Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    CSJMU में विश्व ऑप्टोमेट्री सप्ताह:छात्रों ने रील और रंगोली से दिया आंखों की सेहत का संदेश, विजेताओं को मिला सम्मान

    1 hour ago

    1

    0

    छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के स्कूल ऑफ हेल्थ साइंसेज में बुधवार को विश्व ऑप्टोमेट्री सप्ताह 2026 का आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम 'ए शेयर्ड विजन' रखी गई थी, जिसका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर आंखों की देखभाल के लिए समन्वय बढ़ाना है। इस अवसर पर छात्रों ने अपनी रचनात्मकता के माध्यम से लोगों को आंखों की बीमारियों और उनके बचाव के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता और नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. शरद बाजपेई ने छात्रों को संबोधित करते हुए आधुनिक तकनीक और ऑप्टोमेट्री की बदलती भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने जोर दिया कि वर्तमान समय में आंखों की देखभाल के लिए नई तकनीकों को अपनाना और मरीजों के प्रति सेवा भाव रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। डॉ. बाजपेई ने छात्रों को व्यावसायिक नैतिकता और भविष्य की चुनौतियों के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी। जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। छात्रों ने पोस्टर प्रेजेंटेशन, क्विज, रंगोली और मॉडल मेकिंग के जरिए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। वर्तमान डिजिटल युग को ध्यान में रखते हुए रील मेकिंग प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें छात्रों ने सोशल मीडिया के माध्यम से नेत्र देखभाल का संदेश दिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति प्रो. सुधीर कुमार अवस्थी ने बताया कि समाज में नेत्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की कमी है, जिसे ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से दूर किया जा सकता है। इस आयोजन के दौरान संस्थान की सहायक निदेशिका डॉ. हिना वैश्य, धीरज कुमार और अन्य शिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन सहायक आचार्य विश्वदीप मिश्रा ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. चंद्रशेखर कुमार, डॉ. आदर्श कुमार श्रीवास्तव, उमेश कुमार मौर्या, डॉ. अनामिका दीक्षित, डॉ. अल्का कटियार और संतोष कुमार यादव समेत पूरी टीम का सहयोग रहा। शिक्षकों ने छात्रों को बताया कि ऑप्टोमेट्री केवल चश्मा बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्लोबल आई केयर का एक बड़ा हिस्सा है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    मुरादाबाद कॉलेज में वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित:मेधावी छात्रों को सम्मानित किया, 85% पर फीस माफी की घोषणा
    Next Article
    LPG किल्लत के बीच काशी में बढ़ी 'डीजल-चूल्हा' की डिमांड:महीने में बिक रहे 30 चूल्हे, 25 हजार के चूल्हे का होटल व्यवसाइयों में क्रेज

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment