदेश सरकार’ लिखा हुआ था। पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों के बैंक खातों में करीब 55 लाख रुपए जमा हैं, जिन्हें फ्रीज किया गया। यह रकम लोगों से नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करके जुटाई गई थी। फिलहाल पुलिस आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड लेने की प्रक्रिया में जुटी है और मामले की आगे जांच जारी है। दो सगी एक ममेरी बहन बारादारी थाना क्षेत्र की रहने वाली शिखा शर्मा (40), विप्रा शर्मा (35) दोनों सगी बहनें हैं। वहीं, दीक्षा पाठक (32) इनके मामी की लड़की है। विप्रा शर्मा डबल एमए, पीएचडी और पीसीएस प्री क्वालीफाई कर चुकी है। उसकी शादी हो गई थी। शादी के कुछ समय बाद तलाक हो गया। वहीं, शिखा शर्मा (40) ने एमए और दीक्षा पाठक ने बीएससी तक पढ़ाई की है। इन दोनों की भी शादी हो चुकी है। दोनों अपने पति के साथ ही रहती हैं। विप्रा शर्मा के साथ मिलकर ये दोनों सन 2022 से ठगी कर रही थी। आरोपी बहनों का कहना है कि उन्हें नीली बत्ती और महंगे शौक करना अच्छा लगता था। इसलिए ठगी करके वे अपने शौक भी पूरे कर रही थी। 11 लाख रुपए की ठगी की फाईक एन्क्लेव के रहने वाली प्रीति लयल ने 26 अप्रैल को बारादरी थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया- मेरी मुलाकात एक महिला से हुई। उसने अपना नाम शिखा पाठक बताया। शिखा पाठक ने मुझे बताया कि उसकी बहन डॉ. विप्रा शर्मा ADM FR है और पैसे लेकर सरकारी नौकरी लगवाती है। उसने UPSSSC के माध्यम से कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी दिलाने दावा किया। इस पर मैंने अपने परिचित आदिल खान, संतोष कुमार और मुशाहिद को भी इस बारे में बताया। चारों को नौकरी की जरूरत थी, इसलिए हम शिखा पाठक और विप्रा शर्मा से मिलने उनके घर गए। यहां उनके पिता वीरेंद्र कुमार शर्मा भी मौजूद थे। नौकरी लगवाने के नाम पर चारों लोगों से मिलकर करीब 11 लाख रुपए नकद और बैंक के जरिए ले लिए। लखनऊ पहुंचकर खुला फर्जीवाड़ा इसके बाद विप्रा शर्मा ने आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश, लखनऊ के नाम से फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार किए और उन्हें ईमेल, डाक और व्हाट्सएप के जरिए भेज दिया। ये पत्र राजस्व परिषद लखनऊ के नाम पर तैयार किए गए थे। इन पर कथित अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर भी थे। जब पीड़ित जॉइनिंग के लिए लखनऊ पहुंचे, तो वहां अधिकारियों ने साफ कर दिया कि सभी नियुक्ति पत्र फर्जी हैं। इसके बाद पीड़ितों को ठगी का अहसास हुआ। जब पीड़ितों ने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने धमकी देकर इनकार कर दिया। इसके बाद पीड़ितों ने बारादरी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज बनाने की धाराओं में केस दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। फिलहाल पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह ने और कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया है। ----------------------- ये खबर भी पढ़ेंः- पुतला फूंकने में झुलसीं BJP विधायक से मिलने पहुंचे अखिलेश:देखकर मुस्कुराने लगीं; अखिलेश के पुतले में आग लगाते वक्त जली थीं सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव मंगलवार को अचानक मेदांता हास्पिटल पहुंचे। उन्होंने वहां भर्ती भाजपा विधायक अनुपमा जायसवाल का हाल जाना। अखिलेश ने हाथ जोड़कर नमस्कार किया तो अनुपमा मुस्कराने लगीं। अखिलेश ने विधायक का इलाज कर रहे डाक्टरों से बात भी की। पढ़ें पूरी खबर…
    Click here to Read more
    Prev Article
    कासगंज में घायल मिले व्यक्ति ने अस्पताल में तोड़ा दम:मरने से पहले सिर्फ नाम बोल पाया, पुलिस कर रही शिनाख्त; हादसे की आशंका
    Next Article
    भाई की शादी में जा रही बहन की मौत:झांसी में बेकाबू कार ने बाइक को टक्कर मारी, पति और 3 साल का बेटा घायल

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment