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    डिजिटल अरेस्ट कर ₹60 लाख ठगने की कोशिश नाकाम:लखनऊ में 86 साल के बुजुर्ग फंस चुके थे, समय रहते बेटी पहुंची साइबर सेल

    4 hours ago

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    लखनऊ साइबर सेल टीम ने 86 साल के बुजुर्ग को साइबर जालसाजों से बचाया। जालसाजों ने खुद को सीबीआई और आरबीआई अधिकारी बताकर बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट करने की धमकी देकर 60 लाख रुपए ठगने की कोशिश की। हालांकि समय रहते बेटी की सतर्कता और साइबर सेल की सक्रियता से बड़ी ठगी टल गई। इंस्पेक्टर साइबर सेल सुनील सिंह ने बताया- सीतापुर रोड स्थित शालीमार कोर्टयार्ड निवासी हामिद मुस्तफा (86) जो पंचायती राज विभाग से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं, को 8 अप्रैल को व्हाट्सएप वीडियो कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को सीबीआई और आरबीआई का अधिकारी बताते हुए उन्हें मानव तस्करी के मामले में आरोपी बताया और ‘डिजिटल अरेस्ट’ की बात कही। साथ ही परिवार को जानकारी देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। ठगों ने मामले से बचाने के नाम पर 60 लाख रुपए की मांग की और रात में अकेले बात करने के निर्देश दिए। डर के कारण बुजुर्ग ने रकम देने की सहमति दे दी और खाते से 70 लाख रुपए का चेक काटने की तैयारी कर ली। बेटी शक होने पर साइबर क्राइम सेल पहुंची इस दौरान उनकी बेटी हुमा मुस्तफा को पिता की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। उन्होंने तुरंत साइबर क्राइम सेल, हजरतगंज पहुंचकर मामले की जानकारी दी। इसके बाद साइबर पुलिस टीम ने परिवार के साथ मिलकर बुजुर्ग की काउंसलिंग की और मोबाइल व लैपटॉप की जांच की। काफी समझाने के बाद हामिद मुस्तफा को एहसास हुआ कि वे साइबर ठगी का शिकार होने वाले थे। समय रहते हस्तक्षेप से 60 लाख रुपए की संभावित ठगी टल गई। पीड़ित की बेटी ने साइबर सेल का आभार जताया। जांच एजेंसी डिजिटल अरेस्ट नहीं करती साइबर सेल ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या लिंक पर भरोसा न करें। कोई भी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल पर ‘डिजिटल अरेस्ट’ नहीं करती। संदिग्ध स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें या नजदीकी साइबर थाने में सूचना दें।
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