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    एएमयू में फायरिंग के आरोपी छात्र की एंट्री बैन:हॉस्टल में मिले थे नकली नोट, कारतूस और जाली मार्कशीट, भगाने वाला दोस्त ऑडी समेत गिरफ्तार

    2 hours ago

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    अलीगढ़ के थाना क्वार्सी क्षेत्र के एफएम टावर के पास रिहायसी इलाके में घर पर हुई फायरिंग की घटना और हॉस्टल से कारतूस, नकली नोट व फर्जी दस्तावेज मिलने के मामले में एएमयू प्रशासन ने छात्र शहबाज को निलंबित कर दिया है। वहीं, उसकी फरारी में मदद करने वाले करीबी दोस्त आसिफ इदरीश को पुलिस ने ऑडी कार सहित गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मुख्य आरोपी शहबाज और उसका साथी मोहम्मद आकिल अभी फरार हैं। सीसीटीवी फुटेज से हुई थी नबाकपोश की पहचान एफएम टावर के पास सोमवार रात को बाइक खड़ी करने के विवाद में हुए झगड़े के बाद घर पर फायरिंग की गई थी। घटना सीसीटीवी में कैद होने के बाद नकाबपोश आरोपी की पहचान शहंशाहबाद निवासी शहबाज उर्फ छोटू की पहचान हुई। जांच में सामने आया कि वह एएमयू में एमसीए द्वितीय वर्ष का छात्र है और सर जियाउद्दीन हॉल के जफर अहमद सिद्दीकी हॉस्टल में अवैध रूप से रह रहा है। हॉस्टल से मिला संदिग्ध सामान बुधवार को पुलिस ने हॉस्टल के कमरे में दबिश दी तो वहां से मैग्जीन, कारतूस, नकली नोट, फर्जी दस्तावेज और कई पहचान पत्र बरामद हुए। इनमें शहबाज के अलावा बरेली निवासी मोहम्मद आकिल के नाम से बने आधार, पैन कार्ड, पासपोर्ट और शैक्षणिक प्रमाणपत्र शामिल हैं। मौके से तीनों आरोपी फरार हो गए थे, जिसके बाद सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। दोस्त ने भागने में की मदद, खुद भी शामिल रहा साजिश में एसपी सिटी आदित्य बंसल ने बताया कि गिरफ्तार आसिफ इदरीश ने पूछताछ में कबूल किया कि उसने शहबाज को हॉस्टल से निकालकर शहर से फरार होने में मदद की। वह उसका करीबी दोस्त है और उसके आपराधिक षड्यंत्रों में भी शामिल रहा है। पुलिस का कहना है कि शहबाज हथियार और कारतूस लाता था, जबकि आसिफ उसे आर्थिक व अन्य मदद देता था। हालांकि, हथियार और नकली नोटों की तस्करी के नेटवर्क पर उसने स्पष्ट जानकारी नहीं दी। आसिफ रहे चुका है एएमयू छात्र आसिफ पहले एएमयू का छात्र रह चुका है और फिलहाल शहर में फॉरेन लैंग्वेज की कोचिंग चलाता है। उसके पास से दो मोबाइल फोन और फरारी में इस्तेमाल की गई ऑडी कार बरामद हुई है। उस पर पहले से दो मुकदमे भी दर्ज हैं, जिनमें एक 2019 के सीएए-एनआरसी विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। एजेंसियों की भी नजर, नेटवर्क की तलाश जारी मामले की गंभीरता को देखते हुए खुफिया एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं। जेल भेजे गए आसिफ और छात्र मुदस्सिर से पूछताछ की गई है। पुलिस का कहना है कि शहबाज और आकिल की गिरफ्तारी के बाद ही तस्करी नेटवर्क के पूरे लिंक स्पष्ट हो पाएंगे। मुदस्सिर पर सीधे आरोप के साक्ष्य नहीं हॉस्टल से मिले लैपटॉप के आधार पर मुरादाबाद निवासी छात्र मुदस्सिर को भी नामजद किया गया था, लेकिन अब तक जांच में उसके खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले हैं। पुलिस के अनुसार, वह केवल कभी-कभार शहबाज के कमरे में आता-जाता था। फिलहाल उससे पूछताछ जारी है। फर्जी दस्तावेज से लिया दाखिला, कैंपस में एंट्री बैन एएमयू प्रशासन ने जांच में पाया कि शहबाज ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दाखिला लिया था। इसी के चलते उसे निलंबित कर परिसर में प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई है। प्रॉक्टर प्रो. नवेद खान के अनुसार, दस्तावेजों की संबंधित बोर्डों से जांच कराई जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। कोर्ट ने मांगे सीसीटीवी फुटेज आसिफ इदरीश की पेशी के दौरान उसके वकीलों ने गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए रिमांड खारिज करने की मांग की, लेकिन अदालत ने याचिका खारिज कर दी। साथ ही, पुलिस को 13 अप्रैल को संबंधित थानों के सीसीटीवी फुटेज पेश करने के निर्देश दिए हैं। एसएसपी नीरज जादौन का कहना है कि फायरिंग कांड में शामिल मुख्य आरोपी अभी फरार है। उसकी तलाश जारी है।
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