Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    चंडीगढ़- प्रॉपर्टी डीलर का मर्डर कराने वाली BJP नेता भी:पंजाब ADGP की भाभी, समाज सेवा भी करती; गैंगस्टर को ₹50 लाख की सुपारी दी

    6 hours ago

    2

    0

    चंडीगढ़ में 2 महीने पहले प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत सिंह उर्फ चिन्नी कुब्बाहेड़ी का मर्डर कराने वाली अमरीन राय ने भाजपा की नेता निकली। वह 2 साल से पंजाब भाजपा में एक्टिव थी। इसके अलावा समाज सेवक के तौर पर भी एक्टिव रहती थी। अमरीन राय पंजाब के एक ADGP की भाभी है। उसने 8 एकड़ जमीन के विवाद में बंबीहा गैंग के गैंगस्टर लक्की पटियाल को चिन्नी के मर्डर की 50 लाख की सुपारी दे दी। पुलिस अमरीन को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस की पूछताछ में अब उससे चिन्नी कुब्बाहेड़ी से विवाद की पूरी वजह सामने आई है। अमरीन को शक था कि चमनप्रीत ने उसे धोखा दिया, प्रॉपर्टी महंगे दामों पर बेची और कब्जा भी नहीं दिया, जिससे उसे नुकसान हुआ। इसी रंजिश में उसने उसे सबक सिखाने के लिए हत्या की साजिश रची। चिन्नी के परिवार का कहना है कि उनका बेटा तो महिला का भला चाहता था लेकिन उसने ही मर्डर करवा दिया। उसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए। चिन्नी से अमरीन कैसे जुड़ी, विवाद कैसे शुरू हुआ…. परिवार के बयान और पुलिस पूछताछ के हवाले से कत्ल की पूरी कहानी के लिए पढ़िए पूरी रिपोर्ट सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरी कहानी… बेटे के जरिए चिन्नी से मिली थी अमरीन चंडीगढ़ के सेक्टर-35 की रहने वाली अमरीन राय का बेटा सेक्टर-9 के एक जिम में एक्सरसाइज करने आता था। वह उम्र में छोटा था। इसी जिम में चिन्नी भी आता था। चिन्नी और अमरीन के बेटे जिम में एक-दूसरे के जानकार बने। अमरीन प्रॅापर्टी के इन्वेस्ट करती थी और चिन्नी प्रॉपर्टी कारोबारी था। इसके चलते बेटे के जरिए अमरीन करीब 3 साल पहले चिन्नी से मिली। पहले सौदे में मुनाफा हुआ तो बड़ी डील की चमनप्रीत सिंह उर्फ चिन्नी के भाई दीप इंद्र ने बताया कि चिन्नी ने अमरीन राय को न्यू चंडीगढ़ में प्रॉपर्टी खरीदकर दी थी। जिससे उसे अच्छा मुनाफा हुआ था। इसके बाद फतेहपुर टपरिया में 8 एकड़ जमीन का सौदा किया। इसमें अमरीन राय के हिस्से में करीब 34 कनाल 8 मरले जमीन बनती थी। यह प्रॉपर्टी भी फायदे में थी। जमीन की रजिस्ट्री भी उनके पास पड़ी हुई थी। अमरीन को पैसे हड़पने का शक हुआ रजिस्ट्री के समय पैसे कम पड़ने पर चिन्नी ने इन्वेस्टर इकट्ठा किए। इस दौरान चिन्नी ने अमरीन को ज्यादा जमीन दी ताकि उसे यह न लगे कि उसके हिस्सा कम किया गया है। परिवार का कहना है कि इसी बीच किसी ने अमरीन के मन में यह बात डाल दी कि उसके पैसे हड़प लिए। जिससे अमरीन चिन्नी पर शक करने लगी। जब चिन्नी को इसका पता चला तो उसने अमरीन को अतिरिक्त जमीन भी दिलाई, ताकि पूरा मामला साफ हो सके। लेन-देन निपटा लेकिन अमरीन के मन में रंजिश पैदा हो गई पुलिस जांच के मुताबिक अभी तक के बयानों में पता चला कि इसके बाद उनके बीच विवाद हो गया। हालांकि फिर अमरीन चिन्नी से रंजिश रखने लगी। उनके बीच लेन-देन का सारा मामला निपट चुका था लेकिन ऐसा लग रहा है कि अमरीन इससे बहुत नाराज थी। इसी वजह से उसने चिन्नी को सबक सिखाने की ठान ली। बेटे से चिन्नी की रेकी कराने का शक परिवार ने पुलिस के सामने शक जताया कि जनवरी महीने से ही चिन्नी की रेकी शुरू हो चुकी थी। अमरीन का बेटा अब भी जिम आता था लेकिन वह ज्यादा एक्सरसाइज नहीं करता था। इससे शक जताया जा रहा है कि वह सिर्फ चिन्नी की रेकी कर रहा था कि कब मौका मिले और उसकी हत्या कराई जा सके। प्रॉपर्टी डीलर ने कराई लक्की पटियाल से बात पुलिस की जांच में पता चला कि मोहाली के गांव कैम्बाला के प्रॉपर्टी डीलर हर्षप्रीत सिंह अमरीन और गैंगस्टर लक्की पटियाल के बीच मिडिलमैन बना। हर्षप्रीत ने ही एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए अमरीन और गैंगस्टर लक्की पटियाल के बीच टाईअप कराया। कत्ल के बदले पटियाल ने एक करोड़ रुपए मांगे लेकिन बाद में सौदा 50 लाख में तय हो गया। पटियाल ने 2 शूटर अरेंज किए, हथियार दिए पुलिस के अनुसार, इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए गैंगस्टर लक्की पाटियाल ने पूरी साजिश रची। उसने शूटर्स रंजन उर्फ पियूष पहलवान और प्रीतम को वारदात के लिए तैयार किया। दोनों को हत्या के लिए जरूरी हथियार मुहैया कराए गए। कत्ल के बाद भागने के लिए बाइक और खर्च के लिए पैसे भी दिए गए। पुलिस जांच में सामने आया कि 18 मार्च को दोनों शूटर पहले से ही जिम के बाहर पहुंचकर मौके की रेकी कर चुके थे। जिम से बाहर निकलते ही चिन्नी को गोलियां मारीं जैसे ही चमनप्रीत सिंह जिम से बाहर निकला, दोनों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। इस पूरी घटना को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया, जिसमें शूटरों को पहले से निर्देश दिए गए थे और भागने का रूट भी तय किया गया था। पुलिस अब इस मामले में शामिल अन्य लोगों और नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। हर्षप्रीत की गिरफ्तारी से खुला राज पुलिस के मुताबिक 29 अप्रैल को क्राइम ब्रांच की टीम को गुप्त सूचना मिली थी। जिसके बाद मलोया स्थित सत्संग भवन के पास नाका लगाया गया। इसी दौरान पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर हर्षप्रीत सिंह (27) को रोका और तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक विदेशी .45 बोर पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए। पुलिस ने पूछताछ की तो पिस्टल अमरीन का निकला पुलिस ने आरोपी को पकड़कर पूछताछ शुरू की। जांच में पता चला कि बरामद पिस्टल अमरीन के नाम पर रजिस्टर्ड है, जिससे उसके शामिल होने की बात सामने आई। पूछताछ के दौरान हर्षप्रीत ने कई अहम खुलासे किए, जिसके बाद पुलिस ने मामले को कॉन्ट्रैक्ट किलिंग से जोड़कर जांच तेज कर दी। बरामद हथियार और अवैध रूप से रखने के चलते हर्षप्रीत के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धाराओं 25, 54 और 59 के तहत केस दर्ज किया गया। परिवार बोला- विवाद था तो बैठकर सुलझा लेती प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत सिंह उर्फ चिन्नी की करीब दो महीने पहले चंडीगढ़ सेक्टर-9 में दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उसके परिवार का कहना है कि अगर कोई जमीन विवाद था तो उसे बैठकर सुलझाया जा सकता था, मगर एक शक ने चिन्नी की जान ले ली। उनका बेटा अब वापस नहीं आएगा। परिवार ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि जिसका वे भला चाहते हैं, वही उनके बेटे को मरवा देगी।
    Click here to Read more
    Prev Article
    मां बोली- गर्लफ्रेंड बेटे को घर बुलाती:नहाते हुए चैट करती, बेडरूम के न्यूड वीडियो; लुधियाना में शादी न करने पर कहा- गोलियां खाकर मर जा
    Next Article
    ‘माइकल’ की सुनामी में बह गईं बाकी फिल्में, 12 दिनों में बना डाला नया रिकॉर्ड

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment