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    एटा में वृक्षारोपण अभियान पर सख्ती:DM ने लापरवाही से बचने के दिए निर्देश, गंगा संरक्षण में खानापूर्ति नहीं चलेगी

    12 hours ago

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    एटा में जिलाधिकारी अरविंद सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला वृक्षारोपण, पर्यावरणीय समिति और जिला गंगा समिति की संयुक्त बैठक हुई। इस बैठक में वर्षाकाल 2026 के लिए प्रस्तावित वृहद वृक्षारोपण महाअभियान की तैयारियों की समीक्षा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद एटा को इस वर्ष 26,66,105 पौधे लगाने का लक्ष्य मिला है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को समय पर गड्ढा खोदाई (पिट डिगिंग) की जानकारी देने और कार्य में शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अरविंद सिंह ने जोर देकर कहा कि वृक्षारोपण केवल लक्ष्य पूरा करने तक सीमित न रहे। पौधों का संरक्षण और उनका जीवित रहना भी सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए उचित प्रजातियों का चयन, सुरक्षा और नियमित रख-रखाव अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी विभागों को वृक्षारोपण स्थलों की शत-प्रतिशत जियो टैगिंग सुनिश्चित करने तथा विस्तृत कार्ययोजना शीघ्र प्रभागीय वनाधिकारी/संयोजक कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। अभियान में पीपल, पाकड़, गूलर, बरगद, नीम, महोगनी और जामुन जैसी प्रजातियों को प्राथमिकता देने को कहा गया, ताकि जैव विविधता का संरक्षण हो सके। जिला गंगा समिति की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने काक नदी के पुनरुद्धार के लिए आवश्यक बजट की मांग प्रस्तावित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नदी के आसपास स्थित 15 ग्राम पंचायतों और विद्यालयों में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि नदियों का संरक्षण जनभागीदारी के बिना संभव नहीं है, इसलिए आमजन को इसके प्रति जागरूक करना बेहद जरूरी है। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी को जन चौपाल के माध्यम से ग्राम पंचायत स्तर पर विलुप्तप्राय काक नदी के पुनर्जीवन हेतु जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए। बैठक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन और कंस्ट्रक्शन एवं डिमोलिशन वेस्ट प्रबंधन की भी समीक्षा की गई। संबंधित विभागों द्वारा प्रस्तुत अनुपालन आख्या का परीक्षण किया गया। जिलाधिकारी ने सभी प्रकार के अपशिष्टों के समुचित निस्तारण के लिए एक एकीकृत कार्ययोजना तैयार कर जिला पर्यावरण समिति को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से बायोमेडिकल वेस्ट और ई-वेस्ट के सुरक्षित निस्तारण पर जोर देते हुए कहा कि इन्हें खुले में फेंकना गंभीर पर्यावरणीय और स्वास्थ्य जोखिम उत्पन्न करता है। बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण अभियान को जन आंदोलन के रूप में संचालित करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित की जाए बैठक का संचालन आर्यन गौड़ द्वारा किया गया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद मिश्रा, प्रभागीय वनाधिकारी विपिन वर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेन्द्र प्रसाद सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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