Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    छोटी बहन...मोदी के ऐलान से झूमी Sanae Takaichi, भारत ने कैसे जापान को हमेशा के लिए बदल दिया

    3 hours ago

    2

    0

    जब भी दुनिया के दो सबसे पक्के दोस्तों की बात होती है तो भारत और जापान का नाम सबसे ऊपर आता है। यह सिर्फ दो देशों का व्यापारिक समझौता नहीं है बल्कि यह दिल का रिश्ता है जहां एक तरफ जापान ने भारत को आधुनिक तकनीक, रफ्तार और आर्थिक मजबूती दी। वहीं भारत ने जापान को मानसिक शांति, सांस्कृतिक, बौद्ध धर्म और जीने का एक नया नजरिया दिया है। आज हम और आप जिस मेट्रो में सफर करते हैं, उसकी शुरुआत में जापान का बहुत बड़ा हाथ है। दिल्ली मेट्रो से लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे मेट्रो प्रोजेक्ट्स और मुंबई, अहमदाबाद, बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में जापान ने ना सिर्फ भारीभरकम आर्थिक मदद यानी लोन और निवेश दी है। बल्कि अपनी सबसे बेस्ट शिनकसेस तकनीक भी भारत को साझा की है। लेकिन बात यहीं नहीं रुकती। आज के डिजिटल युग में जापान भारत को भविष्य की सबसे बड़ी ताकतें दे रहा है। जैसे सेमीकंडक्टर और कंप्यूटर माइक्रो चिप्स। इसे भी पढ़ें: India Japan Forum: PM Modi का बड़ा लक्ष्य, 10 ट्रिलियन Yen के निवेश से दोगुनी होंगी कंपनियांइलेक्ट्रॉनिक्स की दुनिया की बात करें तो जापान का कोई मुकाबला नहीं है। अब दोनों देश मिलकर भारत में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम बना रहे हैं। आने वाले कल की तकनीक यानी एआई रोबोटिक्स और सुपरफास्ट इंटरनेट के क्षेत्र में जापान लगातार भारत की मदद कर रहा है। साथ ही हिंद महासागर में शांति बनाए रखने के लिए दोनों देशों की सेनाएं मिलकर जिममेक्स और मालाबार जैसे बड़े युद्ध अभ्यास करती हैं। यानी सुरक्षा के क्षेत्र में जापान भारत के साथ कदमताल कर रहा है। अब आते हैं सबसे बड़े सवाल पर कि भारत ने जापान को क्या दिया? कई लोग सोचते हैं कि भारत सिर्फ तकनीक ले रहा है। लेकिन सच तो यह है साथियों कि भारत ने जापान को जो दिया है उसके बिना आज का जापान वैसा होता ही नहीं। भारत ने जापान को जो सबसे बड़ी चीज दी है वो है बौद्ध धर्म। इस धर्म ने जापान को हमेशा के लिए बदल कर रख दिया है। इसे भी पढ़ें: भाई-बहन की जोड़ी मोदी-ताकाइची ने रचा इतिहास, हिंद प्रशांत में संतुलन की नई धुरी बने भारत-जापानजापान की बहुसंख्यक आबादी बौद्ध धर्म को मानने वाली है। छठी शताब्दी में भारत से चीन और कोरिया होते हुए बौद्ध धर्म जापान पहुंचा। आज जापान की संस्कृति, वहां के लोगों का अनुशासन और शांत स्वभाव इसी बौद्ध दर्शन की देन है। जापान के कई देवी देवता सीधे तौर पर हमारे हिंदू देवी देवताओं से प्रेरित रहे हैं। उदाहरण के तौर पर देखें तो मां सरस्वती को वहां पे बेंजाइतेन और कुबेर जी को विषमुतेन कहा जाता है। अब आते हैं योग और अध्यात्म पर। आज के तनाव भरे माहौल में जापान के लोग मानसिक शांति के लिए भारतीय योग और अध्यात्म को तेजी से अपना रहे हैं। टोक्यो जैसे बड़े शहरों में तो योग स्टूडियोज की तो जैसे बाढ़ ही आ गई है। साथ ही भारत ने जापान को बड़े स्तर पर लौ अयस्क दी है। जब दूसरे विश्व युद्ध के बाद जापान पूरी तरह से तबाह बर्बाद हो गया था, और उसे दोबारा खड़ा होने के लिए कच्चे माल की जरूरत थी, तब भारत ने जापान को भारी मात्रा में हाई क्वालिटी का लोहा दिया था। इसी लोहे से जापान ने अपनी मजबूत इमारतें, कारें और ट्रेनें बनाई। देखा जाए तो दोस्ती के इस रिश्ते को लेकर दोनों देशों के बीच कमाल का संतुलन है। भारत के पास युवा आबादी है तो एक बहुत बड़ा बाजार भी है। जबकि जापान के पास अनुभव, तकनीक और पैसा है। साथियों, जब भारत की ताकत और जापान की तकनीक मिलती है तो दुनिया की बड़ी से बड़ी चुनौतियां भी छोटी लगने लगती है। Stay updated with Latest International News in Hindi https://www.prabhasakshi.com/international on Prabhasakshi  
    Click here to Read more
    Prev Article
    अल अक्सा के लिए इजरायल से जंग? एर्दोगान VS नेतन्याहू, खुली ललकार
    Next Article
    Ali Khamenei के जनाजे में उमड़ा जनसैलाब, ताबूत पर लाल झंडे ने खींचा दुनिया का ध्यान, बेटे Mojtaba Khamenei की अनपुस्थिति भी चर्चा का विषय

    Related विदेश Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment