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    चाय से नहीं मरी सास तो रोटी में मिलाया जहर:लखनऊ में बहू बोली- मिलने में रोक लगाती थी; पढ़िए मामी-भांजे की लवस्टोरी

    3 hours ago

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    लखनऊ के काकोरी थाना क्षेत्र के इब्राहिमगंज गांव में 65 साल की शांति देवी हत्याकांड में नया खुलासा हुआ है। आरोपी बहू शालिनी ने कबूल किया है कि उसने 10 दिन पहले भी सास की जान लेने की कोशिश की थी। उस समय कीटनाशक दवा चाय में मिलाकर दी थी। सास ने पूरी चाय नहीं पी इसलिए बच गई। इसके बाद 5 अप्रैल को उसने आटे में कीटनाशक मिलाकर रोटी बनाई। इस बार सास को रोटी कड़वी लग रही थी, लेकिन किसी तरह उसने कई निवाले खाए। करीब डेढ़ रोटी खाने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। आरोपी बहू शालिनी ने दोनों बार चचेरे भांजे सतीश से कीटनाशक मंगवाया। उसका अफेयर सगे भांजे करन से था। करन अपनी नानी के मौत के बाद से फरार है। पुलिस उसे ढूंढ़ रही है। वहीं, शालिनी हिरासत में है। सास शांति देवी की डेडबॉडी पुलिस ने कब्र से निकलवाकर आंतों से विसरा लिया है। इस रिपोर्ट में पढ़िए भांजे से अकेले में मिलने की बात क्या मामा को नहीं पता थी? पता थी तो रोकने के लिए उसने क्या किया? और मामी-भांजे की लवस्टोरी कैसे शुरू हुई… पहले पढ़िए पूरा मामला- मृतक शांति के बेटे यानी आरोपी शालिनी के पति मनोज रावत के मुताबिक, शालिनी से 4 साल पहले शादी हुई। शादी के एक साल बाद दोनों को बेटा हुआ। सब अच्छा चल रहा था। मनोज का एक भांजा करन इराक में नौकरी करता है। वह इसी साल जनवरी में इराक से छुट्टी आया। जब ननिहाल आया तो उसका मामी शालिनी से अट्रैक्शन हो गया। दोनों मिलने लगे। जनवरी में करन एक बार ननिहाल से जाने के बाद 2 बार और आया। फरवरी में 3-4 बार फिर आया। उस समय तो रिश्तेदार होने की वजह से किसी को अफेयर की शंका नहीं हुई। करन दोबारा इराक नहीं गया और उसका मामी शालिनी से मिलना जारी रहा। शालिनी फोन पर करन से बात पकड़ी गई तो मनोज ने उसका फोन तोड़ दिया। इस दौरान चचेरे भांजे सतीश ने करन का साथ दिया। मनोज के न होने पर करन उसी के फोन पर कॉल करता तो वह मामी शालिनी के पास बात कराने पहुंच जाता। यह बात सास शांति देवी को अखरने लगी। वह अड़ंगा लगाने लगी। इसी वजह से शालिनी ने सास को मार डाला। इब्राहिमगंज से करीब 22 किलोमीटर दूर से भांजा करन अपनी मामी शालिनी से मिलने आता था। अब पढ़िए आरोपी के पति की आपबीती- डेढ़ रोटी खाते ही बिगड़ी मां की तबीयत मनोज रावत ने बताया- 5 अप्रैल को मां शांति देवी की खाना खाने के बाद अचानक तबियत बिगड़ने लगी। मां ने बताया कि रोटी कुछ कड़वा रही है। डेढ़ रोटी खाने के बाद जी मिचलाने लगा। घर से बाहर निकलकर उल्टी करने लगीं। मैं भागकर उल्टी की दवा लेकर आया। दवा देने के बाद भी उल्टी नहीं रुकी। बहन के कहने पर जुनाबगंज डॉक्टर के पास ले गए। वहां डॉक्टर ने भर्ती कर लिया। मां को इंजेक्शन लगाया। दर्द थोड़ा कम हुआ तो मां सो गईं। कुछ देर बाद अचानक से फिर तबियत बिगड़ गई। डॉक्टर ने तुरंत गाड़ी मंगाई और मां को प्रसाद अस्पताल ले गए, जहां 6 अप्रैल को मां की मौत हो गई। इसके बाद उनके शव को लाकर घर के पास दफना दिया गया। पत्नी हर बार अलग बात बता रही थी मां को दफनाने बाद 6 अप्रैल की रात में घर में मां के रोटी खाने के बाद अचानक तबीयत बिगड़ने की बात को लेकर चर्चा होने लगी। पत्नी शालिनी से मां को दी गई रोटी के बारे में पूछा गया। उसने बताया कि मां से बची हुई रोटी बाहर रखी है। मैं बाहर रोटी देखने गया। बाहर रोटी नहीं मिली तो शक पैदा हुआ। इस बीच 7 अप्रैल को रोटी एक पन्नी में लपेटी हुई घर के अंदर रखे मोरंग में मिली। उसके बारे में पूछने पर पत्नी गुमराह करने लगी। इस पर मैंने उससे कहा कि कब्र खोदवाकर पोस्टमॉर्टम कराऊंगा, वर्ना सच बताओ क्या हुआ है? इस पर पत्नी ने कहा कि वह कुछ नहीं जानती है। शव का पोस्टमॉर्टम करवा लो। इसके बाद गांव के लोगों को पंचायत बुलाई गई। वहां पर बातचीत हो रही थी तभी चचेरा भांजा सतीश आकर खुद ही बोला कि शालिनी मामी ने दो बार रुपए देकर कीटनाशक दवा मंगवाई थी। इस पर शालिनी से पूछा गया तो उसने कहा कि कीटनाशक नानी के घर भिजवाने के लिए मंगवाया था। मैंने कहा कि तुम्हारी नानी का घर यहां से 2 किलोमीटर ही दूर है। उनको बुलाता हूं, सब क्लियर हो जाएगा। नानी को बुलाने की बात की गई तो पत्नी शालिनी घबरा गई। अब पढ़िए आरोपी बहू का कबूलनामा- 10 दिन पहले चाय में मिलाया था जहर मनोज रावत ने बताया- कड़ाई से पूछा गया तो शालिनी ने पूरी बात कबूल की। उसने कहा कि सतीश से 2 बार कीटनाशक दवा मंगवाई थी। एक बार ड्रॉप के रूप में मंगाया था, जिसे चाय में डालकर सास को दिया था, लेकिन उन्होंने चाय खराब आने पर फेंक दी जिससे बच गईं। उसके 10 दिन बाद पाउडर के रूप में कीटनाशक दवा मंगवाई और 5 अप्रैल को रोटी में मिलाकर सास को दे दी। उसे खाने से सास की मौत हो गई। उसने बताया कि भांजे करन ने ही कहा था कि नानी को अगर मार डालिए तो हमारे रास्ते का कांटा हट जाएगा। उसके कहने पर ही सास की जान ली। करन से मिलकर हत्या की साजिश रची मनोज ने बताया कि घटना का खुलासा होने पर 7 अप्रैल को परिवार के लोगों की पंचायत बुलाई गई। इसके बाद शालिनी से सवाल जवाब शुरू हुआ। शालिनी ने सभी के सामने अपना जुर्म कबूल किया। उसने बताया कि करन के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी। यह बताते हुए शालिनी का गला बैठ गया था। उसके कबूलनामा का पंचायत में मौजूद लोगों ने चुपके से वीडियो बना लिया था। मामले की पुलिस से शिकायत की। 10 अप्रैल को शालिनी और भांजे करन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। अब पढ़िए मामी-भांजे की लवस्टोरी- इराक से आने के बाद मामी-भांजे में बढ़ीं नजदीकियां मनोज रावत ने बताया- 4 साल पहले उनकी शादी शालिनी से हुई थी। शादी के एक साल बाद बेटे का जन्म हुआ। सब अच्छा चल रहा था। जनवरी में भांजा करन इराक से कमाकर लौटा। इसके बाद यहां भी आया था। उसी महीने एक-दो बार घर आया। शालिनी से उसकी बातचीत शुरू हो गई। दोनों में नजदीकियां बढ़ गईं। शुरू में तो रिश्तेदार होने की वजह से किसी को संदेह नहीं हुआ, लेकिन कुछ दिन बाद मुझे शक हुआ। मैंने शालिनी से पूछा तो उसने साफ इन्कार करते हुए मुझसे झगड़ा कर लिया। भांजा करन का घर में आने का सिलसिला शुरू हो गया और जब मैं जब भी शालिनी से पूछता तो वह मुझसे झगड़ा करने लगती थी। बात करते पकड़ा तो फोन तोड़ा, फिर भी नहीं मानी मुझे पत्नी शालिनी पर शक था ही, एक दिन उसे फोन पर करन से बात करते पकड़ लिया। मैंने शालिनी का मोबाइल तोड़ दिया। इसके बाद करन और शालिनी का संपर्क कुछ दिन नहीं हुआ। इस बीच करन ने मेरे घर के सामने रहने वाले चचेरे भांजे सतीश को पैसे का लालच देकर अपने साथ कर लिया। सतीश दिन में कई बार घर जाकर करन की मोबाइल पर शालिनी से बात कराता था। जब मैं अपने पिता की सब्जी की दुकान पर जाता था तो सतीश भाई घर आता था। मां शांति देवी इसका विरोध करती थी, जो पत्नी को नागवार गुजरता था। इस वजह से ही उसने करन के कहने पर मां को मार डाला।
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