Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    फर्जी डिग्री सिंडिकेट का छठवां आरोपी अरेस्ट:जामिया उर्दू की मिली 3 मार्कशीट, CSJMU की 371 में सिर्फ 2 डिग्री मिली फर्जी

    2 hours ago

    1

    0

    किदवई नगर में फर्जी मार्कशीट और डिग्री कांड सामने आने के बाद पुलिस ने शुक्रवार को छठवें आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा। आरोपी की पहचान चमनगंज निवासी शेखू उर्फ मो. अजहरुद्दीन के रूप में हुई। शेखू पूरे गिरोह के सरगना शैलेंद्र ओझा के लिए बिचौलिए का काम करता था। जो कॉलेजों से हाईस्कूल और इंटर की मार्कशीट बनवा कर देता था। आरोपी के पास अलीगढ़ के जामिया उर्दू कॉलेज की 3 मार्कशीट भी बरामद हुईं। शेखू ने बताया कि वह जामिया के कर्मचारी शोएब के जरिए 10 हजार रुपए में मार्कशीट तैयार करवाता था। पुलिस अब शोएब की तलाश कर रही है। सामने आया कि शेखू भोपाल के सर्वपल्ली राधाकृष्णन विश्वविद्यालय की भी डिग्रियां और मार्कशीट बनाकर देता था, हालांकि पुलिस को इस विश्वविद्यालय की डिग्रियां बरामद नहीं हुई थीं। लेकिन पुलिस इस विश्वविद्यालय की भूमिका की भी जांच कर रही है। यह था पूरा मामला…. जूही गौशाला स्थित शैल ग्रुप ऑफ एजूकेशन के कार्यालय में बीते 18 फरवरी को किदवईनगर पुलिस ने छापा मारकर फर्जी मार्कशीट गिरोह का भंडाफोड़ किया था। पुलिस को मौके से 9 राज्यों के 14 विश्वविद्यालयों, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज और अलीगढ़ के जामिया उर्दू कालेज की एक हजार से ज्यादा मार्कशीट व डिग्री बरामद हुई थीं। इनमें बीटेक, एमटेक, बीफार्मा, डीफार्मा, एलएलबी की डिग्री के साथ ही हाईस्कूल व इंटर की मार्कशीट भी शामिल थीं। घटना में चार आरोपियों गिरोह के सरगना शैलेंद्र कुमार ओझा, नागेश मणि त्रिपाठी, जोगेंद्र, अश्वनी कुमार सिंह को पहले और फिर नोएडा विनीत को भी गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों से पूछताछ में ही चमनगंज निवासी शेखू उर्फ मो.अजहरूद्दीन खान का नाम सामने आया था, पुलिस ने उसे नौबस्ता एलिवेटेड पुल से गिरफ्तार किया है। मार्कशीट बनवाने पहुंचा फिर यहीं काम करने लगा SIT के प्रभारी एडीसीपी साउथ योगेश कुमार ने बताया कि शेखू कुछ साल पहले ताबिश नाम के लड़के की 10वीं की मार्कशीट बनवाने शैलेंद्र के पास आया था, फिर खुद बिचौलिया बन यही काम करने लगा। सरगना शैलेंद्र शेखू को मार्कशीट के 12 हजार रुपए देता था। 10 हजार शोएब को देने के बाद दो हजार रुपये वह कमीशन रख लेता था। । छापेमारी के दौरान छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर (सीएसजेएमयू) की 371 डिग्रियां भी मिली थीं, इनके सत्यापन में 369 डिग्रियां सही पाई गई हैं, जबकि दो डिग्री फर्जी मिली हैं, जिसमें एक बीए की है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    रूस 1 अप्रैल से पेट्रोल एक्सपोर्ट पर बैन लगाएगा:31 जुलाई तक रहेगी रोक, देश में कीमतें काबू में रखने के लिए फैसला
    Next Article
    'तुरंत छोड़ दें US-इजरायल से जुड़ी कंपनियां', ईरान की कर्मचारियों को सीधी चेतावनी

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment